{"_id":"6994c8639c9a74e0df057e8f","slug":"four-youths-found-using-animal-medicine-for-intoxication-kaithal-news-c-18-1-knl1004-848323-2026-02-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: नशे के लिए पशुओं की दवा का प्रयोग करते मिले चार युवक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: नशे के लिए पशुओं की दवा का प्रयोग करते मिले चार युवक
Wed, 18 Feb 2026 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 18 Feb 2026 01:28 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान के तहत पुलिस और नशा जागरूकता टीम ने शिव वाटिका खनौरी बाईपास के पास चार युवकों को नशा करते हुए पकड़ा। उनके पास से दवाइयां भी बरामद हुईं, जिनके संबंध में विस्तृत जांच के लिए उन्हें थाना शहर लाया गया।
बरामद दवाइयों की जांच के लिए ड्रग कंट्रोल ऑफिसर (डीसीओ) की टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम में शामिल डॉ. चेतन वर्मा और डॉ. हरीश कुमार ने दवाओं का निरीक्षण कर बताया कि ये प्रतिबंधित श्रेणी में नहीं आतीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये दवाइयां पशुओं के एलर्जी उपचार में प्रयुक्त होती हैं। इसके बाद चारों युवकों की काउंसलिंग कर उनका मेडिकल परीक्षण करवाया गया। उन्हें सरकारी अस्पताल स्थित नशा मुक्ति केंद्र में दवाइयां दिलवाई गईं। दो युवकों की हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती भी कराया गया।
पूछताछ के दौरान युवकों ने उन्हें नशा उपलब्ध करवाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों के बारे में जानकारी दी। इस आधार पर थाना शहर एसएचओ इंस्पेक्टर गीता की अगुवाई में पुलिस ने संभावित सप्लायरों के ठिकानों पर दबिश दी, हालांकि आरोपी अपने ठिकानों पर नहीं मिले। जिला पुलिस ने बताया कि एक ओर जहां युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर नशा तस्करों के खिलाफ सख्त अभियान चलाकर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कैथल। चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान के तहत पुलिस और नशा जागरूकता टीम ने शिव वाटिका खनौरी बाईपास के पास चार युवकों को नशा करते हुए पकड़ा। उनके पास से दवाइयां भी बरामद हुईं, जिनके संबंध में विस्तृत जांच के लिए उन्हें थाना शहर लाया गया।
बरामद दवाइयों की जांच के लिए ड्रग कंट्रोल ऑफिसर (डीसीओ) की टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम में शामिल डॉ. चेतन वर्मा और डॉ. हरीश कुमार ने दवाओं का निरीक्षण कर बताया कि ये प्रतिबंधित श्रेणी में नहीं आतीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये दवाइयां पशुओं के एलर्जी उपचार में प्रयुक्त होती हैं। इसके बाद चारों युवकों की काउंसलिंग कर उनका मेडिकल परीक्षण करवाया गया। उन्हें सरकारी अस्पताल स्थित नशा मुक्ति केंद्र में दवाइयां दिलवाई गईं। दो युवकों की हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती भी कराया गया।
विज्ञापन
पूछताछ के दौरान युवकों ने उन्हें नशा उपलब्ध करवाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों के बारे में जानकारी दी। इस आधार पर थाना शहर एसएचओ इंस्पेक्टर गीता की अगुवाई में पुलिस ने संभावित सप्लायरों के ठिकानों पर दबिश दी, हालांकि आरोपी अपने ठिकानों पर नहीं मिले। जिला पुलिस ने बताया कि एक ओर जहां युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर नशा तस्करों के खिलाफ सख्त अभियान चलाकर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन