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Kaithal News: कलायत के पूर्व डीएसपी को किया जाएगा सम्मानित
Sun, 20 Apr 2025 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 20 Apr 2025 01:35 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कलायत के पूर्व डीएसपी सज्जन सिंह को कुशलता से कर्तव्य निर्वहन के लिए विभिन्न समाज सेवी संगठन और नागरिक संयुक्त रूप से सम्मान देने की तैयारी कर रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024 में रिटायर्ड हुए सज्जन सिंह ने बेहतरीन ढंग से जांच कार्यवाही को पूरी करते हुए कलायत क्षेत्र से जुड़े दो अहम मामलों में आरोपियों को कड़ी सजा दिलवाने में अहम भूमिका निभाई।
इसमें एक मामले में सात वर्षीय मासूम बच्ची को दुष्कर्म का शिकार बनाते हुए जिंदा जलाने वाले दोषी को फांसी सजा मिली। यह कैथल का अपनी तरह का पहला मामला रहा। वर्ष 2022 से जुड़े एक अन्य मामले में डीएसपी की गई जांच के बाद आरोपियों को उम्र कैद और जुर्माना की सजा हाल में ही सुनाई गई है।
इस तरह हत्या, अपहरण, एससीएसटी, लूट, धोखाधड़ी, चोरी व अन्य गंभीर मामलों की उलझी गुत्थी को सुलझाने में सज्जन सिंह फास्ट ट्रैक से जांच करते हुए सफल रहे। इसके मद्देनजर समाज सेवी संगठनों ने कुशलता से कार्य करने वाले अधिकारियों का उत्साह बढ़ाने के लिए सम्मान देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही सरकार ने होनहार अधिकारियों के लिए विशेष नीति बनाकर सम्मान के पलक पर बैठाने की मांग की जा रही है।
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वर्ष 1994 में सज्जन सिंह ने एएसआई के तौर पर हरियाणा पुलिस में अपनी सेवाएं शुरू की थी। अपनी मेहनत, लगन और कुशल कार्यप्रणाली की बदौलत वे वर्ष 2016 डीएसपी के पद पर पहुंचें। कलायत उप मंडल में सेवाएं देते हुए सज्जन सिंह ने तत्कालीन थाना प्रभारी बलदेव सिंह मलिक, दूसरे अधिकारियों और आम जन के साथ तालमेल बनाकर कानून व्यवस्था को मजबूती देने का एक नया अध्याय लिखा।
पीड़ित बच्ची के पिता बोले थे- अदालत से मिला न्याय
कोर्ट के फैसले के बाद पीड़ित बच्ची के पिता ने न्यायालय का आभार जताया था। उन्होंने कहा था कि जिस तरह से दोषी ने बच्ची के साथ दरिंदगी की थी, अदालत ने उसका न्याय किया है। उन्हें कोर्ट से न्याय की आस थी और वह पूरा हुआ है। जघन्य अपराध के दोषी काे फांसी की सजा मिलने के बाद समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा और इस तरह के अपराधों पर अंकुश लगेगा। वहीं, ग्रामीणों ने भी एक साल से कम समय में फैसला सुनाने पर प्रसन्नता जताई थी। गौरतलब है कि केस की विशेष बात यह रही थी कि पुलिस ने मात्र पांच दिन में चालान तैयार करके अदालत में पेश कर दिया था।
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कलायत। कलायत के पूर्व डीएसपी सज्जन सिंह को कुशलता से कर्तव्य निर्वहन के लिए विभिन्न समाज सेवी संगठन और नागरिक संयुक्त रूप से सम्मान देने की तैयारी कर रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024 में रिटायर्ड हुए सज्जन सिंह ने बेहतरीन ढंग से जांच कार्यवाही को पूरी करते हुए कलायत क्षेत्र से जुड़े दो अहम मामलों में आरोपियों को कड़ी सजा दिलवाने में अहम भूमिका निभाई।
इसमें एक मामले में सात वर्षीय मासूम बच्ची को दुष्कर्म का शिकार बनाते हुए जिंदा जलाने वाले दोषी को फांसी सजा मिली। यह कैथल का अपनी तरह का पहला मामला रहा। वर्ष 2022 से जुड़े एक अन्य मामले में डीएसपी की गई जांच के बाद आरोपियों को उम्र कैद और जुर्माना की सजा हाल में ही सुनाई गई है।
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इस तरह हत्या, अपहरण, एससीएसटी, लूट, धोखाधड़ी, चोरी व अन्य गंभीर मामलों की उलझी गुत्थी को सुलझाने में सज्जन सिंह फास्ट ट्रैक से जांच करते हुए सफल रहे। इसके मद्देनजर समाज सेवी संगठनों ने कुशलता से कार्य करने वाले अधिकारियों का उत्साह बढ़ाने के लिए सम्मान देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही सरकार ने होनहार अधिकारियों के लिए विशेष नीति बनाकर सम्मान के पलक पर बैठाने की मांग की जा रही है।
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वर्ष 1994 में सज्जन सिंह ने एएसआई के तौर पर हरियाणा पुलिस में अपनी सेवाएं शुरू की थी। अपनी मेहनत, लगन और कुशल कार्यप्रणाली की बदौलत वे वर्ष 2016 डीएसपी के पद पर पहुंचें। कलायत उप मंडल में सेवाएं देते हुए सज्जन सिंह ने तत्कालीन थाना प्रभारी बलदेव सिंह मलिक, दूसरे अधिकारियों और आम जन के साथ तालमेल बनाकर कानून व्यवस्था को मजबूती देने का एक नया अध्याय लिखा।
पीड़ित बच्ची के पिता बोले थे- अदालत से मिला न्याय
कोर्ट के फैसले के बाद पीड़ित बच्ची के पिता ने न्यायालय का आभार जताया था। उन्होंने कहा था कि जिस तरह से दोषी ने बच्ची के साथ दरिंदगी की थी, अदालत ने उसका न्याय किया है। उन्हें कोर्ट से न्याय की आस थी और वह पूरा हुआ है। जघन्य अपराध के दोषी काे फांसी की सजा मिलने के बाद समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा और इस तरह के अपराधों पर अंकुश लगेगा। वहीं, ग्रामीणों ने भी एक साल से कम समय में फैसला सुनाने पर प्रसन्नता जताई थी। गौरतलब है कि केस की विशेष बात यह रही थी कि पुलिस ने मात्र पांच दिन में चालान तैयार करके अदालत में पेश कर दिया था।