{"_id":"65d8ff6f3f0361b731036614","slug":"food-supply-in-the-name-of-budget-majra-kaithal-news-c-18-1-knl1004-334075-2024-02-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"बजट के नाम पर की खानापूर्ति : माजरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बजट के नाम पर की खानापूर्ति : माजरा
Sat, 24 Feb 2024 01:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 24 Feb 2024 01:56 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पाई। प्रदेश सरकार की ओर से घोषित बजट पर शुक्रवार को पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने बजट के नाम पर केवल खानापूर्ति की है।
माजरा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने किसानों का जो ब्याज माफी करने की घोषणा कि है, इससे किसानों को कोई फायदा होने वाला नहीं है। उन्होंने बताया कि किसानों की मांग ब्याज माफी की नहीं, अपितु कर्ज माफी की है। उन्होंने बताया कि यदि किसानों के पास कर्ज का मूलधन देने को होता तो किसानों पर ब्याज ही नहीं होता, क्योंकि किसान पहले ही मूलधन दे चुके होते।
उन्होंने बताया कि ऐसी घोषणा तो पहले भी होती आ रही है। उन्होंने किसानों का कर्ज माफ करने की मांग को जायज बताते हुए कहा कि किसानों का कर्ज माफ हो और उनको स्वामीनाथन की रिपोर्ट के आधार पर फसलों की एमएसपी पर खरीद की जाए व एमएसपी पर कानून बनाया जाए।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि इस बजट से सभी का बहकाने के बारे में कहा कहा है। इसमें चिकित्सा, शिक्षा, सुरक्षा, किसान, मजदूर, व्यापारी के बारे में कुछ नहीं है। कुल मिलाकर यह थोथा बजट है।
विज्ञापन
पाई। प्रदेश सरकार की ओर से घोषित बजट पर शुक्रवार को पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने बजट के नाम पर केवल खानापूर्ति की है।
माजरा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने किसानों का जो ब्याज माफी करने की घोषणा कि है, इससे किसानों को कोई फायदा होने वाला नहीं है। उन्होंने बताया कि किसानों की मांग ब्याज माफी की नहीं, अपितु कर्ज माफी की है। उन्होंने बताया कि यदि किसानों के पास कर्ज का मूलधन देने को होता तो किसानों पर ब्याज ही नहीं होता, क्योंकि किसान पहले ही मूलधन दे चुके होते।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि ऐसी घोषणा तो पहले भी होती आ रही है। उन्होंने किसानों का कर्ज माफ करने की मांग को जायज बताते हुए कहा कि किसानों का कर्ज माफ हो और उनको स्वामीनाथन की रिपोर्ट के आधार पर फसलों की एमएसपी पर खरीद की जाए व एमएसपी पर कानून बनाया जाए।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि इस बजट से सभी का बहकाने के बारे में कहा कहा है। इसमें चिकित्सा, शिक्षा, सुरक्षा, किसान, मजदूर, व्यापारी के बारे में कुछ नहीं है। कुल मिलाकर यह थोथा बजट है।