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कैथल और पूंडरी में की मिठाई की दुकानों पर मारा छापा
ब्यूरो कैथल
Updated Fri, 07 Oct 2016 12:07 AM IST
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स्वास्थ्य विभाग ने की कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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लंबी कवायद के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद आखिरकार खुली। विभागीय अधिकारियों ने वीरवार को कैथल व पूंडरी में छापेमार कार्रवाई कर 8 खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए और जांच के लिए भेज दिए। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह छापेमार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
दीपावली सहित अन्य त्योहारों को देखते हुए जिले भर में मिलावटी मिठाई का कारोबार जोरों पर है। लोगों में मुख्य रूप से मिलावटी खोये को लेकर भय बना हुआ है। हर बार इस तरह की बातें सामने आती हैं। पिछले कुछ सालों में शहर में नकली देशी घी की फैक्ट्री भी पकड़ी गई हैं। लेकिन इस बार स्वास्थ्य विभाग द्वारा त्योहारी सीजन शुरू होने के बावजूद सैंपलिंग जैसा कोई कदम नहीं उठाया था। जिस कारण मिलावटखोरों की पौ बारह हो रही है। बताया तो यह भी जा रहा है कि शहर में कई जगह अभी भी नकली घी का धंधा जोरशोर से चल रहा है। लेकिन अभी ये पुलिस प्रशासन की पकड़ से बाहर हैं या फिर सब कुछ सेट किए हुए हैं।
विभाग ने की छापेमार कार्रवाई, हड़कंप
स्वास्थ्य विभाग ने फूड सिक्योरिटी ऑफिसर राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में पूंडरी व कैथल मेें छापेमार कार्रवाई की। जिसमें पूंडरी से 5 तो कैथल से 3 सैंपल लिए गए। इन सैंपलों को जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही अगली कार्रवाई होगी।
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5 मिठाई सहित 3 घी व क्रीम के लिए सैंपल
विभाग की टीम ने 8 सैंपलों में 1 घी, 2 क्रीम, 5 मिठाइयों में लड्डू, बर्फी व रसगुल्ला के सैंपल शामिल हैं।
इस साल काफी कम सेंपलिंग
कहने को तो स्वास्थ्य विभाग की फूड सिक्योरिटी विंग को चार साल पहले अलग विभाग का दर्जा दिया जा चुका है। लेकिन अभी तक इस विभाग में आवश्यक स्टाफ नहीं है। कैथल में फूड सिक्योरिटी ऑफिसर का पद भी खाली है। इसके लिए अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। ना ही पूरा स्टाफ है। अधिकारियों को सैंपलिंग के लिए गाड़ी भी उधारी लेनी पड़ती है। स्टाफ की कमी का आलम यह है कि इस बार अभी तक महज 87 सैंपल लिए गए हैं। जबकि विभाग द्वारा हर माह कम से कम तीस सैंपल लिए जाने चाहिए।
सबसे महत्वपूर्ण विभाग है खाद्य आपूर्ति
एडवोकेट कर्ण गौड़ के अनुसार आज खाने-पीने की वस्तुओं में सबसे ज्यादा धोखाधड़ी होती जा रही है। इसलिए खाद्य सुरक्षा विभाग सबसे जरूरी विभाग है। सरकार को चाहिए कि इस विभाग में आवश्यक भर्तियां करें। ताकि बाजार में बिकने वाली वस्तुओं की गुणवत्ता की जांच हो सके। यदि कोई गलत करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
विभाग द्वारा वीरवार को कैथल व पूंडरी में छापेमार कार्रवाई की गई है। जिसमें 8 सैंपल लिए गए हैं। यदि किसी को नकली या मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचे जाने की सूचना मिले तो विभाग को सूचित करें। यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
राजेंद्र कुमार, फूड सिक्योरिटी ऑफिसर, कैथल।
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दीपावली सहित अन्य त्योहारों को देखते हुए जिले भर में मिलावटी मिठाई का कारोबार जोरों पर है। लोगों में मुख्य रूप से मिलावटी खोये को लेकर भय बना हुआ है। हर बार इस तरह की बातें सामने आती हैं। पिछले कुछ सालों में शहर में नकली देशी घी की फैक्ट्री भी पकड़ी गई हैं। लेकिन इस बार स्वास्थ्य विभाग द्वारा त्योहारी सीजन शुरू होने के बावजूद सैंपलिंग जैसा कोई कदम नहीं उठाया था। जिस कारण मिलावटखोरों की पौ बारह हो रही है। बताया तो यह भी जा रहा है कि शहर में कई जगह अभी भी नकली घी का धंधा जोरशोर से चल रहा है। लेकिन अभी ये पुलिस प्रशासन की पकड़ से बाहर हैं या फिर सब कुछ सेट किए हुए हैं।
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विभाग ने की छापेमार कार्रवाई, हड़कंप
स्वास्थ्य विभाग ने फूड सिक्योरिटी ऑफिसर राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में पूंडरी व कैथल मेें छापेमार कार्रवाई की। जिसमें पूंडरी से 5 तो कैथल से 3 सैंपल लिए गए। इन सैंपलों को जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही अगली कार्रवाई होगी।
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5 मिठाई सहित 3 घी व क्रीम के लिए सैंपल
विभाग की टीम ने 8 सैंपलों में 1 घी, 2 क्रीम, 5 मिठाइयों में लड्डू, बर्फी व रसगुल्ला के सैंपल शामिल हैं।
इस साल काफी कम सेंपलिंग
कहने को तो स्वास्थ्य विभाग की फूड सिक्योरिटी विंग को चार साल पहले अलग विभाग का दर्जा दिया जा चुका है। लेकिन अभी तक इस विभाग में आवश्यक स्टाफ नहीं है। कैथल में फूड सिक्योरिटी ऑफिसर का पद भी खाली है। इसके लिए अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। ना ही पूरा स्टाफ है। अधिकारियों को सैंपलिंग के लिए गाड़ी भी उधारी लेनी पड़ती है। स्टाफ की कमी का आलम यह है कि इस बार अभी तक महज 87 सैंपल लिए गए हैं। जबकि विभाग द्वारा हर माह कम से कम तीस सैंपल लिए जाने चाहिए।
सबसे महत्वपूर्ण विभाग है खाद्य आपूर्ति
एडवोकेट कर्ण गौड़ के अनुसार आज खाने-पीने की वस्तुओं में सबसे ज्यादा धोखाधड़ी होती जा रही है। इसलिए खाद्य सुरक्षा विभाग सबसे जरूरी विभाग है। सरकार को चाहिए कि इस विभाग में आवश्यक भर्तियां करें। ताकि बाजार में बिकने वाली वस्तुओं की गुणवत्ता की जांच हो सके। यदि कोई गलत करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
विभाग द्वारा वीरवार को कैथल व पूंडरी में छापेमार कार्रवाई की गई है। जिसमें 8 सैंपल लिए गए हैं। यदि किसी को नकली या मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचे जाने की सूचना मिले तो विभाग को सूचित करें। यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
राजेंद्र कुमार, फूड सिक्योरिटी ऑफिसर, कैथल।