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कैथल में राहत, कलायत हुआ पानी-पानी
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथ्ाल
Updated Fri, 18 Jul 2014 12:16 AM IST
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कैथल/कलायत। कैथल जिले में वीरवार को लंबे इंतजार के बाद हुई बरसात लोगों के लिए राहत के साथ-साथ आफत भी लाई। कैथल, राजौंद में जहां हल्की बारिश हुई, वहीं, कलायत में दो घंटे तक बरसात होने से नगर के कई इलाकों में घरों और दुकानों में पानी घुस गया। वीरवार को करीब साढ़े चार बजे शुरू हुई और देर सांय तक जारी रही। लगभग पांच एमएम बरसात के कारण लोगों को काफी राहत मिली।
फसलों के लिए नाकाफी बरसात
फसलों के लिए यह बरसात नाकाफी है। लेकिन हल्की बरसात से भी काफी लाभ मिलेगा। जिले में जून एवं जुलाई में इस बार काफी कम बरसात हुई है। पिछले तीन दिनों से तो बादल छाए हुए हैं, लेकिन बारिश नहीं हो रही थी। उधर, बूंदों की फुहारों का लोगों को खूब स्वागत किया। बच्चों के साथ लोग घरों से बाहर निकल कर बरसात का आनंद लेते हुए नजर आए। वहीं किसानों को भी काफी राहत महसूस हुई। कृषि विशेषज्ञ डा. चंद्रशेखर डागर ने कहा कि कौल क्षेत्र की ओर सांय करीब सात बजे हल्की बूंदाबांदी हुई है। लेकिन कैथल क्षेत्र में करीब पांच एमएम बरसात हुई है। रात को ओर बरसात होने की संभावनाएं हैं। शुक्रवार को भी जिले में बरसात की संभावनाएं हैं।
रेलवे रोड को ऊपर उठाया, इसलिए भरा पानी
कलायत। कलायत वासी तन्नू भारती, प्रदीप भुक्कल, पवन राणा, काका, ईश्वर निर्मल, अनिल, धर्मपाल और राजेश का कहना था कि सारे नियम कायदों को ताक पर रख कर रेलवे रोड का निर्माण किया गया है। इस कारण उन लोगों को इस सीजन में और दिक्कतें आने वाली हैं। भारती का कहना था कि रेलवे रोड के निर्माण में उसे दो फुट और ऊपर उठा दिया गया, जिससे कैची चौक से अनाज मंडी तक के करीब 70 प्रतिशत मकान व दुकानें नीची हो गई हैं। बीरभान निर्मल का कहना था कि रेलवे रोड के निर्माण में पूरी तरह से धांधली बरती गई है।
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सफाई व्यवस्था भी ठप
कुछ देर की बरसात ने ही लोगों को रुला कर रख दिया। पवन राणा का कहना था कि नगर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ी है तथा अवरुद्ध नालों के कारण पानी उन लोगों की दुकानों व मकानों में घुस गया तथा जिससे लोगों की दुकानों में लाखों का नुकसान हो गया। अनिल राणा का कहना था कि पानी की निकासी का प्रबंध नगण्य होने के कारण थोड़ी सी बरसात का पानी उन लोगों के घरों की नीवों में घुस कर मकानों को नुकसान पहुंचता है। रेलवे रोड़, कपिल मुनि रोड पर भारी जलभराव से टूटी सड़कों पर पड़े गड्ढों में लोग गिर कर चोटिल होते रहते हैं। अनाज मंडी में पानी की निकासी का प्रबंध न होने के कारण भी मंडी ने झील का रूप ले लिया है।
स्टेट बैंक ऑफ पटियाला का एटीएम डूबा
स्टेट बैंक ऑफ पटियाला का एटीएम पानी में डूब गया और बैंक में पानी भर गया। बैंक कर्मचारी बैंकिंग को छोड़ कर पानी को निकालने में लगे हुए थे। लोगों की मांग है कि कलायत में पानी की निकासी का अविलंब प्रबंध किया जाए ताकि लोगों के मकान व दुकानें गिरने से बच जाएं।
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फसलों के लिए नाकाफी बरसात
फसलों के लिए यह बरसात नाकाफी है। लेकिन हल्की बरसात से भी काफी लाभ मिलेगा। जिले में जून एवं जुलाई में इस बार काफी कम बरसात हुई है। पिछले तीन दिनों से तो बादल छाए हुए हैं, लेकिन बारिश नहीं हो रही थी। उधर, बूंदों की फुहारों का लोगों को खूब स्वागत किया। बच्चों के साथ लोग घरों से बाहर निकल कर बरसात का आनंद लेते हुए नजर आए। वहीं किसानों को भी काफी राहत महसूस हुई। कृषि विशेषज्ञ डा. चंद्रशेखर डागर ने कहा कि कौल क्षेत्र की ओर सांय करीब सात बजे हल्की बूंदाबांदी हुई है। लेकिन कैथल क्षेत्र में करीब पांच एमएम बरसात हुई है। रात को ओर बरसात होने की संभावनाएं हैं। शुक्रवार को भी जिले में बरसात की संभावनाएं हैं।
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रेलवे रोड को ऊपर उठाया, इसलिए भरा पानी
कलायत। कलायत वासी तन्नू भारती, प्रदीप भुक्कल, पवन राणा, काका, ईश्वर निर्मल, अनिल, धर्मपाल और राजेश का कहना था कि सारे नियम कायदों को ताक पर रख कर रेलवे रोड का निर्माण किया गया है। इस कारण उन लोगों को इस सीजन में और दिक्कतें आने वाली हैं। भारती का कहना था कि रेलवे रोड के निर्माण में उसे दो फुट और ऊपर उठा दिया गया, जिससे कैची चौक से अनाज मंडी तक के करीब 70 प्रतिशत मकान व दुकानें नीची हो गई हैं। बीरभान निर्मल का कहना था कि रेलवे रोड के निर्माण में पूरी तरह से धांधली बरती गई है।
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सफाई व्यवस्था भी ठप
कुछ देर की बरसात ने ही लोगों को रुला कर रख दिया। पवन राणा का कहना था कि नगर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ी है तथा अवरुद्ध नालों के कारण पानी उन लोगों की दुकानों व मकानों में घुस गया तथा जिससे लोगों की दुकानों में लाखों का नुकसान हो गया। अनिल राणा का कहना था कि पानी की निकासी का प्रबंध नगण्य होने के कारण थोड़ी सी बरसात का पानी उन लोगों के घरों की नीवों में घुस कर मकानों को नुकसान पहुंचता है। रेलवे रोड़, कपिल मुनि रोड पर भारी जलभराव से टूटी सड़कों पर पड़े गड्ढों में लोग गिर कर चोटिल होते रहते हैं। अनाज मंडी में पानी की निकासी का प्रबंध न होने के कारण भी मंडी ने झील का रूप ले लिया है।
स्टेट बैंक ऑफ पटियाला का एटीएम डूबा
स्टेट बैंक ऑफ पटियाला का एटीएम पानी में डूब गया और बैंक में पानी भर गया। बैंक कर्मचारी बैंकिंग को छोड़ कर पानी को निकालने में लगे हुए थे। लोगों की मांग है कि कलायत में पानी की निकासी का अविलंब प्रबंध किया जाए ताकि लोगों के मकान व दुकानें गिरने से बच जाएं।