{"_id":"647652e942d3b316570ceced","slug":"five-looted-lakhs-complaint-to-minister-kaithal-news-c-18-1-knl1004-136416-2023-05-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: पांच ने लाखों हड़पे, मंत्री से शिकायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: पांच ने लाखों हड़पे, मंत्री से शिकायत
Wed, 31 May 2023 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 31 May 2023 01:17 AM IST
विज्ञापन
कैथल। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी चीका निवासी एक व्यक्ति ने गृह मंत्री को शिकायत देकर पांच लोगों के खिलाफ 15 लाख रुपये धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। साथ ही ये आरोप भी है कि उसने पहले पुलिस को शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई की बजाय उसे ही झूठा केस दर्ज करवाने की धमकी दी गई। अब गृह मंत्री के निर्देश पर पुलिस ने गुहला थाना में केस दर्ज किया है।
कॉलोनी निवासी संदीप ने गृह मंत्री अनिल विज को शिकायत की कि उसकी दुसेरपुर निवासी रामेश्वर दत्त व रितिक के साथ जान पहचान थी। ऐसे में वे दोनों उससे पैसे उधारे लेते रहे। आरोपी उसको विश्वास दिलाते रहे कि वे उसके नाम अपनी जायदाद करा देंगे। ऐसा कहकर उन्होंने 15 लाख रुपये उधार ले लिए। जब उसने बार-बार अपना हिसाब करने व उसकी राशि वापस करने के लिए कहा तो आरोपी उधार राशि देने से इंकार कर गए।
इसके बाद उसने पीड़ल निवासी गुरमेल व भूना निवासी करमा राणा से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि वे रामेश्वर दत्त के चीका स्थित दो मकान उसके नाम करवा देंगे। पहले उन्हें तीन लाख रुपये कमीशन के देने होंगे। उसने रुपये दे दिए। बाद में सभी आरोपियों ने मिलकर उसे रामेश्वर दत्त के एक खस्ता हालत मकान का 15 लाख रुपये का इकरार नामा लिखा दिया। पड़ताल में उसे पता चला कि जिस मकान का इकरार नामा उसके नाम कराया है, वह जगह भी फर्जी है और उसकी रजिस्टरी नहीं हो सकती। ऐसा करके आरोपियों ने उसके साथ 18 लाख रुपये की ठगी की है। अब उसने अपने पैसे मांगे तो रामेश्वर दत्त ने उसके साथ हाथापाई की व मोबाइल छीनकर तोड़ दिया। साथ ही धमकी दी कि अगर दोबारा पैसों की मांग की तो जान से मार देंगे।
विज्ञापन
इस बारे में उसने पहले 27 सितंबर 2022 को शिकायत दी थी। उनका राजीनामा भी हुआ था, लेकिन फिर भी उसे रुपये वापस नहीं दिए। उसने इकॉनोमिक सैल कैथल में पुलिस कर्मचारी को कहा था कि उसके रुपये दिलवाए जाएं, लेकिन पुलिस कर्मचारी ने उसकी बात नहीं सुनीं। बाद में रामेश्वर दत्त ने कहा कि पुलिस कर्मचारी उसके दोस्त है और वह उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। बाद में अन्य शिकायत के आधार पर जब पुलिस ने आरोपी को रुपये लौटाने के बारे में कहा। फिर भी आरोपी उसके घर रुपये लेकर नहीं आया है तो वह पुलिस के पास पहुंचा। वहां पुलिस कर्मचारियों ने उल्टा उसी को डरा-धमका कर इकॉनोमिक सेल से बाहर भेज दिया और कहा कि दोबारा यहां आया तो उसी के खिलाफ झूठा मुकदमा करवा देंगे। इसके बाद मजबूरन उसने गृहमंत्री अनिल विज को शिकायत दी। गृहमंत्री के आदेश पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया हे। एएसआई विकास ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी है।
विज्ञापन
कॉलोनी निवासी संदीप ने गृह मंत्री अनिल विज को शिकायत की कि उसकी दुसेरपुर निवासी रामेश्वर दत्त व रितिक के साथ जान पहचान थी। ऐसे में वे दोनों उससे पैसे उधारे लेते रहे। आरोपी उसको विश्वास दिलाते रहे कि वे उसके नाम अपनी जायदाद करा देंगे। ऐसा कहकर उन्होंने 15 लाख रुपये उधार ले लिए। जब उसने बार-बार अपना हिसाब करने व उसकी राशि वापस करने के लिए कहा तो आरोपी उधार राशि देने से इंकार कर गए।
विज्ञापन
इसके बाद उसने पीड़ल निवासी गुरमेल व भूना निवासी करमा राणा से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि वे रामेश्वर दत्त के चीका स्थित दो मकान उसके नाम करवा देंगे। पहले उन्हें तीन लाख रुपये कमीशन के देने होंगे। उसने रुपये दे दिए। बाद में सभी आरोपियों ने मिलकर उसे रामेश्वर दत्त के एक खस्ता हालत मकान का 15 लाख रुपये का इकरार नामा लिखा दिया। पड़ताल में उसे पता चला कि जिस मकान का इकरार नामा उसके नाम कराया है, वह जगह भी फर्जी है और उसकी रजिस्टरी नहीं हो सकती। ऐसा करके आरोपियों ने उसके साथ 18 लाख रुपये की ठगी की है। अब उसने अपने पैसे मांगे तो रामेश्वर दत्त ने उसके साथ हाथापाई की व मोबाइल छीनकर तोड़ दिया। साथ ही धमकी दी कि अगर दोबारा पैसों की मांग की तो जान से मार देंगे।
विज्ञापन
इस बारे में उसने पहले 27 सितंबर 2022 को शिकायत दी थी। उनका राजीनामा भी हुआ था, लेकिन फिर भी उसे रुपये वापस नहीं दिए। उसने इकॉनोमिक सैल कैथल में पुलिस कर्मचारी को कहा था कि उसके रुपये दिलवाए जाएं, लेकिन पुलिस कर्मचारी ने उसकी बात नहीं सुनीं। बाद में रामेश्वर दत्त ने कहा कि पुलिस कर्मचारी उसके दोस्त है और वह उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। बाद में अन्य शिकायत के आधार पर जब पुलिस ने आरोपी को रुपये लौटाने के बारे में कहा। फिर भी आरोपी उसके घर रुपये लेकर नहीं आया है तो वह पुलिस के पास पहुंचा। वहां पुलिस कर्मचारियों ने उल्टा उसी को डरा-धमका कर इकॉनोमिक सेल से बाहर भेज दिया और कहा कि दोबारा यहां आया तो उसी के खिलाफ झूठा मुकदमा करवा देंगे। इसके बाद मजबूरन उसने गृहमंत्री अनिल विज को शिकायत दी। गृहमंत्री के आदेश पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया हे। एएसआई विकास ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी है।