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Kaithal News: खरीद का पांचवा दिन, वंचित रही कलायत मंडी
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कलायत। धान की सरकारी खरीद शुरू हुए पांच दिन हो गए पर कलायत अनाज मंडी में आज तक एक भी दाना नहीं खरीदा गया। कलायत में हेफैड व वेयरहाउस की ओर से पीआर धान की खरीद की जानी है। किसान मंडी में 25 सितंबर से धान लेकर आ रहे हैं पर उसमें नमी की मात्रा अधिक होने की बात कहते हुए खरीद एजेंसियां धान को नहीं खरीद रही।
मंगलवार को कलायत अनाज मंडी में खरीद को लेकर जमा हुए भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने जांच के बाद चौंकाने वाला खुलासा किया। भाकियू प्रदेश महासचिव जियालाल ढुंडवा, जिलाध्यक्ष गुरुनाम सहारण, महासचिव सुरेंद्र चौशाला ने बताया की उन्होंने खरीद एजेंसी के नमी की मात्रा की जांच करने वाले मीटर की जांच की तो वह गलत पाया गया।
मार्केट कमेटी और खरीद एजेंसी के मीटर में 2 प्वांइटों का अंतर पाया गया। जिस धान में मार्केट कमेटी का मीटर 17 प्रतिशत नमी दिखा रहा है उसी धान में हैफेड का मीटर 20 प्रतिशत दिखा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया की खरीद एजेंसी जानबूझ कर किसानों की धान को खरीदने में देरी कर रही है। जिया लाल ने कहा कि अनाज मंडी में 50 के आसपास वो ढेरियां हैं, जिनमें मार्केट कमेटी का नमी मीटर 17 प्रतिशत से कम की नमी दिखा रहा है।
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उन्होंने कहा कि गलत नमी मीटर की आड़ लेते हुए एजेंसी द्वारा किसानों की धान न खरीदे जाने पर भाकियू के पदाधिकारियों ने कड़ा संज्ञान लिया। मार्केट कमेटी के सचिव, एसडीएम, डीएफएससी और खरीद एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों से बात कर कलायत मंडी में की जा रही गड़बड़ी की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि खरीद एजेंसी हैफेड के अधिकारी को भी खरीद शुरू करने के लिए मौके पर बुलाया गया पर वह बिना खरीद किए ही लौट गया।
सचिव अरविंद श्योकंद ने बताया कि उनके कार्यालय द्वारा हैफेड को धान की लिफ्टिंग करवाए जाने को लेकर नोटिस दिया गया है। हैफेड के प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि धान की खरीद के लिए सरकार ने नमी के अलावा पांच नियम और निर्धारित किए हुए हैं। हमें उन सब नियमों के हिसाब से ही खरीद करना होती है। उन्होंने कहा कि जो भी सभी मानकों पर पूरा उतरती है उस ढेरी का एक एक दाना खरीद एजेंसी निश्चित तौर पर खरीदेगी।
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मंगलवार को कलायत अनाज मंडी में खरीद को लेकर जमा हुए भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने जांच के बाद चौंकाने वाला खुलासा किया। भाकियू प्रदेश महासचिव जियालाल ढुंडवा, जिलाध्यक्ष गुरुनाम सहारण, महासचिव सुरेंद्र चौशाला ने बताया की उन्होंने खरीद एजेंसी के नमी की मात्रा की जांच करने वाले मीटर की जांच की तो वह गलत पाया गया।
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मार्केट कमेटी और खरीद एजेंसी के मीटर में 2 प्वांइटों का अंतर पाया गया। जिस धान में मार्केट कमेटी का मीटर 17 प्रतिशत नमी दिखा रहा है उसी धान में हैफेड का मीटर 20 प्रतिशत दिखा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया की खरीद एजेंसी जानबूझ कर किसानों की धान को खरीदने में देरी कर रही है। जिया लाल ने कहा कि अनाज मंडी में 50 के आसपास वो ढेरियां हैं, जिनमें मार्केट कमेटी का नमी मीटर 17 प्रतिशत से कम की नमी दिखा रहा है।
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उन्होंने कहा कि गलत नमी मीटर की आड़ लेते हुए एजेंसी द्वारा किसानों की धान न खरीदे जाने पर भाकियू के पदाधिकारियों ने कड़ा संज्ञान लिया। मार्केट कमेटी के सचिव, एसडीएम, डीएफएससी और खरीद एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों से बात कर कलायत मंडी में की जा रही गड़बड़ी की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि खरीद एजेंसी हैफेड के अधिकारी को भी खरीद शुरू करने के लिए मौके पर बुलाया गया पर वह बिना खरीद किए ही लौट गया।
सचिव अरविंद श्योकंद ने बताया कि उनके कार्यालय द्वारा हैफेड को धान की लिफ्टिंग करवाए जाने को लेकर नोटिस दिया गया है। हैफेड के प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि धान की खरीद के लिए सरकार ने नमी के अलावा पांच नियम और निर्धारित किए हुए हैं। हमें उन सब नियमों के हिसाब से ही खरीद करना होती है। उन्होंने कहा कि जो भी सभी मानकों पर पूरा उतरती है उस ढेरी का एक एक दाना खरीद एजेंसी निश्चित तौर पर खरीदेगी।