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Kaithal News: मिट्टी घोटाले में कार्रवाई नहीं तो कल से धरना देंगे किसान
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गुहला-चीका। घग्गर नदी पर बने हांसी बुटाना नहर के साइफन से निकाली जा रही मिट्टी को खुले में बेचे जाने पर किसानों ने सरकार व प्रशासन के प्रति रोष जताया है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने मंगलवार तक मिट्टी घोटाले के आरोप में ठेकेदार व संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो बुधवार से वे एसडीएम कार्यालय के समक्ष धरना शुरू कर देंगे।
किसानों का कहना है कि मामले की जांच के लिए सोमवार को नहरी विभाग के एक्सईएन व दूसरे अधिकारियों को साइफन पर आना था, लेकिन दो घंटे इंतजार करने के बाद सिर्फ एसडीओ अजमेर सिंंह ही मौके पर पहुंचे। गांव सरोला के पास बने साइफन से मिट्टी निकालने का कार्य किया जा रहा है और इसके लिए सरकार ने निविदा सूचना जारी की है। निविदा सूचना की शर्तों के अनुसार ठेकेदार को मिट्टी एक जगह पर जमा करना है, लेकिन आरोप है कि ठेकेदार निकाली गई मिट्टी का बड़ा हिस्सा लोगों को बेचकर मुनाफा कमा रहा है। किसान नेता जरनैल सिंह जैली, लखविंद्र सिंह किंद्र, केवल संदरेहड़ी के आरोप है कि ठेकेदार स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर मिट्टी घोटाले को अंजाम दे रहा है। किसानों ने कहा कि ठेकेदार की ओर से बेची गई मिट्टी गांव टटियाना के खेतों, चीका व खरौदी में डाली गई है, बेशक अधिकारी इसका सैंपल चेक करवा सकते हैं। किसानों ने बताया कि बारिश के दिनों में घग्गर नदी में भारी मात्रा में रेत व मिट्टी पानी के साथ बहकर आती है। गांव सरोला के पास बने हांसी साइफन में बड़ी मात्रा में यह मिट्टी जमा हो जाती है जिसे हर साल निकालना पड़ता है। किसानों ने बताया कि पिछले वर्ष आई बाढ़ के दौरान जब रिंग बांध टूट गए थे तो प्रशासन को मिट्टी दूर दराज के क्षेत्र से मंगवानी पड़ी थी। इसके चलते रिंग बांध में आए कटाव को समय पर बंद नहीं किया जा सका और क्षेत्र में जान माल की भारी हानि हुई थी। किसानों ने बताया कि पिछले साल के अनुभवों को देखते हुए सरकार ने इस बार साइफन से निकलने वाली मिट्टी को जमा करने का फैसला किया है ताकि बाढ़ जैसी स्थिति में इस मिट्टी को कटाव रोकने के काम लाया जा सके। किसानों का कहना है कि इस संबंध में उन्होंने एसडीएम गुहला को पूरे मामले से अवगत करवाया था, जिसके बाद एसडीएम ने स्वयं साइफन का दौरा किया था। किसानों का कहना है सब कुछ जानते हुए भी एसडीएम ने ठेकेदार व अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
किसानों द्वारा जहां-जहां भी मिट्टी डाली जाने की बात कही जा रही है, उस मिट्टी के सैंपल लिए जा रहे हैं। जिन लोगों को मिट्टी बेचे जाने के आरोप हैं उन्हें भी ट्रेस किया जाएगा। यदि सैंपल मैच करते हैं तो ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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- अजमेर सिंह, एसडीओ, नहरी विभाग चीका।
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किसानों का कहना है कि मामले की जांच के लिए सोमवार को नहरी विभाग के एक्सईएन व दूसरे अधिकारियों को साइफन पर आना था, लेकिन दो घंटे इंतजार करने के बाद सिर्फ एसडीओ अजमेर सिंंह ही मौके पर पहुंचे। गांव सरोला के पास बने साइफन से मिट्टी निकालने का कार्य किया जा रहा है और इसके लिए सरकार ने निविदा सूचना जारी की है। निविदा सूचना की शर्तों के अनुसार ठेकेदार को मिट्टी एक जगह पर जमा करना है, लेकिन आरोप है कि ठेकेदार निकाली गई मिट्टी का बड़ा हिस्सा लोगों को बेचकर मुनाफा कमा रहा है। किसान नेता जरनैल सिंह जैली, लखविंद्र सिंह किंद्र, केवल संदरेहड़ी के आरोप है कि ठेकेदार स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर मिट्टी घोटाले को अंजाम दे रहा है। किसानों ने कहा कि ठेकेदार की ओर से बेची गई मिट्टी गांव टटियाना के खेतों, चीका व खरौदी में डाली गई है, बेशक अधिकारी इसका सैंपल चेक करवा सकते हैं। किसानों ने बताया कि बारिश के दिनों में घग्गर नदी में भारी मात्रा में रेत व मिट्टी पानी के साथ बहकर आती है। गांव सरोला के पास बने हांसी साइफन में बड़ी मात्रा में यह मिट्टी जमा हो जाती है जिसे हर साल निकालना पड़ता है। किसानों ने बताया कि पिछले वर्ष आई बाढ़ के दौरान जब रिंग बांध टूट गए थे तो प्रशासन को मिट्टी दूर दराज के क्षेत्र से मंगवानी पड़ी थी। इसके चलते रिंग बांध में आए कटाव को समय पर बंद नहीं किया जा सका और क्षेत्र में जान माल की भारी हानि हुई थी। किसानों ने बताया कि पिछले साल के अनुभवों को देखते हुए सरकार ने इस बार साइफन से निकलने वाली मिट्टी को जमा करने का फैसला किया है ताकि बाढ़ जैसी स्थिति में इस मिट्टी को कटाव रोकने के काम लाया जा सके। किसानों का कहना है कि इस संबंध में उन्होंने एसडीएम गुहला को पूरे मामले से अवगत करवाया था, जिसके बाद एसडीएम ने स्वयं साइफन का दौरा किया था। किसानों का कहना है सब कुछ जानते हुए भी एसडीएम ने ठेकेदार व अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
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किसानों द्वारा जहां-जहां भी मिट्टी डाली जाने की बात कही जा रही है, उस मिट्टी के सैंपल लिए जा रहे हैं। जिन लोगों को मिट्टी बेचे जाने के आरोप हैं उन्हें भी ट्रेस किया जाएगा। यदि सैंपल मैच करते हैं तो ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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- अजमेर सिंह, एसडीओ, नहरी विभाग चीका।