{"_id":"6439b0de14505ce9e101bda4","slug":"farmers-upset-due-to-non-payment-kaithal-news-c-18-1-92027-2023-04-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: भुगतान न उठान, किसान परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: भुगतान न उठान, किसान परेशान
Sat, 15 Apr 2023 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 15 Apr 2023 01:30 AM IST
विज्ञापन
कैथल। जिले में गेहूं की आवक इस समय जोरों पर है। शुक्रवार को 57 हजार एमटी गेहूं की आवक हुई। अब तक कुल तीन लाख 13 हजार 411 एमटी गेहूं की आवक हो चुकी है। इसमें से 57 हजार 433 एमटी गेहूं का उठान हुआ है। दो लाख 55 हजार एमटी गेहूं का उठान अभी बाकी है। अभी तक महज 15 प्रतिशत तक ही उठान हो पाया है। मंडियों में यह गेहूं उठान के इंतजार में हैं। जिले की अधिकतर अनाज मंडियों में गेहूं के कट्टों के अंबार लगे हुए हैं। किसान अपने भुगतान के इंतजार में हैं। किसानों का कहना है कि 72 घंटे में भुगतान के दावों के बीच कई-कई दिनों बाद भी किसानों का भुगतान नहीं हो पाया है।
अनाज मंडी में पहुंचे किसान होशियार सिंह ने बताया कि उनका गेहूं बिके हुए तीन दिन हो गए। अमूमन सरकार द्वारा तीन दिन में ही भुगतान का दावा किया जाता है, लेकिन उसका भुगतान नहीं हुआ है। इसी प्रकार से किसान राजेश कुमार, संजय व राजेंद्र ने कहा कि इस बार गेहूं मंडी में लाते ही बिका तो गई, अब सरकार जल्द से जल्द उनका भुगतान करवा दे। जिससे उन्हें राहत मिलेगी।
जिले में अभी तक हुई कुल तीन लाख 13 एमटी गेहूं की खरीद के लिए किसानों का लगभग एक अरब 86 करोड़ 63 लाख रुपये से अधिक का भुगतान बनता है। शुक्रवार को शुरू हुए भुगतान के बीच छह करोड़ 92 लाख रुपये का भुगतान किसानों को हो गया है। यह अभी तक के कुल भुगतान का चार प्रतिशत है। इसके अलावा शेष राशि का भुगतान होना है।
विज्ञापन
मैन्यूअल दिया जा रहा है गेटपास
मंडी से एक आढ़ती ने बताया कि ऑनलाइन गेट पास काटते समय दिक्कत आ जाती है। इससे ऑनलाइन गेटपास जनरेट नहीं हो पाता। जिस कारण एजेंसी कर्मचारी मैन्यूअल गेटपास देते हैं। इससे भुगतान में देरी होती है। ऑनलाइन गेटपास के लिए तकनीकी खामी दूर की जानी चाहिए।
अपडेट करने का मौका दें
आढ़ती बीरभान जैन ने कहा कि कई किसान इस बात को लेकर परेशान हैं कि उनकी फसल मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपडेट नहीं है। जिस कारण वे फसल नहीं बेच पा रहे हैं। सरकार से मांग है कि ऐसे किसानों को फसल की जानकारी अपडेट करने का अवसर दिया जाए।
जिले की अनाज मंडियों में तीन लाख 13 हजार एमटी गेहूं की आवक व खरीद हो चुकी है। इसमें से 57 हजार एमटी से अधिक गेहूं का उठान हो चुका है। प्रयास किया जा रहा है कि मंडी में किसानों को किसी तरह की परेशानी न आए। जिले में गेहूं का भुगतान भी शुरू करवा दिया गया है। जैसे-जैसे किसानों के खरीद संबंधी कागजात पूरे होते रहेंगे, उनका भुगतान उनके खातों में दिया जाता रहेगा। - निशांत राठी डीएफएससी
विज्ञापन
अनाज मंडी में पहुंचे किसान होशियार सिंह ने बताया कि उनका गेहूं बिके हुए तीन दिन हो गए। अमूमन सरकार द्वारा तीन दिन में ही भुगतान का दावा किया जाता है, लेकिन उसका भुगतान नहीं हुआ है। इसी प्रकार से किसान राजेश कुमार, संजय व राजेंद्र ने कहा कि इस बार गेहूं मंडी में लाते ही बिका तो गई, अब सरकार जल्द से जल्द उनका भुगतान करवा दे। जिससे उन्हें राहत मिलेगी।
विज्ञापन
जिले में अभी तक हुई कुल तीन लाख 13 एमटी गेहूं की खरीद के लिए किसानों का लगभग एक अरब 86 करोड़ 63 लाख रुपये से अधिक का भुगतान बनता है। शुक्रवार को शुरू हुए भुगतान के बीच छह करोड़ 92 लाख रुपये का भुगतान किसानों को हो गया है। यह अभी तक के कुल भुगतान का चार प्रतिशत है। इसके अलावा शेष राशि का भुगतान होना है।
विज्ञापन
मैन्यूअल दिया जा रहा है गेटपास
मंडी से एक आढ़ती ने बताया कि ऑनलाइन गेट पास काटते समय दिक्कत आ जाती है। इससे ऑनलाइन गेटपास जनरेट नहीं हो पाता। जिस कारण एजेंसी कर्मचारी मैन्यूअल गेटपास देते हैं। इससे भुगतान में देरी होती है। ऑनलाइन गेटपास के लिए तकनीकी खामी दूर की जानी चाहिए।
अपडेट करने का मौका दें
आढ़ती बीरभान जैन ने कहा कि कई किसान इस बात को लेकर परेशान हैं कि उनकी फसल मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपडेट नहीं है। जिस कारण वे फसल नहीं बेच पा रहे हैं। सरकार से मांग है कि ऐसे किसानों को फसल की जानकारी अपडेट करने का अवसर दिया जाए।
जिले की अनाज मंडियों में तीन लाख 13 हजार एमटी गेहूं की आवक व खरीद हो चुकी है। इसमें से 57 हजार एमटी से अधिक गेहूं का उठान हो चुका है। प्रयास किया जा रहा है कि मंडी में किसानों को किसी तरह की परेशानी न आए। जिले में गेहूं का भुगतान भी शुरू करवा दिया गया है। जैसे-जैसे किसानों के खरीद संबंधी कागजात पूरे होते रहेंगे, उनका भुगतान उनके खातों में दिया जाता रहेगा। - निशांत राठी डीएफएससी