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Kaithal News: किसानों ने कसी कमर, प्रशासन हुआ सतर्क
Sat, 10 Feb 2024 03:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 10 Feb 2024 03:39 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। किसान अपनी मांगें मनवाने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आंदोलन करने को लेकर तैयार हैं। किसानों का दावा है कि कैथल जिले से 13 फरवरी को दिल्ली कूच में पांच हजार ट्रैक्टर शामिल होंगे। किसान नेता गांव गांव जाकर किसानों को आंदोलन के लिए तैयार कर रहे हैं। प्रत्येक गांव से लगभग 20 या इससे अधिक ट्रैक्टर दिल्ली कूच के लिए रवाना होंगे।
उधर, पुलिस प्रशासन की ओर से भी किसान आंदोलन में न पहुंच पाए इसके लिए कड़े प्रबंध किए जा रहे हैं। किसान नेताओं को घर घर जाकर नोटिस भी दिए जा रहे हैं। वहीं कैथल में पंजाब के लगती सीमा को भी पुलिस प्रशासन ने सील करने का निर्णय लिया है ताकि पंजाब की ओर से आने वाले किसान दिल्ली की ओर कूच न कर सकें और अव्यवस्था न फैले।
दूसरी ओर, किसानों ने हनुमान वाटिका में बैठक कर किसानों से आह्वान किया कि शांतिपूर्वक अपनी मांगों को लेकर दिल्ली कूच में शामिल होंगे। पंजाब की ओर से आने वाले किसानों को रोकेंगे तो उनको भी वहां से निकलवाने का पूरा प्रयास करेंगे।
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किसान भारतीय किसान यूनियन धन्ना भगत के प्रदेशाध्यक्ष होशियार सिंह गिल, जिला प्रधान नरेश चहल, विक्रम सिंह, रामदिया छौत, कुलदीप खुराना, सुरेश बुढा खेड़ा ने बैठक में कहा कि वर्ष 2020 में भी किसानों ने दिल्ली में आंदोलन किया था। उस दौरान सरकार ने मांगें जल्द पूरी करने का आश्वासन दिया था, जिस कारण से किसानों ने आंदोलन को स्थगित किया था लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बाद भी सरकार ने फसलों पर एमएसपी नहीं दी, किसानों के कर्जे माफ नहीं हुए, किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई व स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू नहीं की है। इससे किसानों में भारी रोष है।
जब तक सरकार किसानों की ये मांगें पूरी नहीं करते किसान पीछे हटने वाले नहीं हैं। पंजाब की ओर से आने वाले किसानों को अगर पुलिस प्रशासन ने रोकने का प्रयास किया तो कैथल के किसान उनको निकलवाने में पूरा सहयोग करेंगे। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के किसान इस आंदोलन का हिस्सा बनेंगे और हक दिलवाकर रहेंगे। इस अवसर पर कुलदीप सिरटा, जसबीर खुराना, रजत मटौर, राजू खुराना, राजेश, सतीश खुराना, जसविंदर ढुल हरसौला, मंजीत करोड़ा, सतपाल लांबा खेड़ी, किताब सिंह कुंडू व गोदू प्यौदा मौजूद रहे।
दूसरी ओर किसान संगठनों के दिल्ली कूच के दृष्टिगत कैथल पुलिस सतर्क है। शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कैथल में 10 पुलिस कंपनियां तैनात की गई है, जिनमें से पांच पुलिस कंपनी बाहर से बुलाई गई है।
किसान यूनियन ने काले झंडे लेकर की नारेबाजी
राजौंद। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट हटाओ कॉलेज बनाओ को लेकर चल रहे धरने के 15 वे दिन राजौंद में धरने के दौरान सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट हटाओ कॉलेज बनाओ कमेटी व किसान यूनियन सदस्यों ने नारेबाजी की व काले झंडे लेकर भी नारेबाजी की।
उन्होंने कहा कि कोई भी भाजपा का विधायक, सांसद या मंत्री अब अगर राजौंद में आएगा, तो उसे काले झंडे दिखाकर उनका विरोध किया जाएगा। इस दौरान राजौंद के हीरा परिवार ने धरने पर पहुंचकर समर्थन दिया। समिति के प्रधान राकेश राणा, काका राणा व अन्य सदस्यों ने कहा कि उनके समर्थन से धरने को बहुत बल मिला है। कमेटी प्रधान ने कहा कि दिन प्रतिदिन कालेज की मांग मजबूत हो रही है और वह अपनी मांग को मनवाकर ही पीछे हटेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को निर्णय लेकर लड़कियों के कॉलेज की घोषणा कर देनी चाहिए, नहीं तो आने वाले दिनों में यह धरना आंदोलन का रूप ले लेगा। संवाद
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कैथल। किसान अपनी मांगें मनवाने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आंदोलन करने को लेकर तैयार हैं। किसानों का दावा है कि कैथल जिले से 13 फरवरी को दिल्ली कूच में पांच हजार ट्रैक्टर शामिल होंगे। किसान नेता गांव गांव जाकर किसानों को आंदोलन के लिए तैयार कर रहे हैं। प्रत्येक गांव से लगभग 20 या इससे अधिक ट्रैक्टर दिल्ली कूच के लिए रवाना होंगे।
उधर, पुलिस प्रशासन की ओर से भी किसान आंदोलन में न पहुंच पाए इसके लिए कड़े प्रबंध किए जा रहे हैं। किसान नेताओं को घर घर जाकर नोटिस भी दिए जा रहे हैं। वहीं कैथल में पंजाब के लगती सीमा को भी पुलिस प्रशासन ने सील करने का निर्णय लिया है ताकि पंजाब की ओर से आने वाले किसान दिल्ली की ओर कूच न कर सकें और अव्यवस्था न फैले।
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दूसरी ओर, किसानों ने हनुमान वाटिका में बैठक कर किसानों से आह्वान किया कि शांतिपूर्वक अपनी मांगों को लेकर दिल्ली कूच में शामिल होंगे। पंजाब की ओर से आने वाले किसानों को रोकेंगे तो उनको भी वहां से निकलवाने का पूरा प्रयास करेंगे।
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किसान भारतीय किसान यूनियन धन्ना भगत के प्रदेशाध्यक्ष होशियार सिंह गिल, जिला प्रधान नरेश चहल, विक्रम सिंह, रामदिया छौत, कुलदीप खुराना, सुरेश बुढा खेड़ा ने बैठक में कहा कि वर्ष 2020 में भी किसानों ने दिल्ली में आंदोलन किया था। उस दौरान सरकार ने मांगें जल्द पूरी करने का आश्वासन दिया था, जिस कारण से किसानों ने आंदोलन को स्थगित किया था लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बाद भी सरकार ने फसलों पर एमएसपी नहीं दी, किसानों के कर्जे माफ नहीं हुए, किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई व स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू नहीं की है। इससे किसानों में भारी रोष है।
जब तक सरकार किसानों की ये मांगें पूरी नहीं करते किसान पीछे हटने वाले नहीं हैं। पंजाब की ओर से आने वाले किसानों को अगर पुलिस प्रशासन ने रोकने का प्रयास किया तो कैथल के किसान उनको निकलवाने में पूरा सहयोग करेंगे। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के किसान इस आंदोलन का हिस्सा बनेंगे और हक दिलवाकर रहेंगे। इस अवसर पर कुलदीप सिरटा, जसबीर खुराना, रजत मटौर, राजू खुराना, राजेश, सतीश खुराना, जसविंदर ढुल हरसौला, मंजीत करोड़ा, सतपाल लांबा खेड़ी, किताब सिंह कुंडू व गोदू प्यौदा मौजूद रहे।
दूसरी ओर किसान संगठनों के दिल्ली कूच के दृष्टिगत कैथल पुलिस सतर्क है। शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कैथल में 10 पुलिस कंपनियां तैनात की गई है, जिनमें से पांच पुलिस कंपनी बाहर से बुलाई गई है।
किसान यूनियन ने काले झंडे लेकर की नारेबाजी
राजौंद। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट हटाओ कॉलेज बनाओ को लेकर चल रहे धरने के 15 वे दिन राजौंद में धरने के दौरान सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट हटाओ कॉलेज बनाओ कमेटी व किसान यूनियन सदस्यों ने नारेबाजी की व काले झंडे लेकर भी नारेबाजी की।
उन्होंने कहा कि कोई भी भाजपा का विधायक, सांसद या मंत्री अब अगर राजौंद में आएगा, तो उसे काले झंडे दिखाकर उनका विरोध किया जाएगा। इस दौरान राजौंद के हीरा परिवार ने धरने पर पहुंचकर समर्थन दिया। समिति के प्रधान राकेश राणा, काका राणा व अन्य सदस्यों ने कहा कि उनके समर्थन से धरने को बहुत बल मिला है। कमेटी प्रधान ने कहा कि दिन प्रतिदिन कालेज की मांग मजबूत हो रही है और वह अपनी मांग को मनवाकर ही पीछे हटेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को निर्णय लेकर लड़कियों के कॉलेज की घोषणा कर देनी चाहिए, नहीं तो आने वाले दिनों में यह धरना आंदोलन का रूप ले लेगा। संवाद