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आत्मा स्कीम से दोगुनी होगी किसानों की आय : डॉ. ईश्वर
Thu, 20 Feb 2025 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 20 Feb 2025 01:30 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग चीका की ओर से आत्मा स्कीम के तहत बलबेहडा, थेबनेड़ा व खरौदी में एक दिवसीय किसान प्रशिक्षण शिविर लगाया। इसमें कृषि विकास अधिकारी डाॅ. ईश्वर कुमार ने किसानों को बताया कि आत्मा स्कीम से किसानों की आय दोगुनी हो सकती है।
उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती शुरू करने की सलाह देते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती की शुरुआत थोड़े क्षेत्र और प्रशिक्षण लेने के बाद ही करें। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती की ट्रेनिंग गुरुकुल कुरुक्षेत्र और हमेटी जींद में बने प्राकृतिक खेती के ट्रेनिंग सेंटर से ले सकते हैं।
उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा गाय आधारित प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को देसी गाय रुपये खरीदने के लिए 25 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दे रही है। इसके लिए किसान को विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। गाय की सब्सिडी लेने के लिए किसान को कम से कम दो एकड़ या इससे अधिक एकड़ में प्राकृतिक खेती करनी होगी।
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कृषि अधिकारी चीका डॉ. अमी लाल ने सरकार की ओर से किसानों के चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। इसके अलावा किसानों को मेरी फसल मेरा ब्योरा पर अपना पंजीकरण करवाने का आह्वान भी किया। किसान गोष्ठी में बीटीएम सीवन डॉ. लोचन ने बताया कि धान के अवशेष प्रबंधन पर कृषि विभाग की ओर से एक हजार रुपये प्रति एकड़ दिए जा रहे हैं। शिविर में एटीएम डाॅ. गीता ने महिला किसानों को सब्जियों व फलों में लगने वाले कीड़ों व बीमारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
आत्मा स्कीम के बारे में जानें
आत्मा (एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एजेंसी) योजना का उद्देश्य छोटे किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है। इसके तहत किसानों को आधुनिक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। साथ ही उन्हें प्रशिक्षित भी किया जाता है ताकि हमारे देश के किसानों की आय बढ़ सके। योजना के तहत किसानों को खेतीबाड़ी के बदलते तरीकों के बारे में बताया जाता है और उनसे खेती के उन उपायों को अपनाने के लिए कहा जाता है। नई तकनीकों की जानकारी और प्रशिक्षण दिया जाता है।
सतही बुआई विधि से गेहूं की बिजाई का लगाया प्रदर्शन प्लाट
राजौंद। संयुक्त राष्ट्र का खाद्य एवं कृषि संगठन व खेती विरासत मिशन के सहयोग से किसान कर्म सिंह के खेत पर सतही बुआई विधि से गेहूं की बिजाई का प्रदर्शन प्लाट लगाया। खेत पर ही किसानों की बैठक भी बुलाई गई। इस दौरान एफएओ से डाॅ. अशोक यादव और डाॅ. देबजीत कुंडू ने सतही बुआई के फायदे बताते हुए जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि इस विधि से गेहूं की बुआई करने से धान की पराली खेत से उठाने या जलाने की जरूरत नही होती। इससे गेहूं को कम पानी की जरूरत पड़ती है और भूमि की उर्वरा शक्ति में सुधार आता है। इसके अलावा खेत में मूंडसी का जमाव नहीं होता। बताया कि गेहूं की फसल नही गिरती और उपज में भी सुधार आता है। इस दौरान किसान ने अमनदीप सिंह विर्क के खेत का भी भ्रमण किया और किसानों के साथ जानकारी साझा की। इस दौरान जगतार सिंह, सुभाष, पवन, कर्म सिंह आदि किसान मौजूद रहे। संवाद
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गुहला-चीका। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग चीका की ओर से आत्मा स्कीम के तहत बलबेहडा, थेबनेड़ा व खरौदी में एक दिवसीय किसान प्रशिक्षण शिविर लगाया। इसमें कृषि विकास अधिकारी डाॅ. ईश्वर कुमार ने किसानों को बताया कि आत्मा स्कीम से किसानों की आय दोगुनी हो सकती है।
उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती शुरू करने की सलाह देते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती की शुरुआत थोड़े क्षेत्र और प्रशिक्षण लेने के बाद ही करें। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती की ट्रेनिंग गुरुकुल कुरुक्षेत्र और हमेटी जींद में बने प्राकृतिक खेती के ट्रेनिंग सेंटर से ले सकते हैं।
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उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा गाय आधारित प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को देसी गाय रुपये खरीदने के लिए 25 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दे रही है। इसके लिए किसान को विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। गाय की सब्सिडी लेने के लिए किसान को कम से कम दो एकड़ या इससे अधिक एकड़ में प्राकृतिक खेती करनी होगी।
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कृषि अधिकारी चीका डॉ. अमी लाल ने सरकार की ओर से किसानों के चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। इसके अलावा किसानों को मेरी फसल मेरा ब्योरा पर अपना पंजीकरण करवाने का आह्वान भी किया। किसान गोष्ठी में बीटीएम सीवन डॉ. लोचन ने बताया कि धान के अवशेष प्रबंधन पर कृषि विभाग की ओर से एक हजार रुपये प्रति एकड़ दिए जा रहे हैं। शिविर में एटीएम डाॅ. गीता ने महिला किसानों को सब्जियों व फलों में लगने वाले कीड़ों व बीमारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
आत्मा स्कीम के बारे में जानें
आत्मा (एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एजेंसी) योजना का उद्देश्य छोटे किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है। इसके तहत किसानों को आधुनिक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। साथ ही उन्हें प्रशिक्षित भी किया जाता है ताकि हमारे देश के किसानों की आय बढ़ सके। योजना के तहत किसानों को खेतीबाड़ी के बदलते तरीकों के बारे में बताया जाता है और उनसे खेती के उन उपायों को अपनाने के लिए कहा जाता है। नई तकनीकों की जानकारी और प्रशिक्षण दिया जाता है।
सतही बुआई विधि से गेहूं की बिजाई का लगाया प्रदर्शन प्लाट
राजौंद। संयुक्त राष्ट्र का खाद्य एवं कृषि संगठन व खेती विरासत मिशन के सहयोग से किसान कर्म सिंह के खेत पर सतही बुआई विधि से गेहूं की बिजाई का प्रदर्शन प्लाट लगाया। खेत पर ही किसानों की बैठक भी बुलाई गई। इस दौरान एफएओ से डाॅ. अशोक यादव और डाॅ. देबजीत कुंडू ने सतही बुआई के फायदे बताते हुए जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि इस विधि से गेहूं की बुआई करने से धान की पराली खेत से उठाने या जलाने की जरूरत नही होती। इससे गेहूं को कम पानी की जरूरत पड़ती है और भूमि की उर्वरा शक्ति में सुधार आता है। इसके अलावा खेत में मूंडसी का जमाव नहीं होता। बताया कि गेहूं की फसल नही गिरती और उपज में भी सुधार आता है। इस दौरान किसान ने अमनदीप सिंह विर्क के खेत का भी भ्रमण किया और किसानों के साथ जानकारी साझा की। इस दौरान जगतार सिंह, सुभाष, पवन, कर्म सिंह आदि किसान मौजूद रहे। संवाद