{"_id":"6a5e6727abd93e3e36059c15","slug":"farmers-in-pai-distressed-over-lack-of-canal-water-irrigation-crisis-due-to-contaminated-water-kaithal-news-c-245-1-kht1013-152548-2026-07-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: नहरी पानी नहीं मिलने से पाई के किसान परेशान, दूषित पानी से सिंचाई का संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: नहरी पानी नहीं मिलने से पाई के किसान परेशान, दूषित पानी से सिंचाई का संकट
विज्ञापन
नहरी पानी नहीं मिलने से रोष जताते हुए किसान। संवाद
पूंडरी। पूंडरी क्षेत्र के गांव पाई के किसानों को इन दिनों सिंचाई के लिए नहरी पानी नहीं मिलने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि पिलनी रजबाहे से आने वाला सिंचाई का पानी ड्रेन और साइफन निर्माण में तकनीकी खामियों के कारण खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा जिससे फसलों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, साइफन का स्तर सही नहीं होने के कारण पानी का स्वाभाविक बहाव बाधित हो गया है। इसके कारण पाई और पिलनी क्षेत्र का दूषित पानी केवल तीन से चार एकड़ भूमि के क्षेत्र में जमा हो रहा है। लगातार जलभराव होने से यह गंदा पानी रजबाहे के पानी में मिल रहा है जिससे सिंचाई के लिए उपलब्ध पानी भी प्रदूषित हो रहा है।
ग्रामीण दीपक, सोनू, गुरुदेव, परमाल सिंह, बिंदर, ओमप्रकाश, चरण सिंह और भोलू ने बताया कि इस समय धान सहित अन्य फसलें बढ़वार के महत्वपूर्ण चरण में हैं। यदि मजबूरी में दूषित पानी से सिंचाई करनी पड़ी तो फसलें खराब होने का खतरा है जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग से मांग की है कि साइफन का स्तर तुरंत ठीक कराया जाए और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि नहरी पानी सुचारु रूप से किसानों के खेतों तक पहुंच सके। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो उन्हें आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
विज्ञापन
ग्रामीणों के अनुसार, साइफन का स्तर सही नहीं होने के कारण पानी का स्वाभाविक बहाव बाधित हो गया है। इसके कारण पाई और पिलनी क्षेत्र का दूषित पानी केवल तीन से चार एकड़ भूमि के क्षेत्र में जमा हो रहा है। लगातार जलभराव होने से यह गंदा पानी रजबाहे के पानी में मिल रहा है जिससे सिंचाई के लिए उपलब्ध पानी भी प्रदूषित हो रहा है।
विज्ञापन
ग्रामीण दीपक, सोनू, गुरुदेव, परमाल सिंह, बिंदर, ओमप्रकाश, चरण सिंह और भोलू ने बताया कि इस समय धान सहित अन्य फसलें बढ़वार के महत्वपूर्ण चरण में हैं। यदि मजबूरी में दूषित पानी से सिंचाई करनी पड़ी तो फसलें खराब होने का खतरा है जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग से मांग की है कि साइफन का स्तर तुरंत ठीक कराया जाए और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि नहरी पानी सुचारु रूप से किसानों के खेतों तक पहुंच सके। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो उन्हें आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

नहरी पानी नहीं मिलने से रोष जताते हुए किसान। संवाद