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Kaithal News: बारदाने के लिए आर-पार के मूड में किसान
Wed, 27 Mar 2024 03:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 27 Mar 2024 03:22 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। अनाज मंडी ढांड में बारदाने की मांग के लिए किसान बुधवार को समाज सेवी विकास तंवर के नेतृत्व में इकट्ठा हुए। किसानों ने आरपार की लड़ाई लड़ने के मूड में है। इसके लिए उन्होंने अपनी सभी तैयारी पूर्ण कर ली है। विकास तंवर ने बताया कि 13 मार्च को भी किसानों ने ढांड मंडी में प्रदर्शन करते हुए सोलु माजरा स्थित अदानी साइलो के गेट को ताला लगा दिया था। प्रशासनिक अधिकारियों के आग्रह पर किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल सीटीएम के अगुवाई में डीसी से मिला था। डीसी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया था कि 19 मार्च तक का हमें समय दें और तब तक गेट का ताला खोल दें क्योंकि 16 मार्च को पंचकूला में एफसीआई की जीएम के साथ इस सिलसिले में हमारी बैठक तय हो चुकी है। तंवर ने बताया कि इसके बाद तब हम डीसी से मिले तो उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि इस मामले का समाधान हमारे पास नही है यह तो एफसीआई वाले ही हल करेंगे। तंवर ने जिला प्रशासन पर आरोप लगाया है कि उन्होंने किसानों के वादाखिलाफी की है, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पूंडरी हलके के सभी गांवों में जाकर हमने किसानों का समस्या से अवगत करवा दिया है। बुधवार को सैकड़ों की संख्या में किसान अपने ट्रैक्टर-ट्राली लेकर विस्तार अनाज मंडी ढांड में पहुंचेंगे। जहां विचार विमर्श करने के बाद आगे की रणनीति बनाकर अदानी साइलो की ओर कूच करेंगे और तब तक वहीं पर डेरा जमाए बैठे रहेंगे, जब तक समस्या का समाधान नहीं हो जाता।
तंवर ने कहा कि हमारा धरना प्रदर्शन शांतिप्रिय रहेगा। अदानी साइलो को बंद करना हमारा मकसद नहीं है। हम तो चाहते है कि दादा परदादा के समय से चली आ रही अनाज मंडियां बंद न हों। सरकार मंडी में बारदाना मुहैया करवाए आगे किसानों की मर्जी है कि वो अपनी गेहूं मंडी में बेचे या अदानी साइलो में लेकिन इस बार हम सड़कों पर तीन-तीन दिन खड़े होकर लाइनों में लगकर अपना अनाज नहीं बेचेंगे। जिला प्रशासन को हम आगाह करना
चाहते हैं कि जब यह मामला उनके बस का नहीं है तो हमें प्रदर्शन करने से रोकने का प्रयास ना करे।
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ढांड। अनाज मंडी ढांड में बारदाने की मांग के लिए किसान बुधवार को समाज सेवी विकास तंवर के नेतृत्व में इकट्ठा हुए। किसानों ने आरपार की लड़ाई लड़ने के मूड में है। इसके लिए उन्होंने अपनी सभी तैयारी पूर्ण कर ली है। विकास तंवर ने बताया कि 13 मार्च को भी किसानों ने ढांड मंडी में प्रदर्शन करते हुए सोलु माजरा स्थित अदानी साइलो के गेट को ताला लगा दिया था। प्रशासनिक अधिकारियों के आग्रह पर किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल सीटीएम के अगुवाई में डीसी से मिला था। डीसी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया था कि 19 मार्च तक का हमें समय दें और तब तक गेट का ताला खोल दें क्योंकि 16 मार्च को पंचकूला में एफसीआई की जीएम के साथ इस सिलसिले में हमारी बैठक तय हो चुकी है। तंवर ने बताया कि इसके बाद तब हम डीसी से मिले तो उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि इस मामले का समाधान हमारे पास नही है यह तो एफसीआई वाले ही हल करेंगे। तंवर ने जिला प्रशासन पर आरोप लगाया है कि उन्होंने किसानों के वादाखिलाफी की है, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पूंडरी हलके के सभी गांवों में जाकर हमने किसानों का समस्या से अवगत करवा दिया है। बुधवार को सैकड़ों की संख्या में किसान अपने ट्रैक्टर-ट्राली लेकर विस्तार अनाज मंडी ढांड में पहुंचेंगे। जहां विचार विमर्श करने के बाद आगे की रणनीति बनाकर अदानी साइलो की ओर कूच करेंगे और तब तक वहीं पर डेरा जमाए बैठे रहेंगे, जब तक समस्या का समाधान नहीं हो जाता।
तंवर ने कहा कि हमारा धरना प्रदर्शन शांतिप्रिय रहेगा। अदानी साइलो को बंद करना हमारा मकसद नहीं है। हम तो चाहते है कि दादा परदादा के समय से चली आ रही अनाज मंडियां बंद न हों। सरकार मंडी में बारदाना मुहैया करवाए आगे किसानों की मर्जी है कि वो अपनी गेहूं मंडी में बेचे या अदानी साइलो में लेकिन इस बार हम सड़कों पर तीन-तीन दिन खड़े होकर लाइनों में लगकर अपना अनाज नहीं बेचेंगे। जिला प्रशासन को हम आगाह करना
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चाहते हैं कि जब यह मामला उनके बस का नहीं है तो हमें प्रदर्शन करने से रोकने का प्रयास ना करे।