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जिले में किसानों को मिलेगा 28 करोड़ रुपये का मुआवजा
ब्यूरो कैथल
Updated Fri, 29 Jul 2016 12:11 AM IST
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खेती और उत्पादन पर असर
- फोटो : फाइल फोटो
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आखिरकार लंबी लड़ाई के बाद जिले के किसानों को राहत मिल गई। पिछले सीजन में सफेद मक्खी व पत्ता लपेट बीमारी के कारण हुए नुकसान पर सरकार ने 28 करोड़ 45 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। जिले के किसानों ने इसके लिए लंबे समय तक आंदोलन किया था। क्योंकि उस समय कुछ जिलों को छोड़कर कई जिलों में यह राशि दे दी गई थी। लेकिन कैथल को मुआवजे से वंचित रखा गया था। जबकि इसके लिए गिरदावरी सहित अन्य कार्य पूरा हो चुका था। इस राशि को जिले के पीड़ित किसानों के लिए स्वीकृत करवाने में हरियाणा के वित्त एवं राजस्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु का विशेष प्रयास रहा है।
डीसी रवि प्रकाश गुप्ता ने बताया कि पिछले सीजन में सफेद मक्खी तथा पत्ता लपेट सुंडी के कारण कुछ क्षेत्रों में कपास की खड़ी फसल में भारी नुकसान हुआ था। इस नुकसान के आंकलन के लिए हरियाणा सरकार ने विशेष गिरदावरी करने के आदेश दिए थे। राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा कपास की फसल के नुकसान का आंकलन करने के बाद रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी गई थी। विभाग को रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद जिले के किसानों के लिए इस राशि को मंजूर करवाने के लिए वित्त एवं राजस्व मंत्री ने विशेष रुचि ली, जिस कारण जिले के किसानों के लिए 28 करोड़ 45 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई।
राज्य सरकार की तरफ से ओलावृष्टि से गेहूं की फसल के नुकसान का मुआवजा भी वितरित किया गया था। जिले के किसानों को लगभग 54 लाख रुपये की राशि ओलावृष्टि व भारी वर्षा के कारण गेहूं की फसल के नुकसान की भरपाई के लिए वितरित की गई थी। यह राशि से चेक किसानों को वितरित किए गए थे।
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डीसी रवि प्रकाश गुप्ता ने बताया कि पिछले सीजन में सफेद मक्खी तथा पत्ता लपेट सुंडी के कारण कुछ क्षेत्रों में कपास की खड़ी फसल में भारी नुकसान हुआ था। इस नुकसान के आंकलन के लिए हरियाणा सरकार ने विशेष गिरदावरी करने के आदेश दिए थे। राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा कपास की फसल के नुकसान का आंकलन करने के बाद रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी गई थी। विभाग को रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद जिले के किसानों के लिए इस राशि को मंजूर करवाने के लिए वित्त एवं राजस्व मंत्री ने विशेष रुचि ली, जिस कारण जिले के किसानों के लिए 28 करोड़ 45 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई।
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राज्य सरकार की तरफ से ओलावृष्टि से गेहूं की फसल के नुकसान का मुआवजा भी वितरित किया गया था। जिले के किसानों को लगभग 54 लाख रुपये की राशि ओलावृष्टि व भारी वर्षा के कारण गेहूं की फसल के नुकसान की भरपाई के लिए वितरित की गई थी। यह राशि से चेक किसानों को वितरित किए गए थे।
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