फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Farmers block Delhi on 31 March

17 मार्च को दिल्ली का घेराव करेंगे किसान

Sat, 12 Dec 2015 11:37 PM IST
कैथ्ाल/अमर उजाला ब्यराो
कैथ्ाल/अमर उजाला ब्यराो Updated Sat, 12 Dec 2015 11:37 PM IST
विज्ञापन
 
विज्ञापन



भारतीय किसान यूनियन ने स्वामीनाथन आयोग को लागू करने की मांग को लेकर दिल्ली की ओर जाने वाले सभी मार्गों पर जाम लगाने का ऐलान किया है। राष्ट्रीय किसान आंदोलन समन्वय समिति के बैनर तले गांव कुल्तारण में हुई बैठक में भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष रत्नमान ने कहा कि केंद्र में शासित भारतीय जनता पार्टी की सरकार किसानों के मुद्दों के प्रति उदासीन बनी हुई है।

इस लिए देशभर के किसान वर्ष-2016 को किसान क्रांति वर्ष के रूप में मनाएंगे।  गत 4 दिसंबर को चंडीगढ़ स्थित किसान भवन में देशभर से जुटे किसान नेताओं ने पंजाब भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष अजमेर सिंह लखोवाल व राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकेत की अगुवाई में वर्ष-2016 में राष्ट्रव्यापी किसान आंदोलन शुरू करने के लिए रणनीति तैयार की गई है। जिसके तहत आने वाले नववर्ष की एक जनवरी को सभी जिला मुख्यालयों पर किसान एकत्रित होकर प्रदर्शन व एक दिवसीय धरना दिया जाएगा।
विज्ञापन


18 फरवरी को चंडीगढ़ में विशाल रैली आयोजित की जाएगी। इसके बाद भी यदि मांगों को नहीं माना तो 17 मार्च को किसानों की मांगों के समर्थन में दिल्ली के चारों तरफ से आने वाले सभी राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज देश में कई जगहों से किसानों की आत्महत्याओं की खबरें आ रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


किसानों पर हर रोज कर्ज का भार बढ़ता जा रहा है। लेकिन देश की सरकार सो रही है। किसानों पर आर्थिक संकट का आभास मोदी सरकार को नहीं है। दिल्ली में सरकार को सुनाने के लिये पूरे देश में शृंखलाबद्ध तरीके से आंदोलन किया जाएगा। किसानों के आंदोलन के इतिहास में वर्ष 2016 किसान क्रांति के नाम से जाना जायगा।

जिलाध्यक्ष राम सिंह खुराना ने बताया कि 15 दिसंबर को कलायत अनाजमंडी में खंड स्तरीय किसान पंचायत 12 बजे आयोजित की जाएगी। जिसमें विकास खंड कलायत की भाकियू कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा।

बैठक में भाकियू प्रदेश उपाध्यक्ष सुखपाल मोठसरा, प्रेमचंद शाहपुर, प्रदेश संगठन सचिव श्याम सिंह मान, प्रदेश कोषाध्यक्ष सतपाल दिलोंवाली, जिलाध्यक्ष राम सिंह खुराना, महासचिव बनी सिंह राणा, किसान नेता सुरेश मलिक, लालू खुराना, रिशाल सिंह टयोठा, रामकुमार पवनावा सहित काफी संख्या में किसान मौजूद थे।

ये हैं किसानों की प्रमुख मांगे
1. कृषि को विश्व व्यापार संगठन से बाहर रखा जाए।
2. जैव परिवर्तित फसलों पर प्रतिबंध लगाया जाए।
3. किसानों को फसलों का लाभकारी मूल्य दिए जाने हेतु स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश को लागू किया जाए।
4. कृषि फसल बीमा योजना में एक एकड़ को इकाई माना जाए।
5. किसानों को कर्ज मुक्त किया जाए।
6. किसानों के लिए अलग से राष्ट्रीय आपदा नीति बनाई जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed