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Kaithal News: सरकारी खरीद ठप होने से किसानों में बेचैनी

Wed, 24 Sep 2025 01:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Wed, 24 Sep 2025 01:59 AM IST
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Farmers are restless due to stalled government procurement.
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान की सरकारी खरीद सोमवार से शुरू हो चुकी है, लेकिन दो दिन बीत जाने के बाद भी जिले में ढांड मंडी को छोड़कर कहीं खरीद नहीं हुई। इससे किसानों में भारी रोष है। किसानों का कहना है कि मंडियों की स्थिति देखकर साफ है कि प्रशासन और खरीद एजेंसियों ने कोई ठोस तैयारी नहीं की। किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, मगर सुविधाओं के अभाव में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मंडी में धान की खरीद का जिम्मा विभिन्न सरकारी एजेंसियों के पास है, लेकिन अब तक किसी भी एजेंसी ने इंस्पेक्टरों की ड्यूटी तक तय नहीं की। ऐसे में खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से कैसे चलेगी, इस पर सवाल उठने लगे हैं। आम तौर पर इंस्पेक्टर किसानों की उपज की जांच, नमी जांच और अन्य प्रक्रिया पूरी करवाने के लिए जिम्मेदार होते हैं, लेकिन उनके अभाव में किसान इधर-उधर भटक रहे हैं।
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जहां प्रशासन ने तैयारी पूरी नहीं की, वहीं आढ़तियों की लापरवाही भी सामने आई है। मंडी में अब तक इलेक्ट्रॉनिक कांटे नहीं लगाए गए और नमी जांचने के उपकरण भी उपलब्ध नहीं हैं। इनकी कमी का फायदा निजी खरीददारों को हो रहा है, जो मनमर्जी से तौल और रेट तय कर रहे हैं। किसानों को प्रति क्विंटल 200 रुपये तक का नुकसान झेलना पड़ रहा है। एक ओर उन्हें समय पर भुगतान और उचित मूल्य को लेकर संशय है, वहीं दूसरी ओर मंडी में मूलभूत सुविधाओं की कमी उन्हें और परेशान कर रही है। किसान संगठनों का कहना है कि हर साल यही स्थिति देखने को मिलती है और प्रशासन आखिरी समय तक इंतजार करता है।
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मंडियों में गंदगी और बदहाल सफाई व्यवस्था

मंडी परिसर में सफाई व्यवस्था की हालत भी बेहद खराब है। चारों ओर धान के अवशेष बिखरे पड़े हैं और जगह-जगह गंदगी फैली हुई है। वाटर कूलर के आसपास भी गंदगी है, जहां से किसानों को पीने का साफ पानी मिलना चाहिए। यह स्थिति संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ा रही है। किसानों और आढ़तियों ने आरोप लगाया कि इस बार मंडी शुरू होने से पहले सफाई पर ध्यान ही नहीं दिया गया।

निजी खरीदारों का दबदबा ः इसी बीच मंडी में पीआर धान की आवक बढ़ रही है। सरकारी खरीद शुरू न होने और प्रशासनिक तैयारियों के अभाव में किसान मजबूरी में निजी खरीदारों को धान बेच रहे हैं। निजी व्यापारी मौके का फायदा उठाते हुए 200 रुपये प्रति क्विंटल तक कम दाम पर धान खरीद रहे हैं। इससे किसानों को सीधा आर्थिक नुकसान हो रहा है।


नई अनाज मंडी में पिछले 15 दिन से धान की खरीदारी चल रही है। प्राइवेट कंपनियां 1509 धान को 3200 रुपये तक खरीद रही हैं। सोमवार से एमएसपी पर सरकारी खरीद शुरू होनी थी, लेकिन धान में नमी अधिक होने से सरकारी एजेंसियों ने रुचि नहीं दिखाई। मंगलवार को कैथल नई अनाज मंडी में करीब तीन हजार क्विंटल धान की आवक हुई, मगर एमएसपी पर कोई खरीद नहीं हुई। -नरेंद्र सिंह, मंडी सचिव, नई अनाज मंडी कैथल
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