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Kaithal News: गेहूं की खरीद न होने पर भड़के किसान

Tue, 11 Apr 2023 12:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Tue, 11 Apr 2023 12:14 AM IST
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Farmers agitated over non-purchase of wheat
कैथल। गेहूं की खरीद न होने पर भड़के किसानों ने सोमवार सुबह विस्तार अनाज मंडी के बाहर कैथल-जींद मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम के चलते दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर एसडीएम संजय कुमार मौके पर पहुंचें। उन्होंने किसानों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया।
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सोमवार सुबह करीब नौ बजे ही किसान एकत्रित होकर विस्तार अनाज मंडी के बाहर आ गए। यहां किसानों ने सड़क के बीचों-बीच बैठकर जमकर नारेबाजी की। किसानों ने कहा कि वे कई दिनों से गेहूं लिए बैैठे हैं लेकिन खरीद नहीं हो पा रही। इस कारण उन्हें काफी दिक्कतें हो रही हैं। एक तो मौसम के कारण उनका काफी नुकसान हुआ है। दूसरा अब खरीद न होने के कारण यह बढ़ रहा है। इतना सब होने के बावजूद अधिकारी सुनने को तैयार ही नहीं हैं। उनकी गेहूं आधी खेतों में तो आधी मंडी में पड़ी हुई है।
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किसान नेता होशियार सिंह गिल ने कहा कि अधिकारी जानबूझकर किसानों को परेशान कर रहे हैं। किसान कई-कई दिनों से यहां गेहूं लिए बैठे हैं। अधिकारी नमी व कई अन्य बहाने बनाकर खरीद नहीं कर रहे। उधर, जाम के दौरान किसानों ने जमकर नारेबाजी की। इसके बाद सूचना मिलने पर एसडीएम संजय कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि अधिकतर गेहूं जो इस समय मंडी में आया हुआ है, उसमें नमी की मात्रा ज्यादा है। जो गेहूं नियमों पर खरा उतरेगा, उसे खरीदा जाएगा। उनके आश्वासन के बाद किसानों ने जाम खोल दिया।
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ज्यादा नमी पर आधा किलो तक अधिक तौलने का भी आरोप-किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि ज्यादा नमी के नाम पर प्रत्येक कट्टे में आधा किलो गेहूं तक अधिक तौला जा रहा है। किसी में सौ ग्राम, किसी में दो सौ तो किसी में पांच सौ ग्राम अधिक गेहूं तौला जा रहा है। जिससे किसानों का नुकसान हो रहा है।
मार्केट कमेटी सचिव बसाऊ राम ने कहा कि जो भी गेहूं नियमों पर खरा उतर रहा है, उस गेहूं को खरीदा जा रहा है। किसानों को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। किसी भी किसान का अधिक गेहूं नहीं तौलने दिया जाएगा। जो गेहूं पूरी तरह से सूखा है, उसकी खरीद में कोई परेशानी नहीं है।

खरीद शुरू न होने पर दिखाया गुस्सा
गुहला-चीका/ढांड। सचिव के आश्वासन के अगले दिन सोमवार को भी गेहूं की बोली शुरू नहीं हुई तो नाराज किसानों ने कैथल-पटियाला स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया। करीब दो घंटे तक राहगीर जाम में फंस रहे। इस बीच नाराज किसानों ने जमकर नारेबाजी की। बाद में पुलिस व अन्य अफसरों ने उन्हें समझा-बुझाकर मनाया। इसके बाद नायब तहसीलदार ने गेहूं खरीद शुरू करवाई। उधर, कैथल-कुरुक्षेत्र मार्ग पर भी किसानों ने जाम लगाकर नाराजगी जताई।

अतिरिक्त अनाज मंडी के सामने कैथल-पटियाला स्टेट हाईवे पर नाराज किसानों ने रविवार को भी जाम लगाया था। तब मार्केट कमेटी के सचिव नरेंद्र ढुल ने उन्हें सोमवार सुबह खरीद शुरू करवाने का आश्वासन दिया था लेकिन सोमवार को भी दोपहर तक खरीद शुरू नहीं की गई। इससे किसान भड़क उठे और अनाज मंडी के सामने से गुजरने वाले कैथल-पटियाला स्टेट हाईवे पर जाम कर धरना शुरू कर दिया। जाम लगा रहे भाकियू के हलका उपाध्यक्ष गुरबचन हरिगढ़, नंबरदार गुलजार सिंह, करनैल सिंह रामनगर, सुच्चा सिंह सरोला, बबली बलबेहड़ा, भीम सिंह, नछतर सिंह, मुलका सिंह, मान सिंह, जसमेर बिच्छिया व तरसेम ने कहा कि अधिकारियों ने मंडियों में पहली अप्रैल से गेहूं की खरीद की बातें कही थी लेकिन 10 अप्रैल तक काम नहीं शुरू हो सका है।

नाराज किसानों ने कहा कि शहर की दोनों मंडियों के साथ-साथ गांवों के खरीद केंद्र भी गेहूं से अटे पड़े हैं लेकिन किसी भी मंडी में खरीद नहीं हो रही। किसानों ने कहा कि एक तरफ तो कुदरत ने फसलों का नुकसान कर दिया दूसरी तरफ गेहूं को खरीदने में सरकार आनाकानी कर रही है जिससे किसान की हालत बदतर होती जा रही है। जाम की सूचना मिलते ही चीका थाना प्रभारी शिव कुमार, मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र ढुल व नायब तहसीलदार सुनील कुमार किसानों के बीच पहुंचे। मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र ढुल ने किसानों को बताया कि मंडी के अंदर बोली सुचारु रूप से चल रही है और किसानों की मौजूदगी में तौल शुरू करवाया। नायब तहसीलदार ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उन्हें गेहूं के सीजन के दौरान किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।

एफसीआई कार्यालय पर लगाया ताला

ढांड। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को सोलूमाजरा स्थित अदानी एग्रो के साइलो में एफसीआई ने गेहूं की खरीद नहीं शुरू की। इससे नाराज भाकियू के पदाधिकारियोंं ने किसानों के साथ मिलकर कैथल-कुरुक्षेत्र मार्ग पर जाम लगा दिया। वहीं भाकियू युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना की अगुवाई में किसानों ने साइलोज में बने कार्यालय में ताला लगा दिया। समाचार लिखे जाने तक किसान ताला लगाकर धरने पर बैठे थे। किसानों ने आरोप लगाया कि एफसीआई ने 10 अप्रैल को 12 बजे से गेहूं की खरीद करने का एलान किया था। इस पर किसान सुबह से ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में गेहूं लाकर अदानी साइलो के बाहर लाइनों में लग गए। जब 12 बजे के बाद भी गेहूं की खरीद शुरू नहीं हुई तो किसानों के सब्र का बांध टूट और उन्होंने साइलो के बाहर जाम लगाकर नारेबाजी शुरू कर दी।

विक्रम कसाना ने कहा कि आसपास की सभी मंडियों में गेहूं की खरीद शुरू हो चुकी है, लेकिन सोलू माजरा में अदानी साइलो में एफसीआई के अधिकारी जानबूझ कर खरीद शुरू नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले 12 बजे फिर एक बजे उसके बाद तीन बजे खरीदने का आश्वासन दिया। तीन बजे के बाद भाकियू ने अदानी एग्रो के कार्यालय में घुसकर वहां तालाबंदी कर दी।

किसानों का कहना है कि उन्होंने ट्रैक्टर-ट्राली किराए पर ली है। खाली नहीं होने पर दो से तीन गुना किराया देना पड़ेगा। एक तो गेहूं की बिक्री नहीं हुई, दूसरा उन्हें किराया भी ज्यादा देना पड़ेगा रहा है। किसानों का आरोप है कि खरीद के नाम पर उन्हें सरकार की ओर से बेवजह परेशान किया जा रहा है। किसानों ने मांग की है कि गेहूं की खरीद शीघ्र शुरू की जाए।

अदानी एग्रो साइलो के दोनों ओर दो-दो किलोमीटर की लाइनें लग चुकी है। गेहूं की खरीद शुरू नहीं होने से किसानों को रात सड़कों पर गुजारनी पड़ेगी। वहीं मंगलवार को भी केंद्र सरकार की ओर से कोई संदेश नहीं आया तो किसानों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। समाचार लिखे जाने तक किसानों का साइलोज के अंदर धरना जारी था।

वहीं किसानों को समझाने के लिए नायब तहसीलदार ढांड गौरव शर्मा डटे रहे। उन्होंने किसानों को कहा कि केंद्र सरकार ने लस्टर लॉस के लिए छूट देने का निर्णय लिया है, जिससे किसानों को गेहूं की फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न आए। थोड़ा धैर्य रखें प्रशासन किसानों के साथ है। हर समस्या का समाधान करवाया जाएगा।

डीएम कुरुक्षेत्र एफसीआई मंजूनाथ ने कहा कि बरसात के कारण गेहूं में लस्टर लॉस काफी हो गया है। उसकी छूट के लिए केंद्रीय टीम ने हरियाणा की मंडियोंं का दौरा करके सैंपल एकत्रित किए थे। उनके आधार पर केंद्र सरकार को खरीद के समय गेहूं के खराब हुए दानों में छूट देनी है। इसका फायदा किसानों को होना है। केंद्र की ओर से अभी तक उस छूट का संदेश नहीं आया है, उसकी इंतजार कर रहे है। संदेश आते ही गेहूं की खरीद शुरू कर दी जाएगी।
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