{"_id":"61771a1e64af0a78d321b951","slug":"farmer-worried-water-of-simla-canel-kaithal-news-knl87686939","type":"story","status":"publish","title_hn":"बरसात के बाद अब ऑवरफ्लो शिमला माइनर ने बढ़ाई किसानों की चिंता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बरसात के बाद अब ऑवरफ्लो शिमला माइनर ने बढ़ाई किसानों की चिंता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्षेत्र में बीते सप्ताह हुई बारिश सेे खेतों और अनाज मंडी में हुए नुकसान से किसान उबर नहीं पाए हैं। अब अचानक शिमला माइनर में बढ़े पानी के स्तर से नया संकट खड़ा हो गया है। इससे कलायत, पिंजूपुरा और शिमला गांव के लोगों के खेतों में माइनर का पानी घुसने का भय सता रहा है।
प्रभावित क्षेत्र के लोगों का कहना है कि विभिन्न स्थानों से माइनर ऑवरफ्लो हो रहा है। यदि समय रहते इसकी सुध सिंचाई विभाग ने नहीं ली तो सैकड़ों एकड़ में धान व अन्य फसलें तबाह हो जाएंगी। किसान मंजीत सिंह, कृष्ण, संदीप और भाग सिंह ने बताया कि माइनर की स्थिति बेहद नाजुक हो गई है। किसान अपने स्तर पर मशक्कत कर फसल को बचाने में लगे हैं, जबकि अधिकारी समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे। संबंधित क्षेत्र के किसानों का कहना है कि माइनर को दुरुस्त करने की मांग वे निरंतर प्रशासन से करते आए हैं। बावजूद इसके उम्मीद के अनुरूप माइनर के हालात नहीं सुधरे। इस संबंध में कलायत सिंचाई विभाग के एसडीओ तरसेम गर्ग ने बताया कि किसानों के शिष्टमंडल ने तालाबों में पानी की मांग के लिए शिमला माइनर में पानी छोड़ने की मांग की थी। इसके मद्देनजर माइनर में पानी छोड़ा गया। सोमवार को माइनर में जल का स्तर बढ़ने से किसानों ने फसलों के नुकसान की संभावना व्यक्त की है। इसके मद्देनजर तुरंत प्रभाव से पानी की क्षमता को माइनर से कम करने का निर्णय लिया गया है।
विज्ञापन
प्रभावित क्षेत्र के लोगों का कहना है कि विभिन्न स्थानों से माइनर ऑवरफ्लो हो रहा है। यदि समय रहते इसकी सुध सिंचाई विभाग ने नहीं ली तो सैकड़ों एकड़ में धान व अन्य फसलें तबाह हो जाएंगी। किसान मंजीत सिंह, कृष्ण, संदीप और भाग सिंह ने बताया कि माइनर की स्थिति बेहद नाजुक हो गई है। किसान अपने स्तर पर मशक्कत कर फसल को बचाने में लगे हैं, जबकि अधिकारी समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे। संबंधित क्षेत्र के किसानों का कहना है कि माइनर को दुरुस्त करने की मांग वे निरंतर प्रशासन से करते आए हैं। बावजूद इसके उम्मीद के अनुरूप माइनर के हालात नहीं सुधरे। इस संबंध में कलायत सिंचाई विभाग के एसडीओ तरसेम गर्ग ने बताया कि किसानों के शिष्टमंडल ने तालाबों में पानी की मांग के लिए शिमला माइनर में पानी छोड़ने की मांग की थी। इसके मद्देनजर माइनर में पानी छोड़ा गया। सोमवार को माइनर में जल का स्तर बढ़ने से किसानों ने फसलों के नुकसान की संभावना व्यक्त की है। इसके मद्देनजर तुरंत प्रभाव से पानी की क्षमता को माइनर से कम करने का निर्णय लिया गया है।
विज्ञापन