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ड्यूटी के दौरान विनम्र स्वभाव रखें कर्मचारी
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Employees should be polite while on duty
- फोटो : Kaithal
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सोमवार को मानस फाउंडेशन की ओर से बस अड्डा परिसर में प्रशिक्षण शिविर का आयोजन हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य बस में सफर कर रही महिलाओं के लिए एक सुरक्षित स्थान बनाना व व्यावसायिक व्यवहार पर भी चर्चा की गई। पहले दिन 10 चालकों और 10 परिचालकों को प्रशिक्षित किया गया।
बता दें कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बसों में सफर करने वाले यात्रियों को सुरक्षित सफर करवाना है ताकि बसों में सफर के दौरान यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न आए। इस दौरान अप्रिय घटना से निपटने के विशेष गुर भी सीखाए गए। प्रशिक्षण के माध्यम से चालक व परिचालक को बस में यात्री को कैसे चढ़ाया जाए, कैसे उतारा जाए, सीट कैसे उपलब्ध करवाई जाए, कितने यात्री एक बस में होने चाहिए, यात्रियों से कैसा व्यवहार करना, यात्रियों से बात करने का तरीका, महिलाओं की सुरक्षा बसों में कैसे रखें, चालक व परिचालक लंबे सफर में पानी का प्रबंध रखें, चालक व परिचालक ड्यूटी के दौरान तनाव से कैसे बचे। ट्रैफिक सिग्नल को चालक कैसे पार करें। इन बिंदुओं पर सावधानी बरतने को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई। इस प्रशिक्षण पीरियड में कैथल जिले से 257 चालक और 187 परिचालक शामिल होंगे। इसके बाद प्रशिक्षण ले रहे सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षण पत्र भी दिया जाएगा।
मानस फाउंडेशन के प्रशिक्षक राहुल बिष्ट ने बताया कि आईजीएल की सीएसआर पहल के तहत बराबरी डगर सुरक्षित सफर कार्यक्रम के तहत हरियाणा रोडवेज बस चालक व परिचालकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य बस में सफर कर रही महिलाओं के लिए एक सुरक्षित स्थान बनाना व साथ ही व्यावसायिक व्यवहार की जानकारी देना है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण शिविर सप्ताह में दो दिन आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रत्येक दिन 10 चालकों और 10 परिचालकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले दिन परिचालकों को बस में ड्यूटी के दौरान विनम्र स्वभाव में रहने व बस में महिलाओं को सीट उपलब्ध कराने सहित अन्य सुझावों के बारे में बताया।
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रोडवेज महाप्रबंधक अजय गर्ग ने बताया कि यात्रियों को बसों में सफर को सुरक्षित बनाने के लिए मानस फाउंडेशन की ओर से कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसमें शिष्टाचार, सुरक्षा का ध्यान, तनाव पर नियंत्रण इत्यादि के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है।
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बता दें कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बसों में सफर करने वाले यात्रियों को सुरक्षित सफर करवाना है ताकि बसों में सफर के दौरान यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न आए। इस दौरान अप्रिय घटना से निपटने के विशेष गुर भी सीखाए गए। प्रशिक्षण के माध्यम से चालक व परिचालक को बस में यात्री को कैसे चढ़ाया जाए, कैसे उतारा जाए, सीट कैसे उपलब्ध करवाई जाए, कितने यात्री एक बस में होने चाहिए, यात्रियों से कैसा व्यवहार करना, यात्रियों से बात करने का तरीका, महिलाओं की सुरक्षा बसों में कैसे रखें, चालक व परिचालक लंबे सफर में पानी का प्रबंध रखें, चालक व परिचालक ड्यूटी के दौरान तनाव से कैसे बचे। ट्रैफिक सिग्नल को चालक कैसे पार करें। इन बिंदुओं पर सावधानी बरतने को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई। इस प्रशिक्षण पीरियड में कैथल जिले से 257 चालक और 187 परिचालक शामिल होंगे। इसके बाद प्रशिक्षण ले रहे सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षण पत्र भी दिया जाएगा।
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मानस फाउंडेशन के प्रशिक्षक राहुल बिष्ट ने बताया कि आईजीएल की सीएसआर पहल के तहत बराबरी डगर सुरक्षित सफर कार्यक्रम के तहत हरियाणा रोडवेज बस चालक व परिचालकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य बस में सफर कर रही महिलाओं के लिए एक सुरक्षित स्थान बनाना व साथ ही व्यावसायिक व्यवहार की जानकारी देना है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण शिविर सप्ताह में दो दिन आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रत्येक दिन 10 चालकों और 10 परिचालकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले दिन परिचालकों को बस में ड्यूटी के दौरान विनम्र स्वभाव में रहने व बस में महिलाओं को सीट उपलब्ध कराने सहित अन्य सुझावों के बारे में बताया।
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रोडवेज महाप्रबंधक अजय गर्ग ने बताया कि यात्रियों को बसों में सफर को सुरक्षित बनाने के लिए मानस फाउंडेशन की ओर से कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसमें शिष्टाचार, सुरक्षा का ध्यान, तनाव पर नियंत्रण इत्यादि के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है।