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जिले में नहीं दिखा हड़ताल का व्यापक असर....
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कैथल। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर सोमवार से शुरू हुई दो दिवसीय हड़ताल का जिले में मिलाजुला असर दिखा। कई विभागों में हड़ताल जहां पूरी तरह बेअसर दिखाई दी, वहीं नगर परिषद में हड़ताल के कारण कोई काम नहीं हुआ। जिला अस्पताल में भी हड़ताल का असर दिखाई दिया। इसके अलावा रोडवेज, स्वास्थ्य, जनस्वास्थ्य, सिंचाई सहित अनेक विभागों में सामान्य दिनों की तरह कामकाज हुआ। यहां तक कि कई बैंकों में भी रोज की तरह कामकाज हुए। बिजली निगम, स्वास्थ्य विभाग, रोडवेज, शिक्षा विभाग और जन स्वास्थ्य विभाग में सामान्य दिनों की तरह काम हुए।
ज्यादातर कर्मचारी दोपहर तक अपने कार्यों पर वापस लौट गए। उसके बाद दिनभर रोजाना की तरह कार्य हुए। जो कर्मचारी पूर्ण रूप से हड़ताल पर थे, वे भी प्रदर्शन के बाद या तो विभागों में या फिर घर लौट गए। हड़ताल के पहले दिन सुबह कई कर्मचारी संगठन जवाहर पार्क में एकत्रित हुए, जिसमें आंगनबाड़ी वर्कर्स, सफाई कर्मचारी, छात्र नेताओं सहित अन्य कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद वे प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे।
नगर परिषद कार्यालय में सुबह कर्मचारी काम पर आ गए थे। इसके बाद कर्मचारी यूनियन के सदस्य नारेबाजी करते हुए पहुंचे। उनके आह्वान पर कर्मचारी सभी शाखाओं में काम बंद कर हड़ताल पर चले गए। दोपहर तक पूरा नगर परिषद कार्यालय परिसर खाली हो गया। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार नगर परिषद में छह नियमित, 50 कच्चे, 163 सफाई कर्मचारी, 135 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। जिले में 37 सरकारी समिति पैक्स हैं जिनमें से 229 कर्मचारियों ने हड़ताल की। 233 स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। रोडवेज के 100 कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
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हालांकि रोडवेज विभाग में हड़ताल का कोई असर नहीं दिखा। सुबह चार बजे ही बसें सुचारु रूप से चलने लगी थीं। नए बस स्टैंड पर भारी पुलिस बल सहित एक ड्यूटी मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी। डीएसपी विवेक चौधरी, जीएम अजय गर्ग और टीएम रोहताश जांगड़ा दिनभर बस स्टैंड पर गश्त करते दिखाई दिए। एकता मंच, बीएमएम एससी यूनियन, कर्मशाला स्टाफ सहित कई यूनियनों के कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं हुए। वहीं मुख्य गेट के समीप पदाधिकारियों के अलावा हड़ताली कर्मचारी नारेबाजी करते दिखे।
सिविल अस्पताल में हड़ताल का असर दिखाई दिया। हड़ताल के कारण मरीजों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लिफ्ट ऑपरेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर, सफाई कर्मचारी, ओपीडी पर्चियां काटने वाला स्टाफ, अटेंडेंट के हड़ताल पर जाने से व्यवस्था बेपटरी रही। 233 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। पर्ची काटने वाले काउंटर पर मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। अटेंडेंट न होने से डॉक्टरों को भी मरीजों की जांच करने में असुविधा का सामना करना पड़ा। मरीज इलाज और जांच कराने के लिए दिनभर भटकते रहे। इस पर मरीजों और तीमारदारों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि हड़ताल को देखते हुए स्वास्थ्य सेवा प्रभावित न हो, इसके लिए जिम्मेदारों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी। बैंकों में हड़ताल का ज्यादा असर नहीं रहा। ज्यादातर बैंकों में दिनभर कार्य चलता रहा।
सरकार पर बरसे कर्मचारी
सीवन दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन सोमवार को सीवन के कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ बिजली विभाग कार्यालय पर नारेबाजी की। हड़ताल में को-ऑपरेटिव बैंक से सुरेश वर्मा, जनस्वास्थ्य विभाग से राधा कृष्ण, शिक्षा विभाग चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बलकार मलिकपुर, अध्यापक संघ से ब्लाक सचिव गोपाल दास, प्रधान रामफल, स्वास्थ्य विभाग से जोगिंद्र कुमार, रणबीर मलिक, बिजली बोर्ड से मलकीत सिंह, रोशन और प्रदीप मोगा, किसान मजदूर संघ से सुरेंद्र सिंह कामरेड, सीटू से डॉ. विक्रम और रिटायर्ड कर्मचारी संघ से जयप्रकाश शास्त्री मौजूद रहे।
ढांड केंद्रीय ट्रेड यूनियन एआईयूटीयूसी के सदस्यों ने दो दिवसीय हड़ताल को लेकर ढांड के बिहारी दास चौक पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में ढांड ब्लाक के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। ढांड में पीएनबी,आंगनबाड़ी सेंटर पूर्ण रूप से बंद रखकर कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे। जबकि एसबीआई, सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक, विद्युत निगम के कार्यालय खुले रहे और कामकाज सामान्य दिनों की भांति हुए।
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ज्यादातर कर्मचारी दोपहर तक अपने कार्यों पर वापस लौट गए। उसके बाद दिनभर रोजाना की तरह कार्य हुए। जो कर्मचारी पूर्ण रूप से हड़ताल पर थे, वे भी प्रदर्शन के बाद या तो विभागों में या फिर घर लौट गए। हड़ताल के पहले दिन सुबह कई कर्मचारी संगठन जवाहर पार्क में एकत्रित हुए, जिसमें आंगनबाड़ी वर्कर्स, सफाई कर्मचारी, छात्र नेताओं सहित अन्य कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद वे प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे।
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नगर परिषद कार्यालय में सुबह कर्मचारी काम पर आ गए थे। इसके बाद कर्मचारी यूनियन के सदस्य नारेबाजी करते हुए पहुंचे। उनके आह्वान पर कर्मचारी सभी शाखाओं में काम बंद कर हड़ताल पर चले गए। दोपहर तक पूरा नगर परिषद कार्यालय परिसर खाली हो गया। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार नगर परिषद में छह नियमित, 50 कच्चे, 163 सफाई कर्मचारी, 135 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। जिले में 37 सरकारी समिति पैक्स हैं जिनमें से 229 कर्मचारियों ने हड़ताल की। 233 स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। रोडवेज के 100 कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
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हालांकि रोडवेज विभाग में हड़ताल का कोई असर नहीं दिखा। सुबह चार बजे ही बसें सुचारु रूप से चलने लगी थीं। नए बस स्टैंड पर भारी पुलिस बल सहित एक ड्यूटी मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी। डीएसपी विवेक चौधरी, जीएम अजय गर्ग और टीएम रोहताश जांगड़ा दिनभर बस स्टैंड पर गश्त करते दिखाई दिए। एकता मंच, बीएमएम एससी यूनियन, कर्मशाला स्टाफ सहित कई यूनियनों के कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं हुए। वहीं मुख्य गेट के समीप पदाधिकारियों के अलावा हड़ताली कर्मचारी नारेबाजी करते दिखे।
सिविल अस्पताल में हड़ताल का असर दिखाई दिया। हड़ताल के कारण मरीजों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लिफ्ट ऑपरेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर, सफाई कर्मचारी, ओपीडी पर्चियां काटने वाला स्टाफ, अटेंडेंट के हड़ताल पर जाने से व्यवस्था बेपटरी रही। 233 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। पर्ची काटने वाले काउंटर पर मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। अटेंडेंट न होने से डॉक्टरों को भी मरीजों की जांच करने में असुविधा का सामना करना पड़ा। मरीज इलाज और जांच कराने के लिए दिनभर भटकते रहे। इस पर मरीजों और तीमारदारों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि हड़ताल को देखते हुए स्वास्थ्य सेवा प्रभावित न हो, इसके लिए जिम्मेदारों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी। बैंकों में हड़ताल का ज्यादा असर नहीं रहा। ज्यादातर बैंकों में दिनभर कार्य चलता रहा।
सरकार पर बरसे कर्मचारी
सीवन दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन सोमवार को सीवन के कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ बिजली विभाग कार्यालय पर नारेबाजी की। हड़ताल में को-ऑपरेटिव बैंक से सुरेश वर्मा, जनस्वास्थ्य विभाग से राधा कृष्ण, शिक्षा विभाग चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बलकार मलिकपुर, अध्यापक संघ से ब्लाक सचिव गोपाल दास, प्रधान रामफल, स्वास्थ्य विभाग से जोगिंद्र कुमार, रणबीर मलिक, बिजली बोर्ड से मलकीत सिंह, रोशन और प्रदीप मोगा, किसान मजदूर संघ से सुरेंद्र सिंह कामरेड, सीटू से डॉ. विक्रम और रिटायर्ड कर्मचारी संघ से जयप्रकाश शास्त्री मौजूद रहे।
ढांड केंद्रीय ट्रेड यूनियन एआईयूटीयूसी के सदस्यों ने दो दिवसीय हड़ताल को लेकर ढांड के बिहारी दास चौक पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में ढांड ब्लाक के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। ढांड में पीएनबी,आंगनबाड़ी सेंटर पूर्ण रूप से बंद रखकर कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे। जबकि एसबीआई, सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक, विद्युत निगम के कार्यालय खुले रहे और कामकाज सामान्य दिनों की भांति हुए।