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Kaithal News: निगरानी तंत्र को मजबूत करने पर दिया जोर
Tue, 13 Jan 2026 01:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 13 Jan 2026 01:37 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) डॉ. सुशील कुमार ने कहा कि जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ नशे के हॉट स्पॉट क्षेत्रों की पहचान करें। इन क्षेत्रों में न केवल निगरानी बढ़ाई जाए, बल्कि समय-समय पर औचक छापेमारी भी सुनिश्चित की जाए।
लघु सचिवालय स्थित सभागार में एनकॉर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीसी ने ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साथ ही पुराने व खंडहर हो चुके सरकारी भवनों पर भी विशेष निगरानी रखी जाए, ताकि नशे से जुड़ी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
एडीसी ने कहा कि नशा मुक्त जिला बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए जमीनी स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करना बेहद आवश्यक है, ताकि नशे से जुड़ी गतिविधियों की समय रहते जानकारी मिल सके और त्वरित कार्रवाई की जा सके।
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एडीसी ने कहा कि ग्राम स्तर पर गठित कमेटियां न केवल लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें, बल्कि नशे से जुड़ी हर छोटी-बड़ी सूचना प्रशासन तक पहुंचाएं। इससे नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने में मदद मिलेगी। उन्होंने ड्रग कंट्रोल ऑफिसर को अधिक से अधिक छापेमारी करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही छापेमारी को और प्रभावी बनाने के लिए टास्क फोर्स कमेटी के गठन के भी निर्देश जारी किए गए। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए शिक्षण संस्थानों में निरंतर जागरूकता कार्यक्रम, सेमिनार और संवाद सत्र आयोजित करने पर भी जोर दिया गया। साथ ही गांवों में भी नियमित जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
एडीसी ने डीडीपीओ को खंड स्तर पर नियमित बैठकें लेने और ग्राम स्तर पर सरपंचों के माध्यम से सूचनाएं एकत्र करने के निर्देश दिए, ताकि प्राप्त जानकारियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सके। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि जिले में वर्तमान में 11 नशा मुक्ति केंद्र सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। इन केंद्रों में नशे की गिरफ्त में आए लोगों की काउंसलिंग की जाती है और उन्हें उचित उपचार उपलब्ध कराकर समाज की मुख्यधारा में वापस लाने का प्रयास किया जाता है। ग्राम स्तर की कमेटियां भी निरंतर जागरूकता अभियानों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक करेंगी और नशे से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाएं प्रशासन तक पहुंचाएंगी। एडीसी ने जिला खेल अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे खेल परिसरों और खिलाड़ियों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखें, ताकि युवा वर्ग नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रह सके। बैठक में डीएमसी कपिल कुमार, सीईओ जिला परिषद सुरेश राविश, गुहला एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह, सीटीएम गुरविंद्र सिंह, डीएसपी सुशील प्रकाश, डीएसपी कुलदीप बेनीवाल, डीडीपीओ रितु लाठर आदि उपस्थित रहे।
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कैथल। अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) डॉ. सुशील कुमार ने कहा कि जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ नशे के हॉट स्पॉट क्षेत्रों की पहचान करें। इन क्षेत्रों में न केवल निगरानी बढ़ाई जाए, बल्कि समय-समय पर औचक छापेमारी भी सुनिश्चित की जाए।
लघु सचिवालय स्थित सभागार में एनकॉर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीसी ने ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साथ ही पुराने व खंडहर हो चुके सरकारी भवनों पर भी विशेष निगरानी रखी जाए, ताकि नशे से जुड़ी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
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एडीसी ने कहा कि नशा मुक्त जिला बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए जमीनी स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करना बेहद आवश्यक है, ताकि नशे से जुड़ी गतिविधियों की समय रहते जानकारी मिल सके और त्वरित कार्रवाई की जा सके।
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एडीसी ने कहा कि ग्राम स्तर पर गठित कमेटियां न केवल लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें, बल्कि नशे से जुड़ी हर छोटी-बड़ी सूचना प्रशासन तक पहुंचाएं। इससे नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने में मदद मिलेगी। उन्होंने ड्रग कंट्रोल ऑफिसर को अधिक से अधिक छापेमारी करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही छापेमारी को और प्रभावी बनाने के लिए टास्क फोर्स कमेटी के गठन के भी निर्देश जारी किए गए। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए शिक्षण संस्थानों में निरंतर जागरूकता कार्यक्रम, सेमिनार और संवाद सत्र आयोजित करने पर भी जोर दिया गया। साथ ही गांवों में भी नियमित जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
एडीसी ने डीडीपीओ को खंड स्तर पर नियमित बैठकें लेने और ग्राम स्तर पर सरपंचों के माध्यम से सूचनाएं एकत्र करने के निर्देश दिए, ताकि प्राप्त जानकारियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सके। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि जिले में वर्तमान में 11 नशा मुक्ति केंद्र सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। इन केंद्रों में नशे की गिरफ्त में आए लोगों की काउंसलिंग की जाती है और उन्हें उचित उपचार उपलब्ध कराकर समाज की मुख्यधारा में वापस लाने का प्रयास किया जाता है। ग्राम स्तर की कमेटियां भी निरंतर जागरूकता अभियानों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक करेंगी और नशे से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाएं प्रशासन तक पहुंचाएंगी। एडीसी ने जिला खेल अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे खेल परिसरों और खिलाड़ियों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखें, ताकि युवा वर्ग नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रह सके। बैठक में डीएमसी कपिल कुमार, सीईओ जिला परिषद सुरेश राविश, गुहला एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह, सीटीएम गुरविंद्र सिंह, डीएसपी सुशील प्रकाश, डीएसपी कुलदीप बेनीवाल, डीडीपीओ रितु लाठर आदि उपस्थित रहे।