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Kaithal News: 5 दिनों से टूटे पड़े बिजली के खंभे, धान की पौध सूखने की कगार पर
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कोटड़ा गांव में सेरधा ऐपी के टूटे पड़े खंभे। संवाद
- फोटो : Samvad
कसान। आंधी और तेज हवा में गांव कोटड़ा में पिछले पांच दिनों से बिजली के खंभे टूटे होने से ग्रामीण परेशान हैं। कई दिन बीत जाने के बाद भी बिजली विभाग की ओर से खंभे नहीं लगाए गए हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण किसानों की खेतों में तैयार की गई धान की पौध को समय पर पानी नहीं मिल पाने से उसके सूखने का खतरा बढ़ गया है।
किसान शीलू, मेशा, जोगिंदर, हरदीप ने बताया कि टूटे हुए बिजली के खंभों की जानकारी कई बार बिजली विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को दी जा चुकी है लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में सिंचाई के लिए बिजली आवश्यक है और बिजली न मिलने से उनकी फसल प्रभावित हो रही है। जब उन्होंने विभागीय कर्मचारियों से संपर्क किया तो उन्हें बताया गया कि विभाग में मजदूरों की कमी है जिसके कारण मरम्मत कार्य में देरी हो रही है।
हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि किसानों की फसलों को हो रहे नुकसान को देखते हुए विभाग को प्राथमिकता के आधार पर इस समस्या का समाधान करना चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि टूटे हुए खंभों को जल्द से जल्द बदलकर बिजली आपूर्ति बहाल की जाए, ताकि किसानों को धान की खेती के लिए आवश्यक सिंचाई सुविधा मिल सके और उनकी फसल को नुकसान से बचाया जा सके।
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किसान शीलू, मेशा, जोगिंदर, हरदीप ने बताया कि टूटे हुए बिजली के खंभों की जानकारी कई बार बिजली विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को दी जा चुकी है लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में सिंचाई के लिए बिजली आवश्यक है और बिजली न मिलने से उनकी फसल प्रभावित हो रही है। जब उन्होंने विभागीय कर्मचारियों से संपर्क किया तो उन्हें बताया गया कि विभाग में मजदूरों की कमी है जिसके कारण मरम्मत कार्य में देरी हो रही है।
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हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि किसानों की फसलों को हो रहे नुकसान को देखते हुए विभाग को प्राथमिकता के आधार पर इस समस्या का समाधान करना चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि टूटे हुए खंभों को जल्द से जल्द बदलकर बिजली आपूर्ति बहाल की जाए, ताकि किसानों को धान की खेती के लिए आवश्यक सिंचाई सुविधा मिल सके और उनकी फसल को नुकसान से बचाया जा सके।

कोटड़ा गांव में सेरधा ऐपी के टूटे पड़े खंभे। संवाद- फोटो : Samvad
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