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Kaithal News: आठ अर्थियों को नहीं मिला परिवार का कंधा
Mon, 14 Oct 2024 05:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 14 Oct 2024 05:21 AM IST
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नरेंद्र राणा
पूंडरी। पूंडरी क्षेत्र के गांव डीग के लोग और हादसे में जान गंवाने वालों के परिजन शनिवार को गांव मूंदड़ी में सिरसा ब्रांच नहर वाले दर्दनाक हादसे को शायद ही कभी भुला सकेंगे। परिवार में पांच से 65 वर्ष तक की कोई भी लड़की और महिला जीवित नहीं बची।
इस हादसे में दो व्यक्ति और एक लगभग 12 वर्षीय बच्चा ही बच सका है। जानकारी अनुसार डीग की चमेली देवी के दो लड़के हैं। इनमें एक लड़का विदेश पुर्तगाल में है। दूसरा करमजीत जो कार चला रहा था। वह भी चंडीगढ़ पीजीआई में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहा है। बताया गया कि छोटा लड़का प्रवीण विदेश में है। उसकी दो लड़कियां हैं और कर्मजीत, जो अस्पताल में दाखिल है। उनकी तीन लड़की और एक लड़का है। एक लड़का विदेश में होने और परमजीत व उसके लड़के को छोड़कर लगभग पूरा परिवार नहर में डूब कर अपनी जान गंवा चुका है।
इनकी हुई मौत ः हादसे में 40 वर्षीय दर्शना, सुखविंद्र (28) 65 वर्षीय बुजुर्ग चमेली, कोमल (17), वंदना (15) , रिया (12), काजल उर्फ रवनीत (06) और लवप्रीत (13)।
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मेले में जाने से बची जान ः जानकारी अनुसार कर्मजीत जो कार चालक है। उनका 12 वर्षीय बेटा जिद कर एक दिन पहले ही गूहणा भंडारे में काम करने की नीयत से गांव के पड़ौसी के साथ कार में चला गया था। इस कारण उसकी जान बच सकी। अन्यथा परमजीत का पूरा परिवार ही खत्म होने का कारण बन सकता था। संवाद
एक बेटा विदेश और दूसरा पीजीआई
ग्रामीणों ने बताया कि चमेली देवी का एक बेटा विदेश में है और दूसरा बेटा पीजीआई में होने के कारण घर में रोने वाला बस एक बच्चा ही बचा है। बच्चा अभी तक यक़ीन ही नहीं कर पा रहा है कि उसकी पांच बहनें, मां, चाची व दादी अब कभी उनके पास नहीं आ सकेंगी। बच्चा व उसका विदेश गया चाचा गहरे सदमे में है।
पीजीआई में परमजीत को नहीं मालूम
ग्रामीणों ने बताया कि इस हादसे में गंभीर रूप से घायल करमजीत को अभी तक यह बताया नहीं गया है कि उसके साथ कार में सवार परिवार मर चुके हैं। उसको बताया गया कि सभी ठीक हैं। ग्रामीणों ने बताया कि हालांकि चमेली देवी के दो लडकियां हैं जो कि विवाहिता हैं। दोनों बेटों की पत्नियां, पांच पोती और खुद दुनिया को छोड़कर कर चले जाने पर परिवार में कोई चाय-पानी पूछने तक को महिला नहीं बची।
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पूंडरी। पूंडरी क्षेत्र के गांव डीग के लोग और हादसे में जान गंवाने वालों के परिजन शनिवार को गांव मूंदड़ी में सिरसा ब्रांच नहर वाले दर्दनाक हादसे को शायद ही कभी भुला सकेंगे। परिवार में पांच से 65 वर्ष तक की कोई भी लड़की और महिला जीवित नहीं बची।
इस हादसे में दो व्यक्ति और एक लगभग 12 वर्षीय बच्चा ही बच सका है। जानकारी अनुसार डीग की चमेली देवी के दो लड़के हैं। इनमें एक लड़का विदेश पुर्तगाल में है। दूसरा करमजीत जो कार चला रहा था। वह भी चंडीगढ़ पीजीआई में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहा है। बताया गया कि छोटा लड़का प्रवीण विदेश में है। उसकी दो लड़कियां हैं और कर्मजीत, जो अस्पताल में दाखिल है। उनकी तीन लड़की और एक लड़का है। एक लड़का विदेश में होने और परमजीत व उसके लड़के को छोड़कर लगभग पूरा परिवार नहर में डूब कर अपनी जान गंवा चुका है।
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इनकी हुई मौत ः हादसे में 40 वर्षीय दर्शना, सुखविंद्र (28) 65 वर्षीय बुजुर्ग चमेली, कोमल (17), वंदना (15) , रिया (12), काजल उर्फ रवनीत (06) और लवप्रीत (13)।
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मेले में जाने से बची जान ः जानकारी अनुसार कर्मजीत जो कार चालक है। उनका 12 वर्षीय बेटा जिद कर एक दिन पहले ही गूहणा भंडारे में काम करने की नीयत से गांव के पड़ौसी के साथ कार में चला गया था। इस कारण उसकी जान बच सकी। अन्यथा परमजीत का पूरा परिवार ही खत्म होने का कारण बन सकता था। संवाद
एक बेटा विदेश और दूसरा पीजीआई
ग्रामीणों ने बताया कि चमेली देवी का एक बेटा विदेश में है और दूसरा बेटा पीजीआई में होने के कारण घर में रोने वाला बस एक बच्चा ही बचा है। बच्चा अभी तक यक़ीन ही नहीं कर पा रहा है कि उसकी पांच बहनें, मां, चाची व दादी अब कभी उनके पास नहीं आ सकेंगी। बच्चा व उसका विदेश गया चाचा गहरे सदमे में है।
पीजीआई में परमजीत को नहीं मालूम
ग्रामीणों ने बताया कि इस हादसे में गंभीर रूप से घायल करमजीत को अभी तक यह बताया नहीं गया है कि उसके साथ कार में सवार परिवार मर चुके हैं। उसको बताया गया कि सभी ठीक हैं। ग्रामीणों ने बताया कि हालांकि चमेली देवी के दो लडकियां हैं जो कि विवाहिता हैं। दोनों बेटों की पत्नियां, पांच पोती और खुद दुनिया को छोड़कर कर चले जाने पर परिवार में कोई चाय-पानी पूछने तक को महिला नहीं बची।