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वापस लिए गए कृषि कानूनों को लागू करने का हो रहा प्रयास : रतन
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कलायत। खंड के सिमला में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) कार्यकर्ताओं ने बैठक की। इस बैइक में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगा कहा कि कई वर्ष पूर्व वापस लिए गए तीन कृषि कानूनों को अब कृषि विपणन बाजार नीति के जरिए केंद्र सरकार की ओर लागू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से हाल ही में कृषि विपणन बाजार नीति का एक मसौदा तैयार करके राज्यों की सरकारों के पास भेजा गया है। जिसको लेकर किसान संगठन मुखर होने लगे हैं। उन्होंने कहा कि सयुंक्त किसान मोर्चा हरियाणा की ओर से कृषि विपणन बाजार नीति के विरोध में प्रदेशभर में प्रचार अभियान शुरू कर दिया गया है।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष गुरनाम सिंह सहारण व भाकियू प्रवक्ता सुरेंद्र सागवान विशेष तौर पर मौजूद थे। बैठक में पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष रतनमान ने कहा कि सरकार कृषि विपणन बाजार नीति के जरिए किसानों, आढ़तियों और अनाज मंडियों के अस्तित्व को खत्म करने का प्रयास कर रही है। जो किसानों के हित में नही है। बैठक में जिलाध्यक्ष गुरनाम सिंह सहारण ने एमएसपी खरीद गांरटी का कानून बनाने तथा ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई के लिए 50 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की।
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किसान नेता रतनमान ने कहा कि भाकियू की ओर से इस नीति के विरोध में आने वाली 11 मार्च को प्रदेशभर में जिला सचिवालयों पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम जिला उपायुक्तों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। भाकियू ने चेतावनी दी कि अगर प्रदेश सरकार ने इस नीति को बिना मंजूरी के केंद्र को वापस नहीं लौटाया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता ब्लाक प्रधान जिले सिंह मोर ने की। इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह रामगढ, खंड सचिव सुरेंद्र सिंह चौशाला, प्रीतम सिंह लांबा खेड़ी, लहरी सिंह मटौर, देवी दयाल बांगड, शमशेर दुबल, सत्यवान चौशाला, इंद्र, बलकार आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से हाल ही में कृषि विपणन बाजार नीति का एक मसौदा तैयार करके राज्यों की सरकारों के पास भेजा गया है। जिसको लेकर किसान संगठन मुखर होने लगे हैं। उन्होंने कहा कि सयुंक्त किसान मोर्चा हरियाणा की ओर से कृषि विपणन बाजार नीति के विरोध में प्रदेशभर में प्रचार अभियान शुरू कर दिया गया है।
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इस अवसर पर जिलाध्यक्ष गुरनाम सिंह सहारण व भाकियू प्रवक्ता सुरेंद्र सागवान विशेष तौर पर मौजूद थे। बैठक में पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष रतनमान ने कहा कि सरकार कृषि विपणन बाजार नीति के जरिए किसानों, आढ़तियों और अनाज मंडियों के अस्तित्व को खत्म करने का प्रयास कर रही है। जो किसानों के हित में नही है। बैठक में जिलाध्यक्ष गुरनाम सिंह सहारण ने एमएसपी खरीद गांरटी का कानून बनाने तथा ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई के लिए 50 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की।
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किसान नेता रतनमान ने कहा कि भाकियू की ओर से इस नीति के विरोध में आने वाली 11 मार्च को प्रदेशभर में जिला सचिवालयों पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम जिला उपायुक्तों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। भाकियू ने चेतावनी दी कि अगर प्रदेश सरकार ने इस नीति को बिना मंजूरी के केंद्र को वापस नहीं लौटाया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता ब्लाक प्रधान जिले सिंह मोर ने की। इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह रामगढ, खंड सचिव सुरेंद्र सिंह चौशाला, प्रीतम सिंह लांबा खेड़ी, लहरी सिंह मटौर, देवी दयाल बांगड, शमशेर दुबल, सत्यवान चौशाला, इंद्र, बलकार आदि मौजूद रहे।