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शिक्षा विभाग उपलब्ध कराएगा प्ले स्कूलों के लिए जगह
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Education Department will provide space for play schools
- फोटो : Kaithal
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जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों को बदलकर बनाए जाने वाले 191 प्ले स्कूलों की देखरेख और उनमें सुविधाएं जुटाने की जिम्मेदारी तो महिला एवं बाल विकास विभाग की होगी। वहीं दूसरी ओर प्ले स्कूल चलाने के लिए भवन शिक्षा विभाग की ओर से उपलब्ध करवाई जाएगी। हालांकि इस समय जिले में 1270 आंगनबाड़ी केंद्र हैं, लेकिन अभी तक ये तय नहीं हो पाया है कि इनमें से प्ले स्कूल कहां-कहां बनाए जाएंगे।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने पहले से ही जमीन के लिए तैयारियों को पुख्ता किया है। इसके लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पहले ही पत्र लिखा गया है कि अगर किसी स्थान पर प्ले स्कूल के लिए जगह नहीं है तो उसके लिए स्कूलों में स्थान उपलब्ध करवाया जाए। इसके अलावा स्टाफ भी महिला एवं बाल विकास विभाग का ही रहेगा। जो वर्कर पहले से केंद्र में बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा दे रही हैं, वे ही प्ले स्कूलों में बच्चों को पढ़ाएंगी और उनकी विकास संबंधित गतिविधियों पर निगरानी रखेंगी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रभारी अनीता नैन और सीडीपीओ कमलेश गर्ग ने बताया कि स्थान को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों से पत्राचार किया गया है। देखरेख का कार्य महिला एवं बाल विकास विभाग खुद करेगा। अगर स्थान स्टाफ को लेकर विभाग के किसी प्रकार के बदलाव के निर्देश होंगे तो उनका भी प्रमुखता से पालन किया जाएगा। अब तक सारा कार्य नियमों के अनुसार बिना किसी बाधा के जारी है।
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महिला एवं बाल विकास विभाग ने पहले से ही जमीन के लिए तैयारियों को पुख्ता किया है। इसके लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पहले ही पत्र लिखा गया है कि अगर किसी स्थान पर प्ले स्कूल के लिए जगह नहीं है तो उसके लिए स्कूलों में स्थान उपलब्ध करवाया जाए। इसके अलावा स्टाफ भी महिला एवं बाल विकास विभाग का ही रहेगा। जो वर्कर पहले से केंद्र में बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा दे रही हैं, वे ही प्ले स्कूलों में बच्चों को पढ़ाएंगी और उनकी विकास संबंधित गतिविधियों पर निगरानी रखेंगी।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रभारी अनीता नैन और सीडीपीओ कमलेश गर्ग ने बताया कि स्थान को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों से पत्राचार किया गया है। देखरेख का कार्य महिला एवं बाल विकास विभाग खुद करेगा। अगर स्थान स्टाफ को लेकर विभाग के किसी प्रकार के बदलाव के निर्देश होंगे तो उनका भी प्रमुखता से पालन किया जाएगा। अब तक सारा कार्य नियमों के अनुसार बिना किसी बाधा के जारी है।
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