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सूर्यग्रहण पर किया दान कई गुना देता है फल : रविदत्त
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38-पूंडरी। रविदत्त शास्त्री
- फोटो : Kaithal
पूंडरी। पंडित रविदत्त शास्त्री पूंडरी ने बताया कि जब भी ग्रहण पड़े तो हमेशा दो बातों का खास ध्यान रखें कि उस समय कुछ भी खाना पीना नहीं चाहिए। उस दौरान केवल भजन और दान पुण्य करें। संसार में भी किसी पर आपत्ति के समय हमें उसके मंगल के लिए प्रार्थना करनी चाहिए। ग्रहण के समय किया गया दान कई गुना फल देता है क्योंकि यह लोकमंगल के निमित्त होता है।
उन्होंने बताया कि विक्रम संवत 2079 में संपूर्ण भू मंडल पर दो सूर्य ग्रहण एवं दो चंद्र ग्रहण इस प्रकार से कुल चार ग्रहण घटित होंगे। इनमें से एक सूर्य ग्रहण और एक चंद्र ग्रहण ही भारत में दिखाई देगा। जो ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। उसके किसी भी प्रकार के गुण दोषों का वर्णन भारत में नहीं होगा।
भारत में दृश्य ग्रहण का विवरण-खग्रास सूर्य ग्रहण-यह खण्डग्रास सूर्य ग्रहण 25 अक्तूबर को कार्तिक कृष्ण अमावस्या के दिन घटित होगा। यह ग्रहण पूर्वी भारत यथा असम, मेघालय आदि प्रांतों को छोड़कर लगभग संपूर्ण भारत में दिखाई देगा। भारत वर्ष में ग्रहण का मोक्ष होने से पहले ही सूर्यास्त हो जाएगा ।
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ग्रहण प्रारंभ -14:29 बजे
ग्रहण मध्य - 16:30 बजे
ग्रहण समाप्त - 18:32 बजे
इस विशेष योग में इस ग्रहण के दिन तीर्थ स्थानों में जाकर स्नान दान-जप करके पुण्य लाभ अवश्य अर्जित करना चाहिए। चूड़ामणि ग्रहण में स्नान, दान, जप आदि का शास्त्रों में बहुत अधिक महत्व माना गया है। पद्मपुराण और मत्स्य पुराण के अनुसार सूर्य ग्रहण पर कुरुक्षेत्र में स्नान एवं दान करना पुनीत कार्य है इसलिए कुरुक्षेत्र में सूर्य ग्रहण का बड़ा महत्व है। इस वर्ष धनतेरस 23 अक्तूबर को रहेगी। लक्ष्मी पूजन दीपावली 24 अक्तूबर को रहेगी क्योंकि 25 अक्तूबर को सूर्य ग्रहण होगा वैसे अमावस्या 24 अक्तूबर शाम को आ जाएगी। 25 अक्तूबर को होने वाला सूर्य ग्रहण का सूतक सुबह 4:42 पर लग जाएगा 7सूर्य ग्रहण शाम 4:27 से शुरू होकर 6:25 पर खत्म होगा, 25 तारीख को सूर्य ग्रहण होने से गोवर्धन पूजा 26 तारीख को होगी, व भाई दूज 27 तारीख को होगी।
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उन्होंने बताया कि विक्रम संवत 2079 में संपूर्ण भू मंडल पर दो सूर्य ग्रहण एवं दो चंद्र ग्रहण इस प्रकार से कुल चार ग्रहण घटित होंगे। इनमें से एक सूर्य ग्रहण और एक चंद्र ग्रहण ही भारत में दिखाई देगा। जो ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। उसके किसी भी प्रकार के गुण दोषों का वर्णन भारत में नहीं होगा।
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भारत में दृश्य ग्रहण का विवरण-खग्रास सूर्य ग्रहण-यह खण्डग्रास सूर्य ग्रहण 25 अक्तूबर को कार्तिक कृष्ण अमावस्या के दिन घटित होगा। यह ग्रहण पूर्वी भारत यथा असम, मेघालय आदि प्रांतों को छोड़कर लगभग संपूर्ण भारत में दिखाई देगा। भारत वर्ष में ग्रहण का मोक्ष होने से पहले ही सूर्यास्त हो जाएगा ।
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ग्रहण प्रारंभ -14:29 बजे
ग्रहण मध्य - 16:30 बजे
ग्रहण समाप्त - 18:32 बजे
इस विशेष योग में इस ग्रहण के दिन तीर्थ स्थानों में जाकर स्नान दान-जप करके पुण्य लाभ अवश्य अर्जित करना चाहिए। चूड़ामणि ग्रहण में स्नान, दान, जप आदि का शास्त्रों में बहुत अधिक महत्व माना गया है। पद्मपुराण और मत्स्य पुराण के अनुसार सूर्य ग्रहण पर कुरुक्षेत्र में स्नान एवं दान करना पुनीत कार्य है इसलिए कुरुक्षेत्र में सूर्य ग्रहण का बड़ा महत्व है। इस वर्ष धनतेरस 23 अक्तूबर को रहेगी। लक्ष्मी पूजन दीपावली 24 अक्तूबर को रहेगी क्योंकि 25 अक्तूबर को सूर्य ग्रहण होगा वैसे अमावस्या 24 अक्तूबर शाम को आ जाएगी। 25 अक्तूबर को होने वाला सूर्य ग्रहण का सूतक सुबह 4:42 पर लग जाएगा 7सूर्य ग्रहण शाम 4:27 से शुरू होकर 6:25 पर खत्म होगा, 25 तारीख को सूर्य ग्रहण होने से गोवर्धन पूजा 26 तारीख को होगी, व भाई दूज 27 तारीख को होगी।