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डॉक्यूमेंट्री में दिखाए धारा 498ए के दुष्परिणाम
ब्यूरो कैथल
Updated Tue, 24 Jan 2017 12:39 AM IST
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short film
- फोटो : short film
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एनआईआईएलएम यूनिवर्सिटी में सोमवार को पुरुषों से संबंधित कानून आईपीसी धारा 498ए पर आधारित मांटियर्स ऑफ मैरेज डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन किया गया। दीपिका नारायण भारद्वाज के निर्देशन में बनी इस फिल्म में दिखाया गया कि किस तरह कानून का गलत इस्तेमाल कर पुरुषों को प्रताड़ित किया जाता है। फिल्म में अलग-अलग सत्य घटनाओं को आधार बनाकर दिखाया गया है कि किस तरह महिलाएं इस कानून का दुरुपयोग कर पुरुषों को झूठे आरोप लगाकर आत्महत्या के लिए मजबूर कर देती हैं।
लगभग 90 मिनट की डॉक्यूमेंट्री में कानून के दुरुपयोग का शिकार हुए लड़कों के परिवारों ने कोर्ट में मामला लंबित होने के दौरान लड़की के परिवार द्वारा डराकर या फिर ब्लैकमेल कर दी गई मानसिक यातनाओं के बारे में बताया। चार साल की कड़ी मेहनत के बाद तैयार हुई इस डॉक्यूमेंट्री में विभिन्न न्यायाधीशों, वकीलों, पुलिस अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं से बातचीत कर उनके पक्ष को भी सहजता से दिखाया गया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार साल 1998 से 2015 के बीच आईपीसी धारा 498 (ए) के तहत 27 लाख से ज्यादा लोगों को इस कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है।
फिल्म के प्रदर्शन के बाद इस गंभीर विषय पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने अपने विचार रखे और कानून का दुरुपयोग रोकने के लिए संकल्प भी लिया। इस मौके पर कुलपति अरविंद धर, उप कुलपति अनुराधा धर, धर्मप्रकाश, डॉ. अंकित कुमार, वेदप्रकाश, चंदन डोगरा आदि मौजूद रहे।
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लगभग 90 मिनट की डॉक्यूमेंट्री में कानून के दुरुपयोग का शिकार हुए लड़कों के परिवारों ने कोर्ट में मामला लंबित होने के दौरान लड़की के परिवार द्वारा डराकर या फिर ब्लैकमेल कर दी गई मानसिक यातनाओं के बारे में बताया। चार साल की कड़ी मेहनत के बाद तैयार हुई इस डॉक्यूमेंट्री में विभिन्न न्यायाधीशों, वकीलों, पुलिस अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं से बातचीत कर उनके पक्ष को भी सहजता से दिखाया गया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार साल 1998 से 2015 के बीच आईपीसी धारा 498 (ए) के तहत 27 लाख से ज्यादा लोगों को इस कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है।
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फिल्म के प्रदर्शन के बाद इस गंभीर विषय पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने अपने विचार रखे और कानून का दुरुपयोग रोकने के लिए संकल्प भी लिया। इस मौके पर कुलपति अरविंद धर, उप कुलपति अनुराधा धर, धर्मप्रकाश, डॉ. अंकित कुमार, वेदप्रकाश, चंदन डोगरा आदि मौजूद रहे।
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