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Kaithal News: आज और कल डॉक्टर हड़ताल पर, मरीजों को होगी परेशानी

Mon, 08 Dec 2025 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Mon, 08 Dec 2025 12:56 AM IST
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Doctors on strike today and tomorrow, patients will face problems
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 1,500 मरीज ओपीडी में आते हैं। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज़ एसोसिएशन की राज्य कार्यकारिणी के निर्णय के तहत जिले के सरकारी डॉक्टर 8 और 9 दिसंबर को हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान नागरिक अस्पताल सहित जिलेभर की ओपीडी सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी। इससे मरीजों को परेशानी हो सकती है।

हड़ताल के कारण इमरजेंसी वार्ड पर दबाव बढ़ने की संभावना है, क्योंकि कई मरीज सीधे आपातकालीन कक्ष का रुख कर सकते हैं। जिले में लगभग 71 डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं, और हड़ताल में शामिल होने से करीब 3,000 मरीज प्रभावित होंगे।
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विरोध की वजह ः एसोसिएशन का आरोप है कि सरकार एसएमओ (वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी) की सीधी भर्ती पर फिर से तैयारी कर रही है। वहीं, संशोधित एश्योर्ड कैरियर प्रगति (एसीपी) संरचना को लागू करने में देरी को लेकर भी असंतोष है। इसके तहत वेतनमान 8,700 रुपये से बढ़ाकर 9,500 रुपये किया जाना था। एसोसिएशन की मांग है कि एसएमओ की सीधी भर्ती पर तत्काल रोक लगाई जाए और एसीपी संरचना तुरंत अधिसूचित की जाए। एसोसिएशन का कहना है कि डॉक्टरों पर मरीजों का दबाव है, लेकिन ग्रेड पे अन्य कैडरों की तुलना में कम होने से असंतोष बढ़ रहा है।
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हमारी मांग है कि एसएमओ की सीधी भर्ती पर रोक लगे और एसीपी संरचना को तुरंत अधिसूचित किया जाए। हमारी हड़ताल का उद्देश्य केवल डॉक्टरों के अधिकारों की रक्षा नहीं, बल्कि मरीजों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थापना सुनिश्चित करना भी है। डॉ. ललित, प्रधान, हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज़ एसोसिएशन
सीएम बोले- कुछ मांगें मान ली हैं

कैथल में पार्टी बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि सरकार ने डॉक्टरों की कुछ बातें मान ली हैं। यह पब्लिक से जुड़ा विषय है। कुछ डॉक्टर ऐसे भी हैं जो हड़ताल पर नहीं हैं। यूपी से सप्लाई होने वाले असलहा के संदर्भ में कहा कि प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर को दुरुस्त करना सरकार की जिम्मेदारी है। उसे सरकार कर रही है।


हड़ताल का इन पर पड़ेगा असर

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दो दिन की हड़ताल के दौरान ओपीडी सेवाएं बंद रहेंगी। प्रसव, ऑपरेशन, ट्रॉमा और अन्य जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित होंगी। जिले के नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन आने वाले लगभग 2,000 लोगों को इन दो दिनों तक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रहना पड़ेगा। यदि सरकार मांगों को मानने में विफल रहती है तो आंदोलन अनिश्चितकालीन रूप से बढ़ाया जा सकता है।

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सीनियर मेडिकल ऑफिसर पदों पर सीधी भर्ती बंद की जाए।

• डॉक्टरों को समय पर पदोन्नति का अधिकार दें, एसीपी योजना लागू की जाए।

• वर्षों से लंबित सेवा नियमों (सर्विस रूल्स) में सुधार किया जाए।

• सरकारी डॉक्टरों के साथ भर्ती और पदस्थापन में भेदभाव खत्म किया जाए।

• अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए नए पद सृजित किए जाएं।

• कार्यस्थल पर डॉक्टरों की सुरक्षा के साथ ड्यूटी घंटे निर्धारित किए जाएं।
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