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एसएमओ कार्यालय के बाहर छेड़खानी के आरोपी डॉक्टर से मारपीट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 28 Aug 2021 12:29 AM IST
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Doctor accused of molesting outside SMO office assaulted
जिला अस्पताल कैथल विवादों का अड्डा बन गया है। यहां हर रोज कोई न कोई विवाद सामने आता है। वीरवार को महिला कर्मचारी द्वारा अस्पताल में ही पूर्व कर्मचारी रहे चुके डॉ. विनय गुप्ता के खिलाफ दर्ज करवाए छेड़खानी और मारपीट के विवाद को लेकर शुक्रवार को घटनाक्रम हुआ। जिसमें आरोपी डा. विनय गुप्ता ने अस्पताल इंचार्ज सहित कई कर्मचारियों के खिलाफ बहाने से बुलाकर मारपीट करने के आरोप लगाते हुए एसपी सहित कई आला अधिकारियों को शिकायत दी है।
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वीरवार को महिला कर्मचारी की शिकायत पर दर्ज छेड़छाड़ व मारपीट के आरोपी डा. विनय गुप्ता ने कहा कि उसे 26 अगस्त को पीएमओ कार्यालय से फोन करके 2 बजे आरटीआई के माध्यम से मांगी गई सूचना देने के लिए बुलाया गया था। जब वह वहां पहुंचा तो उसके खिलाफ केस दर्ज करवाने वाली महिला कर्मचारी व उसके साथियों ने अचानक उस पर लोहे की रोड व अन्य हथियारों से हमला कर दिया। उसका सिर कई बार दीवार पर दे मारा। उक्त महिला कर्मचारी ने बाद में उसके खिलाफ झूठा केस दर्ज करवा दिया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है। उसने अपना चिकित्सीय परीक्षण करवाते हुए पीएमओ शैलेंद्र ममगाईं शैली, महिला कर्मचारी व अन्य के खिलाफ डीजीपी व एसपी को शिकायत दी है। उसने कहा कि उसने पीएमओ कार्यालय में जाने का प्रयास किया, जहां अंदर एसएमओ बैठे थे। लेकिन बाहर खड़े कर्मचारी ने उसे अंदर नहीं जाने दिया। यह हमला सुनियोजित था।
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डा. विनय गुप्ता ने यह भी बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश माननीय नरेश कत्याल ने उसकी शिकायत पर पुलिस लाइन में तैनात एक कांस्टेबल पर पुलिस व कोर्ट के अति संवेदनशील व गोपनीय दस्तावेजों को चुराने को लेकर एसपी को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। इस संबंध में उसने न्यायालय में शिकायत दी थी।
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एफआईआर में पत्रकार जयपाल का नाम होने पर डीसी से मिले पत्रकार
दूसरी ओर डा. विनय गुप्ता के खिलाफ दर्ज छेड़छाड़ व मारपीट संबंधी एफआईआर में पत्रकार जयपाल पर भी आरोप है कि वह भी उक्त महिला कर्मचारी का पीछा करता है। इस मामले में कई पत्रकार शुक्रवार को डीसी प्रदीप दहिया से मिले। जिसमें जयपाल रसूलपुर ने बताया कि उसे अस्पताल गए हुए 15 दिन हो गए हैं। वह लगातार अस्पताल की कवरेज कर रहा है। इसी कारण रंजिशन उसका नाम एफआईआर में रखा गया है।

डीसी प्रदीप दहिया ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी और किसी भी पत्रकार पर निर्दोष होते हुए कोई कार्रवाई नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने इस संबंध में एसपी व सीएमओ से बात की है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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