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दिवाली आज, पूजन का समय 7:08 से 9:03 तक
Mon, 20 Oct 2025 03:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 20 Oct 2025 03:06 AM IST
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कैथल। हिंदू पंचांग के अनुसार दीपावली का पर्व पर्व हर साल कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष दीपावली का पर्व 20 अक्टूबर यानि आज मनाया जाएगा। दिवाली पर लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त 20 अक्टूबर 2025 की शाम 07:08 से रात 08:18 बजे तक रहेगा। वहीं प्रदोष काल शाम 05:46 से रात 08:18 तक और वृषभ काल शाम 07:08 से रात 09:03 तक रहेगा।
लक्ष्मी पूजन के लिए रात्रि का समय 11:41 से देर रात 12:31 बजे तक रहेगा। मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीराम 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे, और नगरवासियों ने दीपों से संपूर्ण अयोध्या को आलोकित किया था। दीपावली पर भक्त मां लक्ष्मी, भगवान गणेश, श्रीराम दरबार और कुबेर देवता की पूजा करते हैं। इस दिन रात्रि में दीप प्रज्ज्वलन कर घरों को प्रकाश और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया जाता है। ऐसा माना जाता है कि शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी पूजन करने से घर में धन, वैभव और सुख-समृद्धि का स्थायी वास होता है।
ज्योतिषी धीरेंद्र शर्मा ने बताया कि इस बार कार्तिक अमावस्या की तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 3: 44 से शुरू होकर 21 अक्टूबर की शाम 5: 55 तक रहेगी। ज्योतिष गणना के अनुसार, 20 अक्टूबर को प्रदोष व्यापिनी अमावस्या का संयोग बन रहा है, जो शाम 3: 44 से शुरू होगा।
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मान्यता है कि यदि सायं काल (संध्या समय) में प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाए तो उस दिन दीपावली नहीं मनाई जाती, क्योंकि प्रतिपदा में दीपावली का धार्मिक महत्व नहीं होता। इसी कारण इस वर्ष 20 अक्टूबर को ही दीपावली मनाई जा रही है।
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लक्ष्मी पूजन के लिए रात्रि का समय 11:41 से देर रात 12:31 बजे तक रहेगा। मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीराम 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे, और नगरवासियों ने दीपों से संपूर्ण अयोध्या को आलोकित किया था। दीपावली पर भक्त मां लक्ष्मी, भगवान गणेश, श्रीराम दरबार और कुबेर देवता की पूजा करते हैं। इस दिन रात्रि में दीप प्रज्ज्वलन कर घरों को प्रकाश और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया जाता है। ऐसा माना जाता है कि शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी पूजन करने से घर में धन, वैभव और सुख-समृद्धि का स्थायी वास होता है।
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ज्योतिषी धीरेंद्र शर्मा ने बताया कि इस बार कार्तिक अमावस्या की तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 3: 44 से शुरू होकर 21 अक्टूबर की शाम 5: 55 तक रहेगी। ज्योतिष गणना के अनुसार, 20 अक्टूबर को प्रदोष व्यापिनी अमावस्या का संयोग बन रहा है, जो शाम 3: 44 से शुरू होगा।
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मान्यता है कि यदि सायं काल (संध्या समय) में प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाए तो उस दिन दीपावली नहीं मनाई जाती, क्योंकि प्रतिपदा में दीपावली का धार्मिक महत्व नहीं होता। इसी कारण इस वर्ष 20 अक्टूबर को ही दीपावली मनाई जा रही है।

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