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Kaithal News: आदेश ठेंगे पर, मासूमों को बुलाया स्कूल
Tue, 21 May 2024 05:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 21 May 2024 05:07 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। निजी स्कूल संचालकों ने एक बार फिर से शिक्षा विभाग के आदेशों की अवहेलना की है। दरअसल, भीषण गर्मी को देख रविवार को ही डीसी प्रशांत पंवार ने कक्षा पहली से पांचवीं तक की 24 मई तक अवकाश की घोषणा की थी, लेकिन कई निजी स्कूल संचालकों ने डीसी के निर्देशों को दरकिनार कर स्कूल खोले और कक्षा पहली से पांचवीं तक के बच्चों को भी स्कूलों में बुलाया।
लोगों ने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे में यदि कोई हादसा हो जाए तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? गौरतलब है कि सोमवार को अधिकतम तापमान 43.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर के समय में आसमान से आग बरस रही थी। गर्मी इतनी थी कि बार-बार गला सूख रहा था।
इस दौरान निजी स्कूल संचालकों ने डीसी के आदेशों की अवहेलना करते हुए कक्षा पहली से पांचवीं तक के स्कूल खोले। इसके बाद दोपहर के समय में घर जाते हुए बच्चों को कड़ी धूप में परेशानी का सामना करना पड़ा।
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जिन स्कूलों के खुलने की सूचना मिली तो वहां पर कर्मियों को भेजकर मौके पर ही बंद करवा दिया गया था। यदि ऐसे और स्कूलों की सूचना मिलेगी तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. विजय लक्ष्मी, जिला शिक्षा अधिकारी कैथल।
पहले भी हो चुके हादसे
सरकार व प्रशासन के आदेशों की अवहेलना करने पर जिले व प्रदेश में पहले कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी निजी स्कूल अपनी मनमानी कर रहे हैं। डीसी के आदेशों के बाद भी नौनिहालों को स्कूलों में बुलाया गया है। जिले में अधिकांश निजी स्कूलों ने कक्षा पहली से पांचवीं के बच्चों को बुलाया हुआ था। अभिभावक अपने बच्चों के मोटरसाइकिल व अन्य वाहनों में बैठाकर स्कूल छोडक़र आए।
गौरतलब है कि बीते माह ईद के दिन सरकारी छुट्टी के चलते निजी स्कूलों में बच्चों को बुलया गया था। इस दौरान फतेहाबाद के गांव कनीना में स्कूल बस का संतुलन बिगडऩे से बड़ा हादसा हो गया था। इसमें कई बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई थी और लगभग 15 बच्चे घायल हो गए था। यदि ऐसे में जिले में हादसा हो जाए तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?
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कैथल। निजी स्कूल संचालकों ने एक बार फिर से शिक्षा विभाग के आदेशों की अवहेलना की है। दरअसल, भीषण गर्मी को देख रविवार को ही डीसी प्रशांत पंवार ने कक्षा पहली से पांचवीं तक की 24 मई तक अवकाश की घोषणा की थी, लेकिन कई निजी स्कूल संचालकों ने डीसी के निर्देशों को दरकिनार कर स्कूल खोले और कक्षा पहली से पांचवीं तक के बच्चों को भी स्कूलों में बुलाया।
लोगों ने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे में यदि कोई हादसा हो जाए तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? गौरतलब है कि सोमवार को अधिकतम तापमान 43.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर के समय में आसमान से आग बरस रही थी। गर्मी इतनी थी कि बार-बार गला सूख रहा था।
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इस दौरान निजी स्कूल संचालकों ने डीसी के आदेशों की अवहेलना करते हुए कक्षा पहली से पांचवीं तक के स्कूल खोले। इसके बाद दोपहर के समय में घर जाते हुए बच्चों को कड़ी धूप में परेशानी का सामना करना पड़ा।
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जिन स्कूलों के खुलने की सूचना मिली तो वहां पर कर्मियों को भेजकर मौके पर ही बंद करवा दिया गया था। यदि ऐसे और स्कूलों की सूचना मिलेगी तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. विजय लक्ष्मी, जिला शिक्षा अधिकारी कैथल।
पहले भी हो चुके हादसे
सरकार व प्रशासन के आदेशों की अवहेलना करने पर जिले व प्रदेश में पहले कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी निजी स्कूल अपनी मनमानी कर रहे हैं। डीसी के आदेशों के बाद भी नौनिहालों को स्कूलों में बुलाया गया है। जिले में अधिकांश निजी स्कूलों ने कक्षा पहली से पांचवीं के बच्चों को बुलाया हुआ था। अभिभावक अपने बच्चों के मोटरसाइकिल व अन्य वाहनों में बैठाकर स्कूल छोडक़र आए।
गौरतलब है कि बीते माह ईद के दिन सरकारी छुट्टी के चलते निजी स्कूलों में बच्चों को बुलया गया था। इस दौरान फतेहाबाद के गांव कनीना में स्कूल बस का संतुलन बिगडऩे से बड़ा हादसा हो गया था। इसमें कई बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई थी और लगभग 15 बच्चे घायल हो गए था। यदि ऐसे में जिले में हादसा हो जाए तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?