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Kaithal News: धान के सीजन में गेट पास ज्यादा कटे, धान कम मिला
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धान के सीजन में गेट पास की वेरिफिकेशन करते हुए एसडीएम मनीष कुमार यादव। संवाद
गुहला-चीका। धान के सीजन के बीच गुहला-चीका अनाज मंडी में एसडीएम मुनीष कुमार यादव ने वीरवार देर शाम अपनी टीम और पटवारियों के साथ मंडी में पहुंचकर गेट पास, स्टॉक, खरीद व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थाओं की जांच की। एसडीएम करीब शाम सात बजे मंडी पहुंचे और रात करीब 12 बजे तक विभिन्न बिंदुओं पर जांच की। जांच के दौरान कुछ फर्मों के रिकॉर्ड में पोर्टल पर कटे गेट पास की संख्या और मौके पर उपलब्ध धान के स्टॉक में अंतर सामने आया। प्रारंभिक जांच में कुछ आढ़तियों के पास गेट पास की संख्या के मुकाबले धान कम पाया गया।
इसके बाद मंडी में कई दुकानदारों ने अपनी दुकानों के शटर तक गिरा दिए। एक पटवारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि छापे की सूचना मिलते ही कई आढ़तियों में घबराहट देखने को मिली। प्रशासन को शिकायत मिली थी कि कुछ मामलों में बिना धान लाए गेट पास काटे गए और सरकारी खरीद दर्शाने का प्रयास किया गया। हालांकि इस पूरे मामले में वास्तविक स्थिति विस्तृत जांच और रिकॉर्ड के मिलान के बाद ही स्पष्ट होगी। एसडीएम ने संबंधित रिकॉर्ड की जांच करते हुए मार्केट कमेटी अधिकारियों को भी स्टॉक की नियमित जांच के निर्देश दिए हैं।
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भाकियू चढ़ूनी ने की पूरी मंडी की जांच की मांग
भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के प्रदेश उपाध्यक्ष चमकौर बनेड़ा और जिला आईटी सेल प्रभारी जरनैल जैली ने कहा कि यदि गेट पास और मौके के स्टॉक में अंतर पाया गया है तो यह गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि मंडी में आने वाले किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए पूरी मंडी के रिकॉर्ड और स्टॉक की जांच होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जहां भी अनियमितता सामने आए, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
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एसडीएम के सामने आया स्ट्रीट लाइटों का मामला
धान के गेट पास और स्टॉक की जांच के दौरान मंडी में स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था का मामला भी एसडीएम के संज्ञान में आया। रिकॉर्ड में मंडी में करीब 100 स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं जबकि मौके पर जांच के दौरान मंडी परिसर में करीब 50 लाइटें ही लगी और चालू हालत में मिलीं। मंडी के बाहर भी कई लाइटें बंद पाई गईं। इस पर एसडीएम ने पूरे मामले की रिपोर्ट तलब करते हुए मार्केट कमेटी सचिव सतबीर राविश से पूछा कि कितनी लाइटों का टेंडर हुआ, कितनी लाइटें खरीदी गईं, कितनी लगाई गईं और वर्तमान में कितनी चालू हैं। एसडीएम ने कहा कि तीन दिन के भीतर पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने मार्केट कमेटी सचिव सतबीर राविश को मौके पर तलब करते हुए निर्देश दिए कि मंडी को तत्काल भूसे के ढेरों से खाली करवाया जाए।
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राइस मिलों की पीवी में भी सामने आई मार्केट फीस की गड़बड़ी
एसडीएम मुनीष कुमार यादव ने गुहला-चीका क्षेत्र के राइस मिलों में अचानक फिजिकल वेरिफिकेशन भी शुरू किया। इस दौरान स्टॉक के साथ-साथ मार्केट फीस से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की गई। प्रशासन के अनुसार कुछ राइस मिलों की ओर से बड़ी मात्रा में धान उठाए जाने के बावजूद मार्केट फीस जमा नहीं करवाने का मामला सामने आया। एसडीएम ने मौके पर ही संबंधित मिल संचालकों को बकाया मार्केट फीस जमा करवाने के निर्देश दिए। कई मिल संचालकों ने लाखों रुपये मार्केट कमेटी के खाते में जमा करवाए, जबकि कुछ ने अगले दिन दोपहर तक भुगतान करने का समय मांगा।
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फर्जी गेट पास की शिकायत मिली थी, जांच जारी : एसडीएम
एसडीएम मुनीष कुमार यादव ने बताया कि उन्हें फर्जी गेट पास के संबंध में शिकायत मिली थी। शिकायत के आधार पर मंडी में जांच की गई जिसमें कुछ आढ़तियों के पास रिकॉर्ड के अनुसार गेट पास की संख्या और मौके पर उपलब्ध स्टॉक में अंतर पाया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और मार्केट कमेटी सचिव को रोजाना स्टॉक वेरिफिकेशन करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
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इसके बाद मंडी में कई दुकानदारों ने अपनी दुकानों के शटर तक गिरा दिए। एक पटवारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि छापे की सूचना मिलते ही कई आढ़तियों में घबराहट देखने को मिली। प्रशासन को शिकायत मिली थी कि कुछ मामलों में बिना धान लाए गेट पास काटे गए और सरकारी खरीद दर्शाने का प्रयास किया गया। हालांकि इस पूरे मामले में वास्तविक स्थिति विस्तृत जांच और रिकॉर्ड के मिलान के बाद ही स्पष्ट होगी। एसडीएम ने संबंधित रिकॉर्ड की जांच करते हुए मार्केट कमेटी अधिकारियों को भी स्टॉक की नियमित जांच के निर्देश दिए हैं।
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भाकियू चढ़ूनी ने की पूरी मंडी की जांच की मांग
भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के प्रदेश उपाध्यक्ष चमकौर बनेड़ा और जिला आईटी सेल प्रभारी जरनैल जैली ने कहा कि यदि गेट पास और मौके के स्टॉक में अंतर पाया गया है तो यह गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि मंडी में आने वाले किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए पूरी मंडी के रिकॉर्ड और स्टॉक की जांच होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जहां भी अनियमितता सामने आए, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
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एसडीएम के सामने आया स्ट्रीट लाइटों का मामला
धान के गेट पास और स्टॉक की जांच के दौरान मंडी में स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था का मामला भी एसडीएम के संज्ञान में आया। रिकॉर्ड में मंडी में करीब 100 स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं जबकि मौके पर जांच के दौरान मंडी परिसर में करीब 50 लाइटें ही लगी और चालू हालत में मिलीं। मंडी के बाहर भी कई लाइटें बंद पाई गईं। इस पर एसडीएम ने पूरे मामले की रिपोर्ट तलब करते हुए मार्केट कमेटी सचिव सतबीर राविश से पूछा कि कितनी लाइटों का टेंडर हुआ, कितनी लाइटें खरीदी गईं, कितनी लगाई गईं और वर्तमान में कितनी चालू हैं। एसडीएम ने कहा कि तीन दिन के भीतर पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने मार्केट कमेटी सचिव सतबीर राविश को मौके पर तलब करते हुए निर्देश दिए कि मंडी को तत्काल भूसे के ढेरों से खाली करवाया जाए।
राइस मिलों की पीवी में भी सामने आई मार्केट फीस की गड़बड़ी
एसडीएम मुनीष कुमार यादव ने गुहला-चीका क्षेत्र के राइस मिलों में अचानक फिजिकल वेरिफिकेशन भी शुरू किया। इस दौरान स्टॉक के साथ-साथ मार्केट फीस से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की गई। प्रशासन के अनुसार कुछ राइस मिलों की ओर से बड़ी मात्रा में धान उठाए जाने के बावजूद मार्केट फीस जमा नहीं करवाने का मामला सामने आया। एसडीएम ने मौके पर ही संबंधित मिल संचालकों को बकाया मार्केट फीस जमा करवाने के निर्देश दिए। कई मिल संचालकों ने लाखों रुपये मार्केट कमेटी के खाते में जमा करवाए, जबकि कुछ ने अगले दिन दोपहर तक भुगतान करने का समय मांगा।
फर्जी गेट पास की शिकायत मिली थी, जांच जारी : एसडीएम
एसडीएम मुनीष कुमार यादव ने बताया कि उन्हें फर्जी गेट पास के संबंध में शिकायत मिली थी। शिकायत के आधार पर मंडी में जांच की गई जिसमें कुछ आढ़तियों के पास रिकॉर्ड के अनुसार गेट पास की संख्या और मौके पर उपलब्ध स्टॉक में अंतर पाया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और मार्केट कमेटी सचिव को रोजाना स्टॉक वेरिफिकेशन करवाने के निर्देश दिए गए हैं।

धान के सीजन में गेट पास की वेरिफिकेशन करते हुए एसडीएम मनीष कुमार यादव। संवाद