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Kaithal News: लाइब्रेरियन रंगनाथन के कार्यों पर चर्चा
Tue, 13 Aug 2024 02:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 13 Aug 2024 02:16 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। बाबू अनंत राम जनता कॉलेज कौल में हरियाणा पुस्तकालय संघ के सहयोग से द टाइमलेस लाइब्रेरियन रंगनाथन का आज के युग में विजन विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें लाइब्रेरियन रंगनाथन के कार्यों पर चर्चा संग विचार विमर्श किया गया।
गौरतलब है कि लाइब्रेरियन रंगनाथन को भारत में पुस्तकालय विज्ञान , प्रलेखन और सूचना विज्ञान का जनक माना जाता है। मुख्यातिथि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश व मुख्य वक्ता के तौर पर पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला से डॉ. एचपीएस कालडा व एचएलए अध्यक्ष डॉ. रूपेश गौड़ ने शिरकत की।
कार्यशाला का शुभारंभ मां सरस्वती और डॉ. एसआर. रंगनाथन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। कार्यशाला में पुस्तकालय विज्ञान और सूचना विज्ञान के क्षेत्र में विशेषज्ञों ने रंगनाथन की सोच को आज के युग में लागू करने के तरीकों पर चर्चा की। मुख्य वक्ता डॉ. हरेंद्र पाल कालडा ने डिजिटल ट्रांजिशन और मीडिया एवं सूचना साक्षरता विषय पर अपने विचार साझा किए।
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उन्होंने कहा कि पुस्तकालयों को डिजिटल ट्रांजिशन के लिए तैयार करना होगा। इस अवसर पर डॉ. आरडी मैहला, डाॅ. अजय कुमार, नरेंद्र कुमार चिमनी, बाबूराम हुड्डा, अश्विनी कुमार व सिमरजीत कौर मौजूद रहे।
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ढांड। बाबू अनंत राम जनता कॉलेज कौल में हरियाणा पुस्तकालय संघ के सहयोग से द टाइमलेस लाइब्रेरियन रंगनाथन का आज के युग में विजन विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें लाइब्रेरियन रंगनाथन के कार्यों पर चर्चा संग विचार विमर्श किया गया।
गौरतलब है कि लाइब्रेरियन रंगनाथन को भारत में पुस्तकालय विज्ञान , प्रलेखन और सूचना विज्ञान का जनक माना जाता है। मुख्यातिथि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश व मुख्य वक्ता के तौर पर पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला से डॉ. एचपीएस कालडा व एचएलए अध्यक्ष डॉ. रूपेश गौड़ ने शिरकत की।
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कार्यशाला का शुभारंभ मां सरस्वती और डॉ. एसआर. रंगनाथन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। कार्यशाला में पुस्तकालय विज्ञान और सूचना विज्ञान के क्षेत्र में विशेषज्ञों ने रंगनाथन की सोच को आज के युग में लागू करने के तरीकों पर चर्चा की। मुख्य वक्ता डॉ. हरेंद्र पाल कालडा ने डिजिटल ट्रांजिशन और मीडिया एवं सूचना साक्षरता विषय पर अपने विचार साझा किए।
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उन्होंने कहा कि पुस्तकालयों को डिजिटल ट्रांजिशन के लिए तैयार करना होगा। इस अवसर पर डॉ. आरडी मैहला, डाॅ. अजय कुमार, नरेंद्र कुमार चिमनी, बाबूराम हुड्डा, अश्विनी कुमार व सिमरजीत कौर मौजूद रहे।