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Kaithal News: अनुशासन और मेहनत ने खुशी के सपनों को दी उड़ान
Wed, 29 Apr 2026 12:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 29 Apr 2026 12:35 AM IST
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खुशी
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। युवा हैंडबॉल खिलाड़ी खुशी ने अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और संघर्ष के दम पर अपने सपनों को साकार किया है। आरकेएसडी महाविद्यालय की छात्रा खुशी आज खेल जगत में उभरती हुई प्रतिभा के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं और राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन कर रही हैं।
19 वर्षीय खुशी के पिता अशोक कुमार ट्रक चालक हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। पांच भाई-बहनों में से एक खुशी की छोटी बहन भी खेलों में सक्रिय है और बॉक्सिंग की ट्रेनिंग ले रही है। खुशी पिछले चार वर्षों से हैंडबॉल खेल रही हैं और लगातार अपनी प्रतिभा को निखार रही हैं।
वह कैथल के छोटू राम इंडोर स्टेडियम में कोच प्रशांत के मार्गदर्शन में नियमित अभ्यास करती हैं। उनकी दिनचर्या बेहद अनुशासित है—सुबह 5 से 8 बजे तक और शाम 4 से 7 बजे तक वह कठिन अभ्यास करती हैं।
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राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण जीतकर बनाई अलग पहचान : खुशी ने सब-जूनियर और जूनियर वर्ग में अब तक सात राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया है। हाल ही में उत्तराखंड में आयोजित राष्ट्रीय खेलों में उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की।
इससे पहले गोवा में आयोजित राष्ट्रीय खेलों में भी वह रजत पदक जीत चुकी हैं। खुशी का कहना है कि उनकी सफलता के पीछे उनके कोच और परिवार का महत्वपूर्ण योगदान है। उनका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करना है, जिसके लिए वह लगातार मेहनत कर रही हैं।
कोच प्रशांत के अनुसार, खुशी एक अनुशासित और मेहनती खिलाड़ी हैं, जिनमें आगे बढ़ने की अपार क्षमता है। उन्हें उचित अवसर और सुविधाएं मिलती रहें तो वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन कर सकती हैं।
खुशी की प्रमुख उपलब्धियां
2022 : सब-जूनियर नेशनल: स्वर्ण पदक
2022 : जूनियर नेशनल: रजत पदक
2023 : जूनियर नेशनल: रजत पदक
2023 : फेडरेशन कप: रजत पदक
2023 : स्कूल नेशनल गेम्स: स्वर्ण पदक
2024 : जूनियर नेशनल: रजत पदक
2024 : सीनियर नेशनल: कांस्य पदक
2024 : नेशनल गेम्स: रजत पदक
2025 : नेशनल गेम्स (उत्तराखंड): स्वर्ण पदक
2025 : जूनियर नेशनल: रजत पदक
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कैथल। युवा हैंडबॉल खिलाड़ी खुशी ने अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और संघर्ष के दम पर अपने सपनों को साकार किया है। आरकेएसडी महाविद्यालय की छात्रा खुशी आज खेल जगत में उभरती हुई प्रतिभा के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं और राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन कर रही हैं।
19 वर्षीय खुशी के पिता अशोक कुमार ट्रक चालक हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। पांच भाई-बहनों में से एक खुशी की छोटी बहन भी खेलों में सक्रिय है और बॉक्सिंग की ट्रेनिंग ले रही है। खुशी पिछले चार वर्षों से हैंडबॉल खेल रही हैं और लगातार अपनी प्रतिभा को निखार रही हैं।
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वह कैथल के छोटू राम इंडोर स्टेडियम में कोच प्रशांत के मार्गदर्शन में नियमित अभ्यास करती हैं। उनकी दिनचर्या बेहद अनुशासित है—सुबह 5 से 8 बजे तक और शाम 4 से 7 बजे तक वह कठिन अभ्यास करती हैं।
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राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण जीतकर बनाई अलग पहचान : खुशी ने सब-जूनियर और जूनियर वर्ग में अब तक सात राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया है। हाल ही में उत्तराखंड में आयोजित राष्ट्रीय खेलों में उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की।
इससे पहले गोवा में आयोजित राष्ट्रीय खेलों में भी वह रजत पदक जीत चुकी हैं। खुशी का कहना है कि उनकी सफलता के पीछे उनके कोच और परिवार का महत्वपूर्ण योगदान है। उनका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करना है, जिसके लिए वह लगातार मेहनत कर रही हैं।
कोच प्रशांत के अनुसार, खुशी एक अनुशासित और मेहनती खिलाड़ी हैं, जिनमें आगे बढ़ने की अपार क्षमता है। उन्हें उचित अवसर और सुविधाएं मिलती रहें तो वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन कर सकती हैं।
खुशी की प्रमुख उपलब्धियां
2022 : सब-जूनियर नेशनल: स्वर्ण पदक
2022 : जूनियर नेशनल: रजत पदक
2023 : जूनियर नेशनल: रजत पदक
2023 : फेडरेशन कप: रजत पदक
2023 : स्कूल नेशनल गेम्स: स्वर्ण पदक
2024 : जूनियर नेशनल: रजत पदक
2024 : सीनियर नेशनल: कांस्य पदक
2024 : नेशनल गेम्स: रजत पदक
2025 : नेशनल गेम्स (उत्तराखंड): स्वर्ण पदक
2025 : जूनियर नेशनल: रजत पदक