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Kaithal News: शहर के मुख्य मार्गों पर नालों में गंदगी का आलम
Sat, 29 Jun 2024 05:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 29 Jun 2024 05:02 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। मौसम विभाग की माने तो जिले में शनिवार को मानसून दस्तक देगा लेकिन मुख्य शहरी मार्गों पर स्थित नालों में गंदगी का आलम है। यह देखकर लोगों को जलभराव से होने वाली परेशानियां याद आ रही हैं। बीते साल बारिश के बाद जिले के लोगों ने तमाम दुश्वारियां झेली थीं लेकिन इस बार भी पानी निकासी के इंतजाम ठीक नहीं दिखाई पड़ रहे हैं।
लोगों का साफ कहना है कि म्हारा शहर बारिश के पानी की निकासी के लिए तैयार नहीं हैं। शहर के बंद पड़े ड्रेन व नालों का असर बारिश के बाद नजर आएगा जब घरों व दुकानों में गंदा पानी घुसेगा। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि गंदगी सफाई के बिना पानी निकासी कैसे होगी, इस पर प्रशासन लापरवाह नजर आ रहा है।
लोगों के मुताबिक, अभी जरा सी बारिश मुसीबत बन जाती है। इस समय शहर के मुख्य मार्गों में स्थित नालों में भी गंदगी का आलम है। हर सीजन में नालों की सफाई को लेकर नगर परिषद और लोक निर्माण विभाग के बीच पेंच फंसता है। हालांकि शहर के नालों की सफाई का जिम्मा जिला प्रशासन की ओर से नगर परिषद को दिया जाता है।
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पूरे शहर में 140 किलोमीटर तक लंबे नाले बनाए गए हैं। वहीं, अभी तक इसमें से 40 40 किलोमीटर तक भी नालों की सफाई नहीं हो सकी है।
इन स्थानों पर ठहरता बारिश का पानी ः शहर में जींद रोड पुल के नीचे स्थित सिक्का मार्केट, ट्रैक्टर मार्केट, रेलवे अंडरब्रिज, माता गेट, प्रताप गेट, कमेटी चौक, भगत सिंह चौक, पिहोवा चौक, कबूतर चौक, सब्जी मंडी, रेलवे रोड, चंदाना गेट, पुरानी अनाज मंडी, सेक्टर 18 से 20, देवीगढ़ रोड, मायापुरी कॉलोनी, ऋषि नगर, नया बस स्टैंड, भगत सिंह कॉलोनी, गोशाला रोड, पुराना अस्पताल सहित शहर के अन्य कई स्थानों पर बरसात आने के बाद पानी जमा होने की समस्या बनी रहती है। बुधवार सुबह हुई थोड़ी सी बारिश के बाद कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया था।
जिले से पांच ड्रेन से होती है पानी की निकासी ः जिले में मुख्य रूप से पांच ड्रेन के माध्यम से पानी की निकासी की जाती है। इनमें से करीब 35 किलोमीटर लंबी कैथल ड्रेन और 30 किलोमीटर लंबी अमीन ड्रेन तो सिंचाई विभाग के पास है, लेकिन सिल्लाखेड़ा, ग्योंग और मानस ड्रेन का काफी हिस्सा शहर में जनस्वास्थ्य विभाग के अधीन है। कैथल व अमीन दोनों ड्रेन की क्षमता 400 क्यूसेक से शुरू होकर 2200 क्यूसेक तक है। इसके अलावा ग्योंग ड्रेन की लंबाई करीब पांच किलोमीटर, मानस ड्रेन की छह और सिल्लाखेड़ा ड्रेन की लंबाई तीन किलोमीटर के करीब है। इन्हीं तीन ड्रेन के माध्यम से शहर से गंदे पानी की निकासी होती है। विभाग के अनुसार इन ड्रेन में सफाई करने का कार्य शुरू करवा दिया गया है, लेकिन शहर के लोग सफाई के कार्य को खानापूर्ति करार दे रहे हैं।
जिला प्रशासन की ओर से ली गई बैठक के तहत जो भी निर्देश मिले थे। इसके अनुसार अपने स्टाफ की ड्यूटियां लगाई गई है। इसमें मुख्य रूप से सफाई कर्मचारियों को विशेष हिदायतें दी गई है। इसके साथ ही जहां पर बड़े नाले बने हैं, वहां पर नगर परिषद की ओर से जेसीबी लगवाकर सफाई करवाई जा रही है। मानसून की बारिश से पहले ही सफाई के सभी प्रबंध पूर कर लिए जाएंगे। - कुलदीप मलिक, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, कैथल।
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कैथल। मौसम विभाग की माने तो जिले में शनिवार को मानसून दस्तक देगा लेकिन मुख्य शहरी मार्गों पर स्थित नालों में गंदगी का आलम है। यह देखकर लोगों को जलभराव से होने वाली परेशानियां याद आ रही हैं। बीते साल बारिश के बाद जिले के लोगों ने तमाम दुश्वारियां झेली थीं लेकिन इस बार भी पानी निकासी के इंतजाम ठीक नहीं दिखाई पड़ रहे हैं।
लोगों का साफ कहना है कि म्हारा शहर बारिश के पानी की निकासी के लिए तैयार नहीं हैं। शहर के बंद पड़े ड्रेन व नालों का असर बारिश के बाद नजर आएगा जब घरों व दुकानों में गंदा पानी घुसेगा। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि गंदगी सफाई के बिना पानी निकासी कैसे होगी, इस पर प्रशासन लापरवाह नजर आ रहा है।
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लोगों के मुताबिक, अभी जरा सी बारिश मुसीबत बन जाती है। इस समय शहर के मुख्य मार्गों में स्थित नालों में भी गंदगी का आलम है। हर सीजन में नालों की सफाई को लेकर नगर परिषद और लोक निर्माण विभाग के बीच पेंच फंसता है। हालांकि शहर के नालों की सफाई का जिम्मा जिला प्रशासन की ओर से नगर परिषद को दिया जाता है।
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पूरे शहर में 140 किलोमीटर तक लंबे नाले बनाए गए हैं। वहीं, अभी तक इसमें से 40 40 किलोमीटर तक भी नालों की सफाई नहीं हो सकी है।
इन स्थानों पर ठहरता बारिश का पानी ः शहर में जींद रोड पुल के नीचे स्थित सिक्का मार्केट, ट्रैक्टर मार्केट, रेलवे अंडरब्रिज, माता गेट, प्रताप गेट, कमेटी चौक, भगत सिंह चौक, पिहोवा चौक, कबूतर चौक, सब्जी मंडी, रेलवे रोड, चंदाना गेट, पुरानी अनाज मंडी, सेक्टर 18 से 20, देवीगढ़ रोड, मायापुरी कॉलोनी, ऋषि नगर, नया बस स्टैंड, भगत सिंह कॉलोनी, गोशाला रोड, पुराना अस्पताल सहित शहर के अन्य कई स्थानों पर बरसात आने के बाद पानी जमा होने की समस्या बनी रहती है। बुधवार सुबह हुई थोड़ी सी बारिश के बाद कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया था।
जिले से पांच ड्रेन से होती है पानी की निकासी ः जिले में मुख्य रूप से पांच ड्रेन के माध्यम से पानी की निकासी की जाती है। इनमें से करीब 35 किलोमीटर लंबी कैथल ड्रेन और 30 किलोमीटर लंबी अमीन ड्रेन तो सिंचाई विभाग के पास है, लेकिन सिल्लाखेड़ा, ग्योंग और मानस ड्रेन का काफी हिस्सा शहर में जनस्वास्थ्य विभाग के अधीन है। कैथल व अमीन दोनों ड्रेन की क्षमता 400 क्यूसेक से शुरू होकर 2200 क्यूसेक तक है। इसके अलावा ग्योंग ड्रेन की लंबाई करीब पांच किलोमीटर, मानस ड्रेन की छह और सिल्लाखेड़ा ड्रेन की लंबाई तीन किलोमीटर के करीब है। इन्हीं तीन ड्रेन के माध्यम से शहर से गंदे पानी की निकासी होती है। विभाग के अनुसार इन ड्रेन में सफाई करने का कार्य शुरू करवा दिया गया है, लेकिन शहर के लोग सफाई के कार्य को खानापूर्ति करार दे रहे हैं।
जिला प्रशासन की ओर से ली गई बैठक के तहत जो भी निर्देश मिले थे। इसके अनुसार अपने स्टाफ की ड्यूटियां लगाई गई है। इसमें मुख्य रूप से सफाई कर्मचारियों को विशेष हिदायतें दी गई है। इसके साथ ही जहां पर बड़े नाले बने हैं, वहां पर नगर परिषद की ओर से जेसीबी लगवाकर सफाई करवाई जा रही है। मानसून की बारिश से पहले ही सफाई के सभी प्रबंध पूर कर लिए जाएंगे। - कुलदीप मलिक, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, कैथल।