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Kaithal News: जर्जर जिला पुस्तकालय भवन का होगा जीर्णोद्धार, खर्च होंगे 1.12 करोड़ रुपये
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जिला पुस्तकालय भवन की जर्जर हो चुका भवन। संवाद
कैथल। जर्जर हो चुके जिला पुस्तकालय का जीर्णोद्धार होगा। शिक्षा विभाग ने इसके लिए 1.12 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। राशि पीडब्ल्यूडी विभाग को दी गई है और उन्हें छह माह के अंदर सुधार कार्यों को पूरा करना होगा।
कुछ महीने पहले डीसी अपराजिता ने जिला पुस्तकालय का निरीक्षण किया था और यहां की खामियों के बारे में अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तुरंत भवन का एस्टीमेट तैयार करते हुए मरम्मत करवाने के आदेश दिए थे। एस्टीमेट भेजने के बाद अब शिक्षा विभाग ने अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग राशि जारी की है। सबसे ज्यादा 45.78 लाख रुपये बिजली के कार्यों पर खर्च किए जाएंगे और पूरे भवन को वातानुकूलित बनाया जाएगा। इसके अलावा बिजली की पुरानी हो चुकी तार और फिटिंग को भी बदला जाएगा। उसके बाद भवन के मरम्मत व नवीनीकरण भी 29.19 लाख रुपये खर्च होंगे। विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए 26.98 लाख रुपये से काउंटर टेबल व बुक सेल्फ रखे जाएंगे और साथ ही 10.68 लाख रुपये शौचालयों की मरम्मत पर भी खर्च किए जाएंगे।
नीचे गिरने लगा है लेंटर
जिला पुस्तकालय का भवन जर्जर हालत में है। दीवारों से पेंट के साथ ही प्लास्टर भी उतर चुका है। बिल्डिंग के ऊपरी हिस्सों से लेंटर गिरने लगा है। पूरी बिल्डिंग वातानुकूलित नहीं होने और पुराने हो चुके एसी के कारण भी छात्रों को पढ़ाई में परेशानी हो रही थी। इसके अलावा पुस्तकालय के शौचालय भी बदहाल हो चुके थे।
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300 छात्र कर सकते हैं एक साथ पढ़ाई
जिला पुस्तकालय का निर्माण 8100 स्क्वेयर फीट क्षेत्र में किया गया है और इसमें 300 छात्र एक साथ बैठकर पढ़ाई कर सकते हैं। वर्तमान में पुस्तकालय में हर विषय से जुड़ी 20 से ज्यादा किताबें हैं, जिनके विद्यार्थी नाम मात्र फीस देकर यहां पढ़ाई कर सकते हैं और इन किताबों का लाभ भी उठा सकते हैं। इनमें सामान्य ज्ञान के साथ ही हर विषय से जुड़ी किताबें भी मौजूद हैं।
पुस्तकालय के एस्टीमेट के बाद 1.12 करोड़ रुपये की राशि शिक्षा विभाग ने मंजूर कर पीडब्ल्यूडी विभाग को भेज दी है। इसमें किस कार्य पर कितनी राशि खर्च की जानी है, इसका भी उल्लेख है। अब भवन, शौचालय, बिजली व अन्य जो भी कमियां थी, उनको इस राशि के खर्च करने के बाद दूर कर दिया जाएगा और पूरे जिले के विद्यार्थी इस आधुनिक पुस्तकालय में बैठकर अपने भविष्य को संवार सकेंगे। किसी भी जिले को पुस्तकालय के लिए इतनी राशि नहीं दी गई है।
- डॉ. मनोज भांबू, प्रभारी, जिला पुस्तकालय, कैथल।
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कुछ महीने पहले डीसी अपराजिता ने जिला पुस्तकालय का निरीक्षण किया था और यहां की खामियों के बारे में अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तुरंत भवन का एस्टीमेट तैयार करते हुए मरम्मत करवाने के आदेश दिए थे। एस्टीमेट भेजने के बाद अब शिक्षा विभाग ने अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग राशि जारी की है। सबसे ज्यादा 45.78 लाख रुपये बिजली के कार्यों पर खर्च किए जाएंगे और पूरे भवन को वातानुकूलित बनाया जाएगा। इसके अलावा बिजली की पुरानी हो चुकी तार और फिटिंग को भी बदला जाएगा। उसके बाद भवन के मरम्मत व नवीनीकरण भी 29.19 लाख रुपये खर्च होंगे। विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए 26.98 लाख रुपये से काउंटर टेबल व बुक सेल्फ रखे जाएंगे और साथ ही 10.68 लाख रुपये शौचालयों की मरम्मत पर भी खर्च किए जाएंगे।
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नीचे गिरने लगा है लेंटर
जिला पुस्तकालय का भवन जर्जर हालत में है। दीवारों से पेंट के साथ ही प्लास्टर भी उतर चुका है। बिल्डिंग के ऊपरी हिस्सों से लेंटर गिरने लगा है। पूरी बिल्डिंग वातानुकूलित नहीं होने और पुराने हो चुके एसी के कारण भी छात्रों को पढ़ाई में परेशानी हो रही थी। इसके अलावा पुस्तकालय के शौचालय भी बदहाल हो चुके थे।
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300 छात्र कर सकते हैं एक साथ पढ़ाई
जिला पुस्तकालय का निर्माण 8100 स्क्वेयर फीट क्षेत्र में किया गया है और इसमें 300 छात्र एक साथ बैठकर पढ़ाई कर सकते हैं। वर्तमान में पुस्तकालय में हर विषय से जुड़ी 20 से ज्यादा किताबें हैं, जिनके विद्यार्थी नाम मात्र फीस देकर यहां पढ़ाई कर सकते हैं और इन किताबों का लाभ भी उठा सकते हैं। इनमें सामान्य ज्ञान के साथ ही हर विषय से जुड़ी किताबें भी मौजूद हैं।
पुस्तकालय के एस्टीमेट के बाद 1.12 करोड़ रुपये की राशि शिक्षा विभाग ने मंजूर कर पीडब्ल्यूडी विभाग को भेज दी है। इसमें किस कार्य पर कितनी राशि खर्च की जानी है, इसका भी उल्लेख है। अब भवन, शौचालय, बिजली व अन्य जो भी कमियां थी, उनको इस राशि के खर्च करने के बाद दूर कर दिया जाएगा और पूरे जिले के विद्यार्थी इस आधुनिक पुस्तकालय में बैठकर अपने भविष्य को संवार सकेंगे। किसी भी जिले को पुस्तकालय के लिए इतनी राशि नहीं दी गई है।
- डॉ. मनोज भांबू, प्रभारी, जिला पुस्तकालय, कैथल।

जिला पुस्तकालय भवन की जर्जर हो चुका भवन। संवाद

जिला पुस्तकालय भवन की जर्जर हो चुका भवन। संवाद

जिला पुस्तकालय भवन की जर्जर हो चुका भवन। संवाद