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Kaithal News: मुआवजा जारी न होने से बढ़ी मुश्किलें

Sat, 15 Nov 2025 12:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sat, 15 Nov 2025 12:10 AM IST
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Difficulties increased due to non-release of compensation
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। बारिश और जलभराव से धान की फसल खराब होने के बावजूद मुआवजा राशि जारी न होने से किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। किसान लगातार अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन मुआवजा कब मिलेगा, इस बारे अब तक कोई स्पष्ट तारीख नहीं बताई जा रही। मुआवजा न मिलने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और कई परिवारों का गुजारा करना मुश्किल होता जा रहा है।

कांगथली गांव के किसान अमरिक सिंह ने बताया कि अतिवृष्टि के कारण उनकी पूरी फसल पानी में डूब गई थी। उन्होंने क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन किया था, परंतु मुआवजा न आने से अब परिवार का खर्च चलाना भारी पड़ रहा है। स्थिति इतनी खराब हो गई है कि रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी चुनौती बन गया है।
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खरकां गांव के किसान राजेश ने बताया कि उन्होंने 10 एकड़ जमीन ठेके पर लेकर धान की फसल लगाई थी, लेकिन पहाड़ों से आए पानी और भारी बारिश के कारण पूरी फसल चौपट हो गई। मुआवजे के लिए महीनों से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई राशि प्राप्त नहीं हुई।
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किसान नेता विक्रम कसाना ने कहा कि एक एकड़ धान की खेती पर करीब 20-25 हजार रुपये का खर्च आता है, जबकि जमीन का ठेका 60 से 70 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष है।


ऐसे में फसल खराब होने और मुआवजा न मिलने से खासकर ठेके पर खेती करने वाले किसानों की हालत दयनीय हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द से जल्द बाढ़ और बारिश से प्रभावित हुए किसानों को मुआवजा देकर राहत प्रदान करे।
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