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मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद मार्केटिंग बोर्ड ने बदला ऑनलाइन खरीद का फैसला

Sun, 25 Sep 2016 11:55 PM IST
ब्यूरो कैथल
ब्यूरो कैथल Updated Sun, 25 Sep 2016 11:55 PM IST
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मंडी में बिकने के लिए आई धान - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद धान के सीजन में ऑनलाइन और सीधी धान खरीद का रास्ता साफ हो गया है। शनिवार शाम करनाल में आयोजित हुई धान उत्पादक जिलों के मंडी सचिवों की बैठक में मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक जी गणेशन ने यह जानकारी दी। जिसमें धान की पहले की तरह से सीधी खरीद करने की भी अनुमति प्रदान कर दी गई है। अब केवल एक अक्तूबर से पहले खरीद का मामला लंबित रह गया है। अनाज मंडियों में धान की आवक लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं सरकार द्वारा एक अक्तूबर को धान की खरीद निर्धारित की है। जबकि किसान अभी से खरीद शुरू करने की मांग कर रहे हैं।
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प्रदेश में सरकार द्वारा इस बार धान की ऑनलाइन खरीद शुरू किए जाने का एलान किया गया था। जिसके लिए किसानों व आढ़तियों का रजिस्ट्रेशन कर उन्हें मंडी में धान लेकर आने पर ऑनलाइन धान बेचने के लिए कहा जा रहा था। इसे देश में कहीं भी बैठा व्यापारी खरीद सकता है। इसके लिए मार्केट कमेटी कार्यालयों में विशेष रूप से कंप्यूटर ऑपरेटर लगाए गए हैं। जो इस डाटा को ऑनलाइन कर रहे हैं।
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गत 22 सितंबर को कुरुक्षेत्र में एकत्रित हुए प्रदेश भर के आढ़तियों की मांग पर मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया था कि आढ़तियों व किसानों को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। आढ़तियों को धान के भुगतान सहित कई तरीकों पर आपत्ति है।
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मुख्य प्रशासक ने ली मंडी सचिवों की बैठक में दी अनुमति
मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक जी गणेशन ने कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, यमुनानगर, जींद सहित धान उत्पादक जिलों में मंडी के सचिवों की बैठक करनाल में ली। शनिवार शाम आयोजित बैठक में बताया कि सरकार ने निर्णय लिया है कि इस बार धान की ऑनलाइन व सीधी दोनों तरह से खरीद की जाएगी। अधिकारी किसी आढ़ती को जबरन ऑनलाइन खरीद के लिए बाध्य ना करें। वे केवल उन्हें अधिक से अधिक खरीद कार्य ऑनलाइन करने के लिए प्रेरित करें। इसके अलावा आढ़ती सीधे भी धान की खरीद शुरू कर सकता है।

आढ़तियों ने ली राहत की सांस
नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश मित्तल ने कहा कि सरकार से जो भी मांग थी, उसे पूरा कर दिया गया है। अब तक आढ़तियों की ऑनलाइन खरीद के लिए तैयारी पूरी नहीं थी। इसलिए आढ़तियों को राहत मिलेगी। इसके लिए आढ़ती सरकार के आभारी हैं।

जल्दी खरीद शुरू होने की नहीं है अभी कोई उम्मीद
करीब सप्ताह भर से धान की आवक शुरू हो गई है। करीब एक लाख 59 हजार हेक्टेयर में जिले में धान की रोपाई की गई है। जिसमें से अगेती किस्म की 1509 व अन्य किस्मों की धान की आवक शुरू हो गई है। अभी इस धान को निजी व्यापारी ही खरीद रहे हैं। किसानों की मांग है कि जब धान की आवक शुरू हो गई है तो 1 अक्टूबर से खरीद शुरू किए जाने का क्या औचित्य है। अभी से धान की खरीद की जाए। अनाज मंडी में इस समय लगभग 40 हजार बोरी धान की आवक हो रही है। आढ़ती ओमप्रकाश ने बताया कि अभी तक सरकार ने यह भी स्थित स्पष्ट नहीं की कि 1509 किस्म की धान अबकी बार भी सरकार खरीद करेगी या नहीं। सरकार के द्वारा किसानों की धान की खरीद के आदेश एक अक्तूबर से शुरू करने के आदेश आए हैं।

सरकार के आदेशानुसार सीजन में ऑनलाइन व सीधे दोनों तरीके से धान की खरीद की जाएगी। सरकार ने इसके लिए मंजूरी दे दी है। अधिक से अधिक आढ़तियों को धान की ऑनलाइन खरीद के लिए प्रेरित किया जाएगा। लेकिन जो आढ़ती सीधी खरीद करना चाहता है, वह कर सकता है। करनाल में हुई बैठक में सरकार ने इसकी अनुमति दी है। अभी तक एक अक्तूबर को ही धान की खरीद शुरू किए जाने के आदेश हैं।

संजीव सचदेवा, सचिव मार्केट कमेटी, कैथल।

डीसी ने किया स्पष्ट, एक अक्तूबर से होगी धान की खरीद
जिले में धान की सरकारी खरीद का कार्य जिला की सभी मंडियों में 1 अक्टूबर से सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा किया जाएगा। सरकार द्वारा पीआर जीरी ग्रेड ए का सरकारी खरीद रेट 1510 रुपये प्रति क्विंटल तथा कॉमन जीरी का सरकारी खरीद रेट 1470 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा सभी मंडियों में धान खरीद के आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। किसानों का भी आह्वान है कि वे धान की कच्ची फसल की कटाई न करें तथा रात का कंबाईन से फसल की कटाई न करवाएं। उन्होंने कहा कि सभी किसान अपनी जीरी की फसल को सुखाकर एवं साफ-सुथरा करके लेकर आएं, ताकि जीरी की खरीद में कोई परेशानी न हो। सरकार द्वारा जीरी में 17 प्रतिशत तक नमी निर्धारित की गई है तथा इससे अधिक नमी वाली जीरी की खरीद सरकारी खरीद एजैंसियों द्वारा नही की जाएगी।
डीसी, रविप्रकाश गुप्ता।
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