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Kaithal News: चीका के बसंती माता मंदिर में उमड़े श्रद्धालु
Wed, 27 Mar 2024 03:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 27 Mar 2024 03:20 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला/चीका। पिहोवा रोड स्थित माता बसंती मंदिर चीका में वार्षिक मेले का आयोजन हुआ। माता को बाजरा, मीठी रोटी, मीठे चावल, गुड़, आटा, छोलिया (हरे चने पौधे सहित), कच्ची लस्सी और कच्चे दूध, इत्यादि सामान का भोग लगाया।
बताया जाता है कि छोलिया चढ़ाने से घर में खुशहाली आती है, कच्ची लस्सी चढ़ाने से घर में सुख शांति रहती है तथा गुड़, मीठी रोटी, मीठे चावल चढ़ाने से मन की इच्छा की पूर्ति होती हैं। तथा अपने परिवार की सलामती एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
बसंती माता मंदिर व अखाड़ा कमेटी की ओर से श्रद्धालुओं के लिए उचित व्यवस्था की गई। कमेटी के सदस्य सुखा पहलवान, दर्शन सिंह, संदीप सिंह पहलवान, अशोक कुमार, काला राम ने बताया कि हर साल होली के बाद आने वाला प्रथम मंगलवार व सप्तम को लगने वाले इस मेले में शहरभर से समस्त श्रद्धालु मंदिर में मीठे गुलगुले का प्रसाद चढ़ाने आते हैं। उन्होंने बताया कि यह मंदिर एकमात्र प्राचीन मंदिर है। इस प्राचीन मंदिर को विशेष रूप से सजाय है। मंदिरों में मंगलवार के दिन माता के भक्तों की भारी भीड़ लगी रही। उन्होंने बताया कि ऐसी मान्यता है कि माता की पूजा करने व प्रसाद चढ़ाने से परिवार को खसरा और चेचक के प्रकोप से बचाने की मन्नत मांगी जाती है। मेले में दूरदराज से श्रद्धालु व नवदंपती सुखी खुशहाल जीवन की कामना के साथ आकर प्रसाद चढ़ाते हैं। श्रद्धालुओं ने प्रसाद चढ़ाने व पूजा अर्चना के बाद मंदिर परिसर के बाहर लगे मेले में जमकर खूब खरीदारी की।
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गुहला/चीका। पिहोवा रोड स्थित माता बसंती मंदिर चीका में वार्षिक मेले का आयोजन हुआ। माता को बाजरा, मीठी रोटी, मीठे चावल, गुड़, आटा, छोलिया (हरे चने पौधे सहित), कच्ची लस्सी और कच्चे दूध, इत्यादि सामान का भोग लगाया।
बताया जाता है कि छोलिया चढ़ाने से घर में खुशहाली आती है, कच्ची लस्सी चढ़ाने से घर में सुख शांति रहती है तथा गुड़, मीठी रोटी, मीठे चावल चढ़ाने से मन की इच्छा की पूर्ति होती हैं। तथा अपने परिवार की सलामती एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
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बसंती माता मंदिर व अखाड़ा कमेटी की ओर से श्रद्धालुओं के लिए उचित व्यवस्था की गई। कमेटी के सदस्य सुखा पहलवान, दर्शन सिंह, संदीप सिंह पहलवान, अशोक कुमार, काला राम ने बताया कि हर साल होली के बाद आने वाला प्रथम मंगलवार व सप्तम को लगने वाले इस मेले में शहरभर से समस्त श्रद्धालु मंदिर में मीठे गुलगुले का प्रसाद चढ़ाने आते हैं। उन्होंने बताया कि यह मंदिर एकमात्र प्राचीन मंदिर है। इस प्राचीन मंदिर को विशेष रूप से सजाय है। मंदिरों में मंगलवार के दिन माता के भक्तों की भारी भीड़ लगी रही। उन्होंने बताया कि ऐसी मान्यता है कि माता की पूजा करने व प्रसाद चढ़ाने से परिवार को खसरा और चेचक के प्रकोप से बचाने की मन्नत मांगी जाती है। मेले में दूरदराज से श्रद्धालु व नवदंपती सुखी खुशहाल जीवन की कामना के साथ आकर प्रसाद चढ़ाते हैं। श्रद्धालुओं ने प्रसाद चढ़ाने व पूजा अर्चना के बाद मंदिर परिसर के बाहर लगे मेले में जमकर खूब खरीदारी की।
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