{"_id":"b2fbc68f99eedda53433fe62a44f7258","slug":"dengue-hindi-news-2","type":"story","status":"publish","title_hn":"घरों में ही पल रहा मौत का मच्छर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घरों में ही पल रहा मौत का मच्छर
अमर उजाला ब्यूरो/कैथल
Updated Wed, 16 Sep 2015 11:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोगों के घरों में ही ‘मौत का मच्छर’ पल रहा है। जागरूक करने के सरकारी प्रयासों के बावजूद लोग इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर के निर्देशन में अमरगढ़ गामड़ी की गली नंबर 0 में जांच अभियान चलाया गया। यहां करीब हर घर के कूलर में डेंगू का लारवा मिला।
कैथल में करीब 70 से अधिक डेंगू के मरीज मिलने पर बुधवार को विभाग के डिप्टी डायरेक्टर कैथल पहुंचे। उन्हाेंने अधिकारियों से आवश्यक जानकारी जुटाकर अभियान की समीक्षा की। उन्होंने अमरगढ़ गामड़ी में स्वास्थ्य कर्मियों के साथ जांच अभियान चलाया।
यहां करीब हर घर के कूलर में डेंगू का लारवा मिला। लारवा भी इतनी अधिक संख्या में था कि यदि ये सारे मच्छरों में तब्दील हो जाएं तो पूरी कॉलोनी को डेंगू की चपेट में ले सकते हैं। एक जगह तो यह स्कूल के समीप मिला। जिसे विभागीय अधिकारियों ने दवा का छिड़काव कर नष्ट किया। सीएमओ डॉ. आरके पूनिया ने बताया कि अमरगढ़ गामड़ी की गली नंबर जीरो में लगभर हर घर में डेंगू का लारवा मिला है।
विज्ञापन
इस बारे में लोगों को जानकारी देकर इसे नष्ट कराया गया। लोगों को चाहिए कि वह कम से कम अपने घर में तो इस मच्छर को नहीं पनपने दें। यदि लोग अपने घरों में लापरवाही के चलते इस मच्छर को पालेंगे तो फोगिंग से भी कोई लाभ नहीं होने वाला। कूलर के पानी को हर सप्ताह बदलने से भी कुछ नहीं होता, जब तक एक बार उसे अच्छी तरह से खाली करके उसकी तलहटी को साफ न कर दें। इसकी तलहटी में जो हलका-फूलका रेत व गंदगी रहती है। उसी में यह पनप रहा है। इतनी बड़ी मात्रा में लारवा पाया जाना खतरनाक है। यह पूरी कॉलोनी को चपेट में ले सकता है।
विभाग के डायरेक्टर डॉ. योगेश ने बताया कि लोग खुद ही इस मच्छर को एक तरह से घरों में पनाह दे रहे हैं। इसीलिए सबसे पहले लोगों को घरों में ही इस मच्छर के लारवा को नष्ट करना होगा। तभी इससे बचाव हो सकेगा।
अब तक 70 से ज्यादा मरीज
जिले में अभी तक डेंगू के 70 से अधिक मरीज सामने आ चुके हैं। वहीं 200 से अधिक का टेस्ट हो चुका है। कई नए संदिग्ध मरीजों के टेस्ट भी किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
कैथल में करीब 70 से अधिक डेंगू के मरीज मिलने पर बुधवार को विभाग के डिप्टी डायरेक्टर कैथल पहुंचे। उन्हाेंने अधिकारियों से आवश्यक जानकारी जुटाकर अभियान की समीक्षा की। उन्होंने अमरगढ़ गामड़ी में स्वास्थ्य कर्मियों के साथ जांच अभियान चलाया।
विज्ञापन
यहां करीब हर घर के कूलर में डेंगू का लारवा मिला। लारवा भी इतनी अधिक संख्या में था कि यदि ये सारे मच्छरों में तब्दील हो जाएं तो पूरी कॉलोनी को डेंगू की चपेट में ले सकते हैं। एक जगह तो यह स्कूल के समीप मिला। जिसे विभागीय अधिकारियों ने दवा का छिड़काव कर नष्ट किया। सीएमओ डॉ. आरके पूनिया ने बताया कि अमरगढ़ गामड़ी की गली नंबर जीरो में लगभर हर घर में डेंगू का लारवा मिला है।
विज्ञापन
इस बारे में लोगों को जानकारी देकर इसे नष्ट कराया गया। लोगों को चाहिए कि वह कम से कम अपने घर में तो इस मच्छर को नहीं पनपने दें। यदि लोग अपने घरों में लापरवाही के चलते इस मच्छर को पालेंगे तो फोगिंग से भी कोई लाभ नहीं होने वाला। कूलर के पानी को हर सप्ताह बदलने से भी कुछ नहीं होता, जब तक एक बार उसे अच्छी तरह से खाली करके उसकी तलहटी को साफ न कर दें। इसकी तलहटी में जो हलका-फूलका रेत व गंदगी रहती है। उसी में यह पनप रहा है। इतनी बड़ी मात्रा में लारवा पाया जाना खतरनाक है। यह पूरी कॉलोनी को चपेट में ले सकता है।
विभाग के डायरेक्टर डॉ. योगेश ने बताया कि लोग खुद ही इस मच्छर को एक तरह से घरों में पनाह दे रहे हैं। इसीलिए सबसे पहले लोगों को घरों में ही इस मच्छर के लारवा को नष्ट करना होगा। तभी इससे बचाव हो सकेगा।
अब तक 70 से ज्यादा मरीज
जिले में अभी तक डेंगू के 70 से अधिक मरीज सामने आ चुके हैं। वहीं 200 से अधिक का टेस्ट हो चुका है। कई नए संदिग्ध मरीजों के टेस्ट भी किए जा रहे हैं।