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Kaithal News: धान की खरीद 15 से शुरू करने की मांग, किसानों ने लघु सचिवालय का घेराव कर सौंपा ज्ञापन
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मांगों को लेकर प्रदर्शन करते किसान। संवाद
कैथल। धान की खरीद 15 सितंबर से शुरू करने और नमी की निर्धारित सीमा बढ़ाने समेत विभिन्न मांगों के लिए सोमवार को भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर से जुड़े किसानों ने लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में किसान लघु सचिवालय पार्क में एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए मुख्य गेट तक पहुंचे। प्रदर्शन के बाद किसानों ने जिला प्रशासन को सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन की अगुवाई भाकियू एकता सिद्धूपुर के स्टेट कन्वीनर होशियार गिल ने की। किसानों ने मांग की कि धान की खरीद 15 सितंबर से सुचारू रूप से शुरू की जाए और धान में नमी की अधिकतम सीमा 17 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत की जाए। इसके अलावा गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल करने और इकबालपुर शुगर मिल में पिछले नौ वर्षों से किसानों की बकाया राशि का भुगतान कराने की मांग भी उठाई।
होशियार गिल ने कहा कि केंद्रीय बजट 2025 में किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने की घोषणा की गई थी लेकिन अभी तक इस संबंध में आवश्यक अधिसूचना और दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए हैं। उन्होंने घोषणा को तुरंत लागू करने की मांग की।
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फसल पंजीकरण के लिए पोर्टल दोबारा खोलने की मांग
किसानों ने कहा कि तकनीकी और अन्य कारणों से बड़ी संख्या में किसान खरीफ फसल का पंजीकरण नहीं करा पाए हैं। ऐसे किसानों के लिए मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल दोबारा खोलने की मांग की गई। साथ ही आगामी रबी सीजन में डीएपी और यूरिया की पर्याप्त एवं समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग रखी।
किसानों ने हिसार, हांसी, जींद, फतेहाबाद और सिरसा समेत अन्य प्रभावित क्षेत्रों को सूखाग्रस्त घोषित कर मुआवजा देने, हाईटेंशन बिजली लाइनों से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने और जमीनों की मार्केट वैल्यू पारदर्शी तरीके से निर्धारित करने की मांग भी की। किसानों ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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प्रदर्शन की अगुवाई भाकियू एकता सिद्धूपुर के स्टेट कन्वीनर होशियार गिल ने की। किसानों ने मांग की कि धान की खरीद 15 सितंबर से सुचारू रूप से शुरू की जाए और धान में नमी की अधिकतम सीमा 17 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत की जाए। इसके अलावा गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल करने और इकबालपुर शुगर मिल में पिछले नौ वर्षों से किसानों की बकाया राशि का भुगतान कराने की मांग भी उठाई।
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होशियार गिल ने कहा कि केंद्रीय बजट 2025 में किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने की घोषणा की गई थी लेकिन अभी तक इस संबंध में आवश्यक अधिसूचना और दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए हैं। उन्होंने घोषणा को तुरंत लागू करने की मांग की।
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फसल पंजीकरण के लिए पोर्टल दोबारा खोलने की मांग
किसानों ने कहा कि तकनीकी और अन्य कारणों से बड़ी संख्या में किसान खरीफ फसल का पंजीकरण नहीं करा पाए हैं। ऐसे किसानों के लिए मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल दोबारा खोलने की मांग की गई। साथ ही आगामी रबी सीजन में डीएपी और यूरिया की पर्याप्त एवं समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग रखी।
किसानों ने हिसार, हांसी, जींद, फतेहाबाद और सिरसा समेत अन्य प्रभावित क्षेत्रों को सूखाग्रस्त घोषित कर मुआवजा देने, हाईटेंशन बिजली लाइनों से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने और जमीनों की मार्केट वैल्यू पारदर्शी तरीके से निर्धारित करने की मांग भी की। किसानों ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

मांगों को लेकर प्रदर्शन करते किसान। संवाद