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Kaithal News: धान सीजन से पहले खाद की व्यवस्था करने की मांग
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पाई। भारतीय किसान यूनियन ने सरकार से मांग की है कि धान सीजन के दौरान किसानों को मिलने वाली डीएपी और यूरिया खाद निजी दुकानों के बजाय सहकारी समितियों के माध्यम से उपलब्ध करवाई जाए। यूनियन के राष्ट्रीय सलाहकार अजीत सिंह हाबड़ी और कार्यकारी प्रधान बलवान सिंह पाई ने कहा कि वर्तमान में सरकार की ओर से डीएपी और यूरिया खाद निजी दुकानों पर भेजी जाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई दुकानदार किसानों को खाद देने के साथ अन्य कृषि उत्पाद या सामान भी खरीदने के लिए मजबूर करते हैं। यदि किसान अतिरिक्त सामान लेने से इन्कार करता है तो उसे खाद देने से मना कर दिया जाता है। किसान नेताओं ने कहा कि लगभग एक महीने बाद धान की बुवाई का कार्य शुरू हो जाएगा। इस दौरान किसानों को सबसे पहले डीएपी और उसके बाद यूरिया खाद की आवश्यकता होती है। ऐसे में सरकार को अभी से दोनों खादों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए।
उन्होंने मांग करते हुए कहा कि डीएपी और यूरिया खाद का वितरण निजी दुकानों के बजाय सहकारी समितियों के माध्यम से किया जाए। यदि कोई किसान नकद भुगतान कर खाद खरीदना चाहता है, तो उसे भी सोसाइटियों के जरिये ही खाद उपलब्ध करवाई जाए। इससे खाद वितरण में पारदर्शिता आएगी और किसानों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी।
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उन्होंने आरोप लगाया कि कई दुकानदार किसानों को खाद देने के साथ अन्य कृषि उत्पाद या सामान भी खरीदने के लिए मजबूर करते हैं। यदि किसान अतिरिक्त सामान लेने से इन्कार करता है तो उसे खाद देने से मना कर दिया जाता है। किसान नेताओं ने कहा कि लगभग एक महीने बाद धान की बुवाई का कार्य शुरू हो जाएगा। इस दौरान किसानों को सबसे पहले डीएपी और उसके बाद यूरिया खाद की आवश्यकता होती है। ऐसे में सरकार को अभी से दोनों खादों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए।
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उन्होंने मांग करते हुए कहा कि डीएपी और यूरिया खाद का वितरण निजी दुकानों के बजाय सहकारी समितियों के माध्यम से किया जाए। यदि कोई किसान नकद भुगतान कर खाद खरीदना चाहता है, तो उसे भी सोसाइटियों के जरिये ही खाद उपलब्ध करवाई जाए। इससे खाद वितरण में पारदर्शिता आएगी और किसानों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी।
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