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Kaithal News: होम लोन माफी की मांग खारिज, उपभोक्ता आयोग ने शिकायत की निरस्त
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कैथल। जिला उपभोक्ता फोरम ने होम लोन से जुड़ी बीमा पॉलिसी के आधार पर पूरा ऋण माफ करने की मांग करने वाली एक विधवा महिला की शिकायत खारिज कर दी। आयोग ने माना कि बीमा कंपनी ने पॉलिसी की शर्तों के अनुसार देय राशि का भुगतान कर दिया था और बाद में ऋण खाते का एकमुश्त समझौते (ओटीएस) के जरिये निपटारा भी हो चुका था। इसलिए शिकायत निरर्थक हो गई।
शिकायतकर्ता कमला देवी ने बताया था कि उनके पति कर्म सिंह ने वर्ष 2022 में करीब 19.93 लाख रुपये का होम लोन लिया था। इसके साथ सुपर प्रोटेक्ट क्रेडिट इंश्योरेंस पॉलिसी भी ली गई थी। मार्च 2024 में बीमारी से करम सिंह की मृत्यु के बाद बीमा कंपनी ने करीब 13.98 लाख रुपये फाइनेंस कंपनी को दिए लेकिन शेष राशि की मांग जारी रही। महिला का आरोप था कि बैंक ने अतिरिक्त राशि वसूलने के साथ नो ड्यूज प्रमाणपत्र भी जारी नहीं किया।
फाइनेंस कंपनी ने आयोग को बताया कि बीमा राशि समायोजित करने के बाद भी ऋण खाते में करीब 7.44 लाख रुपये बकाया थे। बाद में परिजनों के अनुरोध पर ओटीएस के तहत 4.60 लाख रुपये जमा कराकर खाता बंद कर दिया गया और मूल दस्तावेज लौटा दिए गए। आयोग ने दोनों पक्षों के रिकॉर्ड की जांच के बाद शिकायत बिना किसी लागत के खारिज कर दी।
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शिकायतकर्ता कमला देवी ने बताया था कि उनके पति कर्म सिंह ने वर्ष 2022 में करीब 19.93 लाख रुपये का होम लोन लिया था। इसके साथ सुपर प्रोटेक्ट क्रेडिट इंश्योरेंस पॉलिसी भी ली गई थी। मार्च 2024 में बीमारी से करम सिंह की मृत्यु के बाद बीमा कंपनी ने करीब 13.98 लाख रुपये फाइनेंस कंपनी को दिए लेकिन शेष राशि की मांग जारी रही। महिला का आरोप था कि बैंक ने अतिरिक्त राशि वसूलने के साथ नो ड्यूज प्रमाणपत्र भी जारी नहीं किया।
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फाइनेंस कंपनी ने आयोग को बताया कि बीमा राशि समायोजित करने के बाद भी ऋण खाते में करीब 7.44 लाख रुपये बकाया थे। बाद में परिजनों के अनुरोध पर ओटीएस के तहत 4.60 लाख रुपये जमा कराकर खाता बंद कर दिया गया और मूल दस्तावेज लौटा दिए गए। आयोग ने दोनों पक्षों के रिकॉर्ड की जांच के बाद शिकायत बिना किसी लागत के खारिज कर दी।
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