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Kaithal News: गर्मी के चलते और डेंगू सीजन से पहले नारियल पानी की मांग बढ़ी
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सड़क किनारे रखे हुए नारियल। संवाद
कैथल। भीषण गर्मी, बढ़ती उमस और बरसात के मौसम से पहले डेंगू के खतरे के बीच जिले में नारियल पानी की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कारोबारियों के अनुसार इस वर्ष गर्मी ज्यादा रहने के कारण जून माह में नारियल की बिक्री पिछले साल की तुलना में लगभग दोगुनी रही है। मांग बढ़ने से कारोबार के साथ-साथ कीमतों में भी इजाफा हुआ है। व्यापारियों के अनुसार पिछले वर्ष जून में एक कारोबारी प्रतिदिन औसतन 250 से 350 नारियल बेचता था, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 500 से 700 तक पहुंच गई है। जिले के करीब 20 बड़े कारोबारियों नारियल पानी बेचने का काम करते हैं। प्रतिदिन लगभग आठ हजार नारियल की बिक्री हो रही है। औसतन 80 रुपये प्रति नारियल के हिसाब से जिले में रोजाना करीब 6.40 लाख रुपये का कारोबार हो रहा है। पूरे महीने में यह कारोबार लगभग 1.92 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। मांग बढ़ने के साथ कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। पिछले वर्ष जहां एक नारियल औसतन 60 रुपये में बिकता था, वहीं इस बार इसकी कीमत करीब 80 रुपये तक पहुंच गई है। इसके बावजूद ग्राहकों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है।
दूसरे राज्यों से आ रहा
कारोबारियों का कहना है कि कैथल में बिकने वाला अधिकांश नारियल केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, उड़ीसा और आंध्र प्रदेश से ट्रकों के माध्यम से आता है। बढ़ती मांग को देखते हुए नारियल की गाड़ी जल्दी- जल्दी मंगवानी पड़ रही है जिससे बाजार में आपूर्ति लगातार बनी हुई है। व्यापारियों का मानना है कि यदि जुलाई और अगस्त में गर्मी और उमस का असर जारी रहा तो बिक्री में और तेजी आ सकती है। व्यापारियों के अनुसार परिवहन खर्च और खरीद दर में वृद्धि के कारण खुदरा कीमतें बढ़ी हैं।
स्वास्थ्य के प्रति बढ़ी जागरूकता
नारियल कारोबारी संदीप कुमार ने बताया कि अब लोग केवल स्वाद के लिए नहीं, बल्कि शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट की कमी पूरी करने के उद्देश्य से भी नारियल पानी खरीद रहे हैं। सुबह से देर शाम तक ग्राहकों की अच्छी आवाजाही बनी रहती है। उनका कहना है कि लोगों में स्वास्थ्य के प्रति बढ़ी जागरूकता का सीधा असर बिक्री पर दिखाई दे रहा है।
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कोल्ड ड्रिंक की जगह नारियल पानी
शहर निवासी रीना गोयल ने बताया कि परिवार ने गर्मी के मौसम में कोल्ड ड्रिंक की बजाय नारियल पानी को प्राथमिकता देना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि बरसात के दौरान संक्रमण और डेंगू जैसी बीमारियों की आशंका को देखते हुए लोग पहले से अधिक सतर्क हैं और प्राकृतिक पेय पदार्थों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं।
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दूसरे राज्यों से आ रहा
कारोबारियों का कहना है कि कैथल में बिकने वाला अधिकांश नारियल केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, उड़ीसा और आंध्र प्रदेश से ट्रकों के माध्यम से आता है। बढ़ती मांग को देखते हुए नारियल की गाड़ी जल्दी- जल्दी मंगवानी पड़ रही है जिससे बाजार में आपूर्ति लगातार बनी हुई है। व्यापारियों का मानना है कि यदि जुलाई और अगस्त में गर्मी और उमस का असर जारी रहा तो बिक्री में और तेजी आ सकती है। व्यापारियों के अनुसार परिवहन खर्च और खरीद दर में वृद्धि के कारण खुदरा कीमतें बढ़ी हैं।
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स्वास्थ्य के प्रति बढ़ी जागरूकता
नारियल कारोबारी संदीप कुमार ने बताया कि अब लोग केवल स्वाद के लिए नहीं, बल्कि शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट की कमी पूरी करने के उद्देश्य से भी नारियल पानी खरीद रहे हैं। सुबह से देर शाम तक ग्राहकों की अच्छी आवाजाही बनी रहती है। उनका कहना है कि लोगों में स्वास्थ्य के प्रति बढ़ी जागरूकता का सीधा असर बिक्री पर दिखाई दे रहा है।
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कोल्ड ड्रिंक की जगह नारियल पानी
शहर निवासी रीना गोयल ने बताया कि परिवार ने गर्मी के मौसम में कोल्ड ड्रिंक की बजाय नारियल पानी को प्राथमिकता देना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि बरसात के दौरान संक्रमण और डेंगू जैसी बीमारियों की आशंका को देखते हुए लोग पहले से अधिक सतर्क हैं और प्राकृतिक पेय पदार्थों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं।