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Kaithal News: बाढ व बारिश में डूबीं फसलें, मुआवजे की उम्मीद में सूख रहीं आंखें
Sat, 08 Nov 2025 01:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 08 Nov 2025 01:49 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला चीका। बारिश व नदियों में पहाड़ों से आए पानी के कारण खेतों में जलभराव से प्रभावित हुई धान व अन्य फसलों का मुआवजा किसानों को अभी तक नहीं मिला है। सरकार की ओर से किसानों को दिवाली से पहले मुआवजा देने का वादा किया था। अभी किसान मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं।
गुहला चीका क्षेत्र में 90 गांवों के 5096 से ज्यादा किसानों ने लगभग 40 हजार एकड़ का ऑनलाइन ई क्षतिपूर्ति पर बारिश या बाढ़ से हुए नुकसान को लेकर मुआवजे के लिए आवेदन किया था। इन आवेदन के बाद अब पटवारियों की ओर से फसल का सर्वे किया गया। इनमें मुख्य रूप से बौने पौधे व हल्दी रोग के एरिया के किसानों ने धान की फसलों को लेकर आवेदन किया है। वहीं, घग्गर से आई बाढ़ से मुख्य रूप से धान की फसल को नुकसान देखने को मिला है। ऐसे में इन दो फसलों के किसानों ने मुख्य रूप से आवेदन किया है। कृषि विभाग उपमंडल अधिकारी डॉ. कंचन शर्मा ने बताया कि गुहला चीका क्षेत्र में लगभग 119120 एकड़ भूमि में धान की फसल की रोपाई हुई थी। और लगभग 10 हजार 250 एकड़ में फिजी वायरस बौने पौधा नामक बीमारी रिपोर्ट दर्ज की गई है।
जमीन ठेके पर लेने वाले तो कर्जदार हो जाएंगे
प्रति एकड़ धान तैयार करने पर 20-25 हजार रुपये खर्च आ जाता है। जमीन का ठेका भी 60 से 70 हजार एकड़ प्रति वर्ष का चल रहा है। अब खेतों में धान कम निकला है तथा सरकार ने अभी तक बाढ़ व बारिश के कारण जलभराव का मुआवजा नहीं दिया है इसी कारण जमीन ठेके पर लेने वाले किसान के हाथ तो कुछ नहीं आएगा।
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- हरजिंदर नंबरदार, युवा भाकियू नेता, चीका।
मुख्यमंत्री ने किसानों को दीपावली से पहले मुआवजा देने का भरोसा दिलाया था लेकिन अब दीपावली को लगभग सवा महीना बीत चुका हैं और राहत की कोई सूचना नहीं मिली। केवल आश्वासन से फसलें नहीं बोई जा सकतीं, पता नहीं सरकार कब राशि जारी करेगी।
- जरनैल सिंह जैली, सदस्य, आईटी सेल भाकियू चढूनी।
ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर राजस्व विभाग की ओर से आवेदन लिए गए थे। मुआवजे की राशि कब आएगी, इस बारे में वह ही जानकारी दे सकते हैं।
डाॅ. कंचन शर्मा, एसडीओ , कृषि एवं कल्याण विभाग चीका।
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गुहला चीका। बारिश व नदियों में पहाड़ों से आए पानी के कारण खेतों में जलभराव से प्रभावित हुई धान व अन्य फसलों का मुआवजा किसानों को अभी तक नहीं मिला है। सरकार की ओर से किसानों को दिवाली से पहले मुआवजा देने का वादा किया था। अभी किसान मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं।
गुहला चीका क्षेत्र में 90 गांवों के 5096 से ज्यादा किसानों ने लगभग 40 हजार एकड़ का ऑनलाइन ई क्षतिपूर्ति पर बारिश या बाढ़ से हुए नुकसान को लेकर मुआवजे के लिए आवेदन किया था। इन आवेदन के बाद अब पटवारियों की ओर से फसल का सर्वे किया गया। इनमें मुख्य रूप से बौने पौधे व हल्दी रोग के एरिया के किसानों ने धान की फसलों को लेकर आवेदन किया है। वहीं, घग्गर से आई बाढ़ से मुख्य रूप से धान की फसल को नुकसान देखने को मिला है। ऐसे में इन दो फसलों के किसानों ने मुख्य रूप से आवेदन किया है। कृषि विभाग उपमंडल अधिकारी डॉ. कंचन शर्मा ने बताया कि गुहला चीका क्षेत्र में लगभग 119120 एकड़ भूमि में धान की फसल की रोपाई हुई थी। और लगभग 10 हजार 250 एकड़ में फिजी वायरस बौने पौधा नामक बीमारी रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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जमीन ठेके पर लेने वाले तो कर्जदार हो जाएंगे
प्रति एकड़ धान तैयार करने पर 20-25 हजार रुपये खर्च आ जाता है। जमीन का ठेका भी 60 से 70 हजार एकड़ प्रति वर्ष का चल रहा है। अब खेतों में धान कम निकला है तथा सरकार ने अभी तक बाढ़ व बारिश के कारण जलभराव का मुआवजा नहीं दिया है इसी कारण जमीन ठेके पर लेने वाले किसान के हाथ तो कुछ नहीं आएगा।
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- हरजिंदर नंबरदार, युवा भाकियू नेता, चीका।
मुख्यमंत्री ने किसानों को दीपावली से पहले मुआवजा देने का भरोसा दिलाया था लेकिन अब दीपावली को लगभग सवा महीना बीत चुका हैं और राहत की कोई सूचना नहीं मिली। केवल आश्वासन से फसलें नहीं बोई जा सकतीं, पता नहीं सरकार कब राशि जारी करेगी।
- जरनैल सिंह जैली, सदस्य, आईटी सेल भाकियू चढूनी।
ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर राजस्व विभाग की ओर से आवेदन लिए गए थे। मुआवजे की राशि कब आएगी, इस बारे में वह ही जानकारी दे सकते हैं।
डाॅ. कंचन शर्मा, एसडीओ , कृषि एवं कल्याण विभाग चीका।