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फर्जी जमानत करवाने पर वकील समेत पांच पर केस
ब्यूरो, अमर उजाला कैथल
Updated Wed, 04 Nov 2015 12:39 AM IST
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कोर्ट में किसी दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर धोखे से जमानत करवाने के मामले में सिविल लाइन पुलिस ने वकील सहित पांच के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर किया है। गांव सिरटा निवासी वेदपाल ने बताया कि उसके नाम कैथल कोर्ट से एसीजीएम तरणजीत कौर का सम्मन आया। जिसमें धीरज बनाम सूबे सिंह केस में जमानती पाया गया।
वेदपाल ने बताया कि उसने आजतक किसी व्यक्ति की जमानत नहीं दी। न ही वह किसी सूबे सिंह को जानता है। जमानत के तौर पर 10 साल पहले बेचे गए 180 गज के प्लॉट की रजिस्ट्री की कॉपी लगा रखी है। जमानत में लगा एक भी कागज उसका नहीं है। जिस प्लॉट की रजिस्ट्री जमानत में लगाई गई है। वर्ष 2004 में इस प्लॉट को सरदार तोता सिंह को बेच दिया था।
तोता सिंह ने कुछ लोगों के साथ मिलकर इस रजिस्ट्री को जमानत में प्रयोग करना शुरू कर दिया था। इसका नकली राशन कार्ड बना लिया गया और आरोपी जमानत दिलवाने के लिए रजिस्ट्री प्रयोग करने लग गया। जब तोता सिंह यूपी के लोगों की जमानत करवाने एक वकील के पास गया त्ब् वकील ने शक होने प्श्र रजिस्ट्री अपने पास रख ली।
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वकील ने वेद प्रकाश से संपर्क कर रजिस्ट्री देनी चाही लेकिन वेद प्रकाश ने लेने से मना कर दिया। वेदप्रकाश ने बताया कि उसने 10 साल पहले जमीन बेच दी है। वह जमीन उसकी नहीं है। वेद प्रकाश ने पूरे मामले की सूचना सिविल लाइन पुलिस को दी।
सिविल लाइन पुलिस ने वेद प्रकाश की शिकायत पर तोता सिंह, ज्ञान सिंह, फोटो देकर जमानत देने वाले अज्ञात व्यक्ति, एडवोकेट रविंद्र जांगड़ा, एक सरकारी ऑफिसर जिसने कागजों की जांच की है, के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।
सिविल लाइन थाना प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि पुलिस ने पांच के खिलाफ नकली कागजात प्रयोग में लाकर जमानत करवाने के मामले में धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।
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वेदपाल ने बताया कि उसने आजतक किसी व्यक्ति की जमानत नहीं दी। न ही वह किसी सूबे सिंह को जानता है। जमानत के तौर पर 10 साल पहले बेचे गए 180 गज के प्लॉट की रजिस्ट्री की कॉपी लगा रखी है। जमानत में लगा एक भी कागज उसका नहीं है। जिस प्लॉट की रजिस्ट्री जमानत में लगाई गई है। वर्ष 2004 में इस प्लॉट को सरदार तोता सिंह को बेच दिया था।
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तोता सिंह ने कुछ लोगों के साथ मिलकर इस रजिस्ट्री को जमानत में प्रयोग करना शुरू कर दिया था। इसका नकली राशन कार्ड बना लिया गया और आरोपी जमानत दिलवाने के लिए रजिस्ट्री प्रयोग करने लग गया। जब तोता सिंह यूपी के लोगों की जमानत करवाने एक वकील के पास गया त्ब् वकील ने शक होने प्श्र रजिस्ट्री अपने पास रख ली।
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वकील ने वेद प्रकाश से संपर्क कर रजिस्ट्री देनी चाही लेकिन वेद प्रकाश ने लेने से मना कर दिया। वेदप्रकाश ने बताया कि उसने 10 साल पहले जमीन बेच दी है। वह जमीन उसकी नहीं है। वेद प्रकाश ने पूरे मामले की सूचना सिविल लाइन पुलिस को दी।
सिविल लाइन पुलिस ने वेद प्रकाश की शिकायत पर तोता सिंह, ज्ञान सिंह, फोटो देकर जमानत देने वाले अज्ञात व्यक्ति, एडवोकेट रविंद्र जांगड़ा, एक सरकारी ऑफिसर जिसने कागजों की जांच की है, के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।
सिविल लाइन थाना प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि पुलिस ने पांच के खिलाफ नकली कागजात प्रयोग में लाकर जमानत करवाने के मामले में धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।