फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   scam involving fake No Objection Certificates (NOCs) has been exposed in Pundri municipality of Kaithal

Kaithal: नगरपालिका पूंडरी में फर्जी एनडीसी का खेल बेनकाब, लाल डोरे की संपत्तियों में बड़े फर्जीवाड़े के आरोप

Sun, 14 Dec 2025 08:51 AM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, पूंडरी (कैथल)
संवाद न्यूज एजेंसी, पूंडरी (कैथल) Published by: नवीन दलाल Updated Sun, 14 Dec 2025 08:51 AM IST
सार

शमशेर सिंह का कहना है कि यदि उनकी संपत्ति किसी अन्य व्यक्ति के नाम बेची गई होती, तो खरीद-बिक्री से संबंधित कागजात, स्टांप शुल्क और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं जरूर मौजूद होतीं, लेकिन ऐसा कोई भी दस्तावेज रिकॉर्ड में नहीं है।

विज्ञापन
scam involving fake No Objection Certificates (NOCs) has been exposed in Pundri municipality of Kaithal
जानकारी देते हुए शिकायतकर्ता शमशेर सिंह। - फोटो : संवाद

विस्तार

नगरपालिका पूंडरी में लाल डोरे की संपत्तियों पर फर्जी नो ड्यूज़ प्रमाणपत्र (एनडीसी) जारी करने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि लंबे समय से नगरपालिका में इस तरह का फर्जीवाड़ा चल रहा है, लेकिन शिकायतें बार-बार उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस पूरे मामले ने नगरपालिका और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

विज्ञापन


गांव पबनावा निवासी शमशेर सिंह ने मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल, तहसीलदार और अन्य संबंधित अधिकारियों को दी शिकायत में बताया कि पूंडरी स्थित उनकी लाल डोरे की संपत्ति पर ‘ईश्वर’ नामक व्यक्ति के नाम से फर्जी नो ड्यूज़ प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया। शमशेर सिंह का कहना है कि उक्त संपत्ति उनकी निजी है, जिसे उन्होंने न तो किसी को बेचा है और न ही किसी प्रकार का अधिकार हस्तांतरित किया है। इसके बावजूद फर्जी एनडीसी तैयार कर रिकॉर्ड में हेराफेरी कर दी गई।
विज्ञापन


शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब उन्होंने इस फर्जी एनडीसी को लेकर नगरपालिका कर्मचारियों से जवाब मांगा, तो उन्होंने जिम्मेदारी से बचते हुए सारा दोष सर्वे करने वाली निजी कंपनी ‘याशी’ पर डाल दिया। जबकि दस्तावेजों के अनुसार यह सर्वे वर्ष 2022 में तत्कालीन नगरपालिका सचिव सहित अन्य अधिकारियों द्वारा विधिवत रूप से सत्यापित किया गया था। ऐसे में कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठना लाजमी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सबसे गंभीर आरोप यह है कि फर्जी नो ड्यूज़ प्रमाणपत्र के आधार पर वर्ष 2023 में तत्कालीन तहसीलदार द्वारा संपत्ति की रजिस्ट्री भी कर दी गई। बिना किसी वैध मालिकाना हक, बिक्री दस्तावेज, स्टांप ड्यूटी या अन्य कानूनी औपचारिकताओं के रजिस्ट्री होना सीधे तौर पर नगरपालिका और राजस्व विभाग के सरकारी रिकॉर्ड में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की ओर इशारा करता है।

शमशेर सिंह का कहना है कि यदि उनकी संपत्ति किसी अन्य व्यक्ति के नाम बेची गई होती, तो खरीद-बिक्री से संबंधित कागजात, स्टांप शुल्क और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं जरूर मौजूद होतीं, लेकिन ऐसा कोई भी दस्तावेज रिकॉर्ड में नहीं है। इससे पूरे मामले में अधिकारियों और दलालों की मिलीभगत की आशंका और मजबूत हो जाती है।

उन्होंने बताया कि करीब एक माह पहले उन्होंने इस मामले की शिकायत राज्य उप-पंजीयक अधिकारी, कैथल को भी दी थी, लेकिन आज तक कोई जवाब नहीं मिला। इसके अलावा विभिन्न विभागों में आरटीआई लगाई गईं, जिनका भी कोई जवाब नहीं दिया गया। मजबूर होकर उन्होंने राज्य सूचना आयोग, चंडीगढ़ में भी शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित का कहना है कि अपनी ही संपत्ति को बचाने के लिए उसे लगातार दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हो रही।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार शिकायतें सामने आ चुकी हैं, जिनमें किसी और की जमीन पर पैसे लेकर किसी अन्य व्यक्ति के नाम नो ड्यूज़ प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाता है। लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।


अधिकारी के अनुसार
नगरपालिका सचिव नरेश कुमार ने कहा कि उनसे पहले के ऐसे एक मामले की जांच डीसी कार्यालय में चल रही है। यदि उनके पास कोई भी शिकायत आती है तो उसकी विभागीय जांच करवाई जाती है। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि जिन लोगों की लाल डोरे की जमीन या प्लॉट हैं, वे अपने दस्तावेज सही तरीके से दर्ज करवाएं और यदि कहीं कोई त्रुटि है तो उसे समय रहते ठीक करवा लें। -नरेश कुमार, सचिव, नगरपालिका पूंडरी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed