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अब तक नहीं आया होश, न मिले गहने
ब्यूरो/अमर उजाला/कैथ्ाल
Updated Tue, 19 Jan 2016 11:45 PM IST
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सोमवार को अस्पताल में इलाज के लिए आईं मां-बेटी को बेहोश करके गहने चुराने के मामले में मंगलवार को सीएमओ डॉ. वंदना भाटिया ने राजौंद पहुंचकर मामले की जांच की। वहीं पीड़ित मां-बेटी को अब तक होश नहीं आया है। उन्हें पीजीआई रोहतक रेफर किया गया है।
राजौंद पहुंचीं सीएमओ ने महिलाओं के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की कमी और अन्य कमियों को दूर करने का भरोसा दिया। लोगों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नियुक्त चिकित्सक के स्थानांतरण की मांग की। सीएमओ ने नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। वहीं भाजपा के स्थानीय निगरानी कमेटी अध्यक्ष संदीप ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई ठोस कदम न उठाने पर रोष जताया।
पीड़ित महिलाओं के परिजन महिपाल और बालकू राम ने बताया कि अब तक पूरे घटनाक्रम पर न तो पुलिस और न ही स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। मां-बेटी कुछ भी बताने में असमर्थ हैं। इस संबंध में थाना प्रभारी करतार सिंह ने कहा कि जैसे ही दोनों महिलाएं बयान देने की स्थिति में होगी उसी समय कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
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मालूम हो कि राजौंद निवासी मां-बेटी सोमवार सुबह दवा लेने के लिए सरकारी अस्पताल में आई थीं, जब वे साढ़े तीन बजे तक घर नहीं लौटी तो परिजनों ने उनकी तलाश की। बाद में वे अस्पताल में अचेतावस्था में मिली थीं। परिजनों ने इस मामले में रोष प्रकट करते हुए जाम भी लगाया था।
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राजौंद पहुंचीं सीएमओ ने महिलाओं के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की कमी और अन्य कमियों को दूर करने का भरोसा दिया। लोगों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नियुक्त चिकित्सक के स्थानांतरण की मांग की। सीएमओ ने नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। वहीं भाजपा के स्थानीय निगरानी कमेटी अध्यक्ष संदीप ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई ठोस कदम न उठाने पर रोष जताया।
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पीड़ित महिलाओं के परिजन महिपाल और बालकू राम ने बताया कि अब तक पूरे घटनाक्रम पर न तो पुलिस और न ही स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। मां-बेटी कुछ भी बताने में असमर्थ हैं। इस संबंध में थाना प्रभारी करतार सिंह ने कहा कि जैसे ही दोनों महिलाएं बयान देने की स्थिति में होगी उसी समय कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
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मालूम हो कि राजौंद निवासी मां-बेटी सोमवार सुबह दवा लेने के लिए सरकारी अस्पताल में आई थीं, जब वे साढ़े तीन बजे तक घर नहीं लौटी तो परिजनों ने उनकी तलाश की। बाद में वे अस्पताल में अचेतावस्था में मिली थीं। परिजनों ने इस मामले में रोष प्रकट करते हुए जाम भी लगाया था।