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चोरों की स्पीड पुलिस से आठ गुणा से भी ज्यादा
Updated Sun, 16 Jul 2017 11:27 PM IST
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चोरों की स्पीड पुलिस से आठ गुना से भी ज्यादा
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जिले में पुलिस मोटरसाइकिल चोरी रोकने में नाकाम साबित हो रही है। चोरी हुए मोटरसाइकिलों व बरामद हुए मोटरसाइकिलों की संख्या का हिसाब लगाया जाए तो चोरों की स्पीड पुलिस से आठ गुना ज्यादा है। पिछले छह महीने में पुलिस ने केवल 28 मोटर साइकिल बरामद की है। जबकि इसके मुकाबले अभी तक 10 जुलाई तक 210 मोटरसाइकिल चोरी हो चुकी है। सबसे अधिक मोटरसाइकिल सिविल लाइन थाना पुलिस स्टेशन के क्षेत्र से चोरी हो रही हैं। चोरी की वारदातों का समय दिन में कुछ निश्चित घंटे होने के बावजूद पुलिस ऐसा तंत्र विकसित नहीं कर पा रही है कि चोर काबू में आ जाएं।
यह है पिछले छह महीने में बाइक चोरी की स्थिति-
1. जनवरी 25
2. फरवरी 32
3. मार्च 30
4. अप्रैल 27
5. मई 41
6. जून 31
जुलाई माह में अभी तक 25 मोटरसाइकिल चोरी हो चुकी है।
इस एरिया में चोर बनाते हैं बाइक को निशाना
शहर में प्रतिदिन लघु सचिवालय, बस स्टैंड के आस-पास का इलाका, सामान्य अस्पताल, चिल्ड्रन पार्क, सेक्टर-19 व 20 के अलावा करनाल रोड, अंबाला रोड सहित जवाहर पार्क के आस-पास के क्षेत्र से चोर बाइक चोरी करते हैं।
कुछ पुलिसकर्मियों की मिलीभगत का भी है लोगों को अंदेशा
पिछले छह महीने में 200 से अधिक मोटरसाइकिल चोरी होने व केवल 28 मोटरसाइकिल बरामद हुई हैं। इस तरह से अंदाजा लगाया जा सकता है कि चोर पुलिस से करीब 8 गुणा स्पीड से बाइक चोरी में लगे हुए हैं। लोगों को अब यह भी अंदेशा है कि कुछ पुलिस कर्मचारियों का भी चोरों को संरक्षण प्राप्त हो सकता है।
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दिन के समय होती हैं ज्यादा चोरियां
दिन में सुबह 11 बजे से लेकर 3 बजे के बीच में ही अधिकतर बाइक चोरी होती हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि चोर एक निश्चित समय में बाइक चोरी कर रहे हैं। इसके बावजूद सख्त कार्रवाई ना होना भी लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
खुले बाजार में पुर्जा-पुर्जा कर बेची जाती है मोटर साइकिल
बाजार के सूत्र तो यह भी बता रहे हैं कि जो बाइक चोरी होती है, उसे कैथल शहर सहित आस-पास के शहरों में पुर्जा-पुर्जा करके बेच दिया जाता है। जिस कारण भी चोर पकड़ से बाहर रहते हैं। लेकिन लंबे समय से चल रहे इस गोरखधंधे का आज तक खुलासा नहीं हो पा रहा है। चोर बाइक के टायर, पहिए, इंजन का सामान सभी अलग-अगल करके बेचते हैं।
शहरवासी राजू ने बताया कि उनके कार्यालय के सामने से करीब एक साल पहले बाइक चोरी हुई थी। उसका आज तक कोई अता-पता नहीं है। इसी प्रकार से महेंद्र खन्ना के अनुसार उसके घर के सामने से करीब ढेड़ साल पहले बाइक चोरी हुई थी, वह आज तक बरामद नहीं हुई।
एसएचओ सिविल लाइन थाना का कहना है कि चोरों को पकड़ने के लिए टीम का गठन किया जाएगा। काफी संख्या में बाइक बरामद भी की गई हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जिले में पुलिस मोटरसाइकिल चोरी रोकने में नाकाम साबित हो रही है। चोरी हुए मोटरसाइकिलों व बरामद हुए मोटरसाइकिलों की संख्या का हिसाब लगाया जाए तो चोरों की स्पीड पुलिस से आठ गुना ज्यादा है। पिछले छह महीने में पुलिस ने केवल 28 मोटर साइकिल बरामद की है। जबकि इसके मुकाबले अभी तक 10 जुलाई तक 210 मोटरसाइकिल चोरी हो चुकी है। सबसे अधिक मोटरसाइकिल सिविल लाइन थाना पुलिस स्टेशन के क्षेत्र से चोरी हो रही हैं। चोरी की वारदातों का समय दिन में कुछ निश्चित घंटे होने के बावजूद पुलिस ऐसा तंत्र विकसित नहीं कर पा रही है कि चोर काबू में आ जाएं।
यह है पिछले छह महीने में बाइक चोरी की स्थिति-
1. जनवरी 25
2. फरवरी 32
3. मार्च 30
4. अप्रैल 27
5. मई 41
6. जून 31
जुलाई माह में अभी तक 25 मोटरसाइकिल चोरी हो चुकी है।
इस एरिया में चोर बनाते हैं बाइक को निशाना
शहर में प्रतिदिन लघु सचिवालय, बस स्टैंड के आस-पास का इलाका, सामान्य अस्पताल, चिल्ड्रन पार्क, सेक्टर-19 व 20 के अलावा करनाल रोड, अंबाला रोड सहित जवाहर पार्क के आस-पास के क्षेत्र से चोर बाइक चोरी करते हैं।
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कुछ पुलिसकर्मियों की मिलीभगत का भी है लोगों को अंदेशा
पिछले छह महीने में 200 से अधिक मोटरसाइकिल चोरी होने व केवल 28 मोटरसाइकिल बरामद हुई हैं। इस तरह से अंदाजा लगाया जा सकता है कि चोर पुलिस से करीब 8 गुणा स्पीड से बाइक चोरी में लगे हुए हैं। लोगों को अब यह भी अंदेशा है कि कुछ पुलिस कर्मचारियों का भी चोरों को संरक्षण प्राप्त हो सकता है।
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दिन के समय होती हैं ज्यादा चोरियां
दिन में सुबह 11 बजे से लेकर 3 बजे के बीच में ही अधिकतर बाइक चोरी होती हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि चोर एक निश्चित समय में बाइक चोरी कर रहे हैं। इसके बावजूद सख्त कार्रवाई ना होना भी लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
खुले बाजार में पुर्जा-पुर्जा कर बेची जाती है मोटर साइकिल
बाजार के सूत्र तो यह भी बता रहे हैं कि जो बाइक चोरी होती है, उसे कैथल शहर सहित आस-पास के शहरों में पुर्जा-पुर्जा करके बेच दिया जाता है। जिस कारण भी चोर पकड़ से बाहर रहते हैं। लेकिन लंबे समय से चल रहे इस गोरखधंधे का आज तक खुलासा नहीं हो पा रहा है। चोर बाइक के टायर, पहिए, इंजन का सामान सभी अलग-अगल करके बेचते हैं।
शहरवासी राजू ने बताया कि उनके कार्यालय के सामने से करीब एक साल पहले बाइक चोरी हुई थी। उसका आज तक कोई अता-पता नहीं है। इसी प्रकार से महेंद्र खन्ना के अनुसार उसके घर के सामने से करीब ढेड़ साल पहले बाइक चोरी हुई थी, वह आज तक बरामद नहीं हुई।
एसएचओ सिविल लाइन थाना का कहना है कि चोरों को पकड़ने के लिए टीम का गठन किया जाएगा। काफी संख्या में बाइक बरामद भी की गई हैं।