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एसडीएम कोर्ट ने डेरे के रिकॉर्ड अनुसार महंत दूजपुरी को माना महंत
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एसडीएम कोर्ट ने डेरे के रिकॉर्ड अनुसार महंत दूजपुरी को माना महंत
शीघ्र दिलवाया जाएगा कब्जा, पुलिस सहायता ना मिलने के कारण शुक्रवार को नहीं मिला कब्जा
फोटो संख्या-48
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गांव बाबा लदाना स्थित बाबा राजपुरी के डेरे में महंत को लेकर एसडीएम कोर्ट ने फैसला पूर्व महंत दूजपुरी के पक्ष में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने बाबा दूजपुरी को महंत बताते हुए उन्हें डेरे की कमान सौंपने के आदेश भी दिए हैं। फैसला आते ही महंत दूजपुरी एवं उनके समर्थक श्रद्वालु डेरे पर प्रशासन से कब्जे लेने के लिए पूरा दिन प्रशासनिक कार्य पूरा करते हुए पुलिस की मदद से डेरे की कब्जे की कार्रवाई में व्यस्त रहे। लेकिन सुरक्षा ना मिलने के कारण कब्जा नहीं लिया जा सका।
विदित रहे कि पिछले साल मई माह में यह विवाद शुरू हुआ था। उस समय महंत दूजपुरी द्वारा डेरा छोडक़र चले जाने के बाद ग्रामीणों द्वारा 6 मई 2018 को बाबा प्रेमपुरी को डेरा बाबा राजपुरी का महंत नियुक्त किया गया था। इसके बाद कुछ श्रद्धालुओं ने एसडीएम अदालत द्वारा यथास्थिति बरकरार रखते हुए सुनवाई शुरू की थी। बाद में फिर से महंत दूजपुरी के लौट आने एवं विवाद बढऩे की आशंका को देखते हुए 30 अगस्त 2018 को डेरे पर कब्जा ले लिया था और डेरे के लिए प्रशासन की ओर से ऑब्जर्वर नियुक्त कर दिया था। नायब तहसीलदार ईश्वर ङ्क्षसह डेरे की कमान संभाले हुए हैं। एसडीएम कमलप्रीत कौर ने कहा कि दोनों पक्षों की बहस सुनी गई और सबूत देखे गए। राजस्व रिकार्ड में भी महंत दूजपुरी का कब्जा चला आ रहा है। आढ़ती के जे-फार्म, जमीन पर पुराना कब्जे व दूजपुरी द्वारा त्यागपत्र दिया जाना साबित नहीं हुआ। इसलिए डेरे व डेरे की जमीन पर कब्जा नियमनुसार मोहतमीम महंत दूजपुरी शिष्य महंत ओमपुरी को दिए जाने के आदेश पारित किए हैं। इस आदेश के बाद दिन भर महंत व उनके समर्थक पुलिस सहायता के लिए प्रयास करते रहे। लेकिन उन्हें पुलिस सुरक्षा नहीं मिल पाई।
महंत के साथ इस मौके पर सुरेश पूर्व सरपंच, पंडित सुबे राम जिला उपाध्यक्ष सर्व ब्राह्मण सभा कैथल, प्रमोद शर्मा, शमशेर, रघबीर शर्मा, रामबूल शर्मा, रघबीर सैनी, रामकुमार शर्मा, ओमप्रकाश, धर्मा, राजेंद्र शर्मा, हुकम चंद, महाबीर पूर्व सरपंच मौजूद रहे।
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एसएचओ रोहताश कुमार ने बताया कि अचानक सुरक्षा उपलब्ध नहीं करवाई जा सकी। शीघ्र ही कोर्ट के आदेशों की पालना की जाएगी।
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शीघ्र दिलवाया जाएगा कब्जा, पुलिस सहायता ना मिलने के कारण शुक्रवार को नहीं मिला कब्जा
फोटो संख्या-48
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गांव बाबा लदाना स्थित बाबा राजपुरी के डेरे में महंत को लेकर एसडीएम कोर्ट ने फैसला पूर्व महंत दूजपुरी के पक्ष में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने बाबा दूजपुरी को महंत बताते हुए उन्हें डेरे की कमान सौंपने के आदेश भी दिए हैं। फैसला आते ही महंत दूजपुरी एवं उनके समर्थक श्रद्वालु डेरे पर प्रशासन से कब्जे लेने के लिए पूरा दिन प्रशासनिक कार्य पूरा करते हुए पुलिस की मदद से डेरे की कब्जे की कार्रवाई में व्यस्त रहे। लेकिन सुरक्षा ना मिलने के कारण कब्जा नहीं लिया जा सका।
विदित रहे कि पिछले साल मई माह में यह विवाद शुरू हुआ था। उस समय महंत दूजपुरी द्वारा डेरा छोडक़र चले जाने के बाद ग्रामीणों द्वारा 6 मई 2018 को बाबा प्रेमपुरी को डेरा बाबा राजपुरी का महंत नियुक्त किया गया था। इसके बाद कुछ श्रद्धालुओं ने एसडीएम अदालत द्वारा यथास्थिति बरकरार रखते हुए सुनवाई शुरू की थी। बाद में फिर से महंत दूजपुरी के लौट आने एवं विवाद बढऩे की आशंका को देखते हुए 30 अगस्त 2018 को डेरे पर कब्जा ले लिया था और डेरे के लिए प्रशासन की ओर से ऑब्जर्वर नियुक्त कर दिया था। नायब तहसीलदार ईश्वर ङ्क्षसह डेरे की कमान संभाले हुए हैं। एसडीएम कमलप्रीत कौर ने कहा कि दोनों पक्षों की बहस सुनी गई और सबूत देखे गए। राजस्व रिकार्ड में भी महंत दूजपुरी का कब्जा चला आ रहा है। आढ़ती के जे-फार्म, जमीन पर पुराना कब्जे व दूजपुरी द्वारा त्यागपत्र दिया जाना साबित नहीं हुआ। इसलिए डेरे व डेरे की जमीन पर कब्जा नियमनुसार मोहतमीम महंत दूजपुरी शिष्य महंत ओमपुरी को दिए जाने के आदेश पारित किए हैं। इस आदेश के बाद दिन भर महंत व उनके समर्थक पुलिस सहायता के लिए प्रयास करते रहे। लेकिन उन्हें पुलिस सुरक्षा नहीं मिल पाई।
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महंत के साथ इस मौके पर सुरेश पूर्व सरपंच, पंडित सुबे राम जिला उपाध्यक्ष सर्व ब्राह्मण सभा कैथल, प्रमोद शर्मा, शमशेर, रघबीर शर्मा, रामबूल शर्मा, रघबीर सैनी, रामकुमार शर्मा, ओमप्रकाश, धर्मा, राजेंद्र शर्मा, हुकम चंद, महाबीर पूर्व सरपंच मौजूद रहे।
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एसएचओ रोहताश कुमार ने बताया कि अचानक सुरक्षा उपलब्ध नहीं करवाई जा सकी। शीघ्र ही कोर्ट के आदेशों की पालना की जाएगी।